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कपल ने छपवाया ‘वॉट्सऐप थीम’ का वेडिंग कार्ड, हुआ वायरल

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Wedding-card

जैसे-जैसे समय बदलता रहा है वैसे लोग भी एडवांस होते जा रहे है। आज का दौर सोशल मीडिया का है तो लोग भी उसी अंदाज को अपना रहे हैं।

अब तक वॉट्सऐप से लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करने के लिए इस्तेमाल करते थे। लेकिन गुजरात के एक कपल ने टेक्नॉलजी और सोशल मीडिया से अपना प्यार इस तरह जाहिर किया कि देखने वाला हर कोई कह उठा, ‘प्यार हो तो ऐसा।’

दोनों ने सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज को ध्यान में रखते हुए वॉट्सऐप स्टाइल में शादी का कार्ड तैयार करवाया है। ये परिवार सूरत का रहना वाला है। दरअसल देसाई परिवार ने अपनी बेटी की शादी का कार्ड ‘वॉट्सऐप’ फॉर्मेट में छपवाया है।

शादी के कार्ड कवर पर वॉट्सऐप का सिम्बल छपा है और उसके अंदर भगवान गणेश के फोटो को प्रथमिकता दी गई है। अनलॉक वेडिंग के नीचे शादी की तारीख 19.02.2019 लिखी गई है और उसके नीचे पासवर्ड पैटर्न का सिम्बॉल छपा है।

पहले पेज पर जिनकी शादी है, उन दोनों का वॉट्सऐप ग्रुप क्र‍िएट किया गया है। दूसरे पेज पर वर-वधू शादी के इस कार्ड पर ऑनलाइन एक-दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं।

तीसरे पेज पर जिन्हें शादी का कार्ड देना है, उन्हें ऑनलाइन बताकर शादी में आने के लिए आमंत्रण संदेश लिखा है। इसी तरह चौथे पेज पर ‘we are family’ नाम से एक ग्रुप बनाया गया है, जिसके नीचे फैमलि मेंबर्स के नाम लिखे हैं।

अगले पेज पर वर-वधू ऑनलाइन देखकर एक-दूसरे से कवितारूपी शब्दों से बात करते नजर आ रहे हैं। शादी के WhatsApp स्टाइल के फार्मेट में कार्ड बनवाने वाली आरजू और उनके होने वाले पति चिंतन के इस अनोखे कार्ड की चर्चा सिर्फ सूरत ही नहीं बल्‍क‍ि सोशल मीडिया पर भी चर्चा जोरों पर हो रही है।

शादी के कार्ड तो कई तरह के स्टाइल में लोगों ने देखे लेकिन दावा किया जा रहा है कि WhatsApp फार्मेट में बना ये शादी का पहला कार्ड है। देसाई परिवार के इस अनोखे शादी के कार्ड को लेकर पूरा परिवार काफ़ी खुश है। इसलिए भी क्योंकि कार्ड में परंपरागत भाषा और शब्दों का प्रयोग किया गया है।

फरवरी में होनी है शादी

चिंतन को यह कार्ड डिजाइन करने में एक हफ्ते का समय लगा। वह बताते हैं कि शुरुआत में यह सिर्फ उनका और आरजू का आइडिया था, लेकिन फाइनल प्रॉडक्ट फैमिली को भी बहुत अच्छा लगा और सब इसे लेकर एक्साइटेड हैं।

चिंतन और आरजू फरवरी में एकदूसरे के होने जा रहे हैं। सभी कार्ड्स छपकर आ चुके हैं और उन्हें रिलेटिव्स को भेजने की तैयारी चल रही है।

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Holi 2019: इन गानों के बिना अधूरी हैं होली…

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Holi song
File Photo

होली का त्योहार आते ही देशभर में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ने लगती हैं। होली रंगो और गानों के बिना मनाना लगभग नामुमकिन है।

होली के गीतों से त्योहार में डबल मजा आ जाता हैं। नाच गानों की महफिल और सभी रंगों में सराबोर हो जाते हैं। बॉलीवुड में भी हमेशा से ही ऐसे तमाम गाने फिल्माए गए हैं जो होली पर आधारित हैं।

ये गाने आज भी काफी ज्यादा सुने जाते हैं। होली के मौके पर सूने ये नए और पुराने कुछ शानदार गाने।

https://www.youtube.com/watch?v=-GPAzK1hMfg

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लाइफस्टाइल

बुंदेलखंड में अब बदला है होली के हुड़दंग का ढंग

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प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में हर तीज-त्योहार मनाने के अलग-अलग रिवाज रहे हैं। अब होली को ही ले लीजिए।

करीब एक दशक पूर्व तक होलिका दहन के बाद रात में गांवों के ‘लंबरदार’ अपने यहां ‘चौहाई’ (मजदूरी) करने वाले चुपके से दलितों के घरों में मरे मवेशियों की हड्डी, मल-मूत्र और गंदा पानी फेंका करते थे, इसे ‘हुड़दंग’ कहा जाता रहा है।

लेकिन इसे कानून की सख्ती कहें या सामाजिक जागरूकता, यह दशकों पुराना गैर सामाजिक रिवाज अब बंद हो चुका है। होली में ‘हुड़दंग’ सभी से सुना होगा, लेकिन बुंदेली हुड़दंग के बारे में शायद ही सबको पता हो। एक दशक पूर्व तक महिला और पुरुषों की अलग-अलग टोलियों में ढोलक, मजीरा और झांज के साथ होली गीत गाते हुए होलिका तक जाते थे और गांव का चौकीदार होलिका दहन करता था।

यहां खास बात यह थी कि होलिका दहन करने से पूर्व सभी महिलाएं लौटकर अपने घर चली आती थीं। तर्क दिया जाता था कि होलिका एक महिला थी, महिला को जिंदा जलते कोई महिला कैसे देख सकती है?

होलिका दहन के बाद शुरू होता था ‘होली का हुड़दंग’। गांव के लंबरदार (काश्तकार) मरे मवेशियों की हड्डियां, मल-मूत्र व गंदा पानी अपने साथ लाकर अपने यहां चौहाई (मजदूरी) करने वाले दलित के दरवाजे और आंगन में फेंक देते थे।

सुबह दलित दंपति उसे समेट कर डलिया में भर कर और लंबरदार को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उनके दरवाजे में फेंक देते। दलित मनचाही बख्शीस (इनाम) मिलने के बाद ही हुड़दंग का कचरा उठाकर गांव के बाहर फेंकने जाया करते थे। दलितों को बख्शीस के तौर पर काफी कुछ मिला भी करता था।

बांदा जिले के तेंदुरा का कलुआ बताते हैं कि उनके बाबा पंचा को लंबरदार नखासी सिंह ने हुड़दंग की बक्शीस में दो बीघा खेत हमेशा के लिए दे दिया था, जिस पर वह आज भी काबिज हैं। अब वह किसी की चौहाई नहीं करते।

हालांकि ‘हुड़दंग’ जैसी इस गैर सामाजिक परंपरा की कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुरजोर मुखालफत भी की और इसके खिलाफ एक अभियान चलाया। इनमें ‘जल पुरुष’ राजेंद्र सिंह के शिष्य सुरेश रैकवार (निवासी तेंदुरा गांव) का नाम सबसे आगे आता है।

बकौल सुरेश, “हुड़दंग एक गैर सामाजिक परंपरा थी, जो मानवाधिकारों का भी उल्लंघन करती थी। वह कहते हैं कि इसकी आड़ में दलितों की आबरू से भी खिलवाड़ किया जाता था जिसका विरोध करने पर कथित लंबरदार जानलेवा हमला भी कर देते थे। तेंदुरा गांव में ही हुड़दंग का विरोध करने पर अमलोहरा रैदास को गोली मार दी गई थी, जिससे उसे अपना एक हाथ कटाना पड़ा था।”

बांदा के पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा कहते हैं, “होली का त्योहार भाईचारे का त्योहार है, प्रेम से रंग-गुलाल लगाया जा सकता है। कानून हुड़दंग (उपद्रव) करने की इजाजत नहीं देता है। अगर किसी ने भी होली की आड़ में गैर कानूनी कदम उठाया तो उसकी खैर नहीं होगी। सभी थानाध्यक्षों और गांवों में तैनात चौकीदारों को अराजकतत्वों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।”

–आईएएनएस

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लाइफस्टाइल

इन बीमारियों को दूर करता है चुकंदर का जूस

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beetroot juice
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ज्यादातर आप चुकंदर का इस्तेमाल सलाद बनाने के लिए करते हैं। कुछ लोग चुकंदर मूली के साथ खाते हैं। इतना नहीं कुछ को चुकंदर का जूस पीना भी पसंद होता है।

अगर आप चुकंदर को अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो इससे आपकी सेहत को फायदे होगा। क्योंकि चुकंदर खाने या उसका जूस पीने से आपके शारीर में तेजी से खून बढ़ता है। ये खून के बढ़ाने के साथ-साथ आपका शुगर लेवल कंट्रोल करता है।

क्योंकि चुकंदर में सोडियम और पोटेशियम फास्फोरस अदि तत्व पाए जाते हैं। इससे आपके शरीर में ताकत आती है और बीमारियों से भी दूर रहते हैं।

आइए हम आपको बताते हैं कि चुकंदर खाने के क्या-क्या फायदा होता है।

एनिमिया

शारीर में खून की कमी होना एनिमिया कहलाता है। हमारे शारीर में पर्याप्त मात्रा में खून होना ज़रूरी होता है। अगर आपके शारीर में खून की कमी है तो आप चुकंदर के जरिए उसे पूरा कर सकते हैं।

थकान करे दूर

आज की भागदौड़ की जिंदगी में हमें बहुत जल्दी थकान हो जाती है। ऐसे में अगर आप चुकंदर का सेवन करेंगे तो इससे आपकी सेहत को बहुत फायदा होगा। चुकंदर आपके शारीर के रोगों को दूर करता है साथ ही बॉडी में एनर्जी पैदा करता है। चुकंदर का जूस आपकी सारी थकान मिटा देता है।

ब्लड शुगर लेवल कम करें

अगर आपको ब्लड शुगर की बीमारी है तो आपके लिए चुकंदर का सेवन करना बेहद लाभकारी है।

कब्ज से राहत

अगर आपको पेट की समस्या है तो आप के लिए चुकंदर का सेवन करना चाहिए ये पेट को सही करने के लिए सबसे बेहतर दावा है। इसका जूस पीने से आपका वजन भी कम होता है।

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