हिंसा के खिलाफ JNU छात्रों का मार्च, कैंपस के बाहर पुलिस तैनात | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

राष्ट्रीय

हिंसा के खिलाफ JNU छात्रों का प्रदर्शन

Published

on

Jawaharlal Nehru University
PHOTO CREDIT ANI

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्याल में हुए हमले के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों का मार्च शुरू हो गया है। दिल्ली पुलिस की ओर से छात्रों को मार्च की इजाजत नहीं मिली है। छात्रों की मांग है कि जेएनयू वीसी को पद से हटाया जाए।

WeForNews

ब्लॉग

वित्तमंत्री का क़बूलनामा: बैंकों को भी डराती हैं CBI, CVC और CAG जैसी संस्थाएँ

Published

on

Nirmala Sitharam

भारत के संवैधानिक, क़ानूनी और सरकारी ढाँचे को जानने-समझने वाले लोग वैसे तो इतना जानते ही हैं कि CBI, CVC और CAG जैसी शीर्ष संस्थाएँ केन्द्र सरकार के इशारे पर ही काम करती हैं। इनकी निष्पक्षता और स्वायत्तता ‘हाथी के दिखाने वाले दाँतों’ की तरह ही रही हैं। इसलिए भी इन्हें केन्द्र सरकार के ‘दबंग सरकारी लठैतों’ की तरह देखा जाता रहा है। सरकारी दबंगों की इस बिरादरी में ही पुलिस के अलावा आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (IT & ED) का नाम भी शुमार रहा है। लेकिन अब कोरोना पैकेज़ के बहाने ख़ुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने CBI, CVC और CAG को लेकर लगाये जाने वाले तमाम आरोप और तथ्यों की परोक्ष रूप से पुष्टि कर दी है।

दरअसल, बीजेपी के प्रवक्ता नलिन कोहली को 23 मई को दिये एक ऑनलाइन वीडियो इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने बताया कि बैंकों को ये निर्देश दिया गया है कि ‘वो तीनों Cs यानी CBI, CVC और CAG से बेख़ौफ़ होकर ‘योग्य ग्राहकों’ को स्वचालित ढंग से कर्ज़ बाँटते जाएँ।’ सीतारमन ने बताया कि उन्होंने 22 मई को सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के CEOsऔर MDs को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि कोरोना पैकेज़ में जिस सेक्टरों के लिए सरकार ने 100 फ़ीसदी की गारंटी दी है, उसे लेकर बैंकों को किसी से डरने की ज़रूरत नहीं है। बीजेपी ने इस इंटरव्यू को पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है।

वित्तमंत्री ने बैंकों में बैठे डर को ख़त्म करने के बाबत साफ़ किया कि ‘यदि लोन देने का फ़ैसला आगे चलकर ग़लत साबित हुआ और इससे बैंकों को नुकसान हुआ, तो इस नुक़सान की भरपाई सरकार करेगी। किसी भी बैंक अधिकारी को दोषी नहीं ठहराया जाएगा। इसीलिए वो निडर होकर योग्य ग्राहकों को ‘अतिरिक्त टर्म लोन या अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल लोन’ जिसके लिए भी वो सुपात्र हों, उन्हें लोन देते जाएँ।’

दरअसल, प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री ने जैसे उत्साह से ‘आओ क़र्ज़ा लो’ की ‘थीम’ पर आधारित कोरोना पैकेज़ का ऐलान किया था, वैसा उत्साह जब ग्राहकों में ही नहीं उमड़ रहा है तो बैंकों में कहाँ से नज़र आएगा? 21 लाख करोड़ रुपये के पैकेज़ में लघु, छोटे और मझोले उद्यमियों (MSME) के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) शामिल है।

वित्तमंत्री जानती हैं कि बैंक अधिकारी ‘तेज़ी से सही फ़ैसले’ इसलिए नहीं ले पाते क्योंकि उन्हें केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI), केन्द्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का ख़ौफ़ सताता रहता है कि ज़रा सी चूक हुई नहीं कि ये तीनों संस्थाएँ उन्हें धर दबोचेंगी। यहाँ सोचने वाली बात तो ये भी है कि बैंकों के अफ़सरों का डर नाहक तो नहीं हो सकता। आख़िर, वो भी तो दिन-रात इन तीनों संस्थाओं का रवैया और तेवर देखते ही रहे होंगे।

बैंक के अफ़सरों की भी कुछ आपबीती होगी, कुछ निजी तज़ुर्बा ज़रूर रहा होगा। वर्ना, ‘पक्की’ नौकरी कर रहे बैंकों के अफ़सर लोन बाँटने से भला क्यों डरते? वो इतने नादान भी नहीं हो सकते कि रस्सी को साँप समझ लें। लोन बाँटना उनका पेशेवर काम है। कर्तव्य है। इसे वो सालों-साल से करते आये हैं। इसके बावजूद यदि उनमें कोई डर समा गया है तो फिर इसकी कोई न कोई ठोस वजह ज़रूर होगी।

साफ़ है कि निर्मला सीतारमन बैंकिंग सेक्टर की अन्दर की बातों से वाफ़िक थीं। तभी तो उन्होंने सफ़ाई दी कि वित्त मंत्रालय ने अपनी कई ऐसी अधिसूचनाओं को वापस ले लिया है जिसकी वजह से बैंक अधिकारियों में CBI, CVC और CAG का डर बैठ गया था। साफ़ है कि बैंक के अफ़सरों का डर पूरी तरह से वाजिब था। वर्ना, सरकार अपनी ही अधिसूचनाओं को वापस क्यों लेती? अपने क़दम पीछे क्यों खींचती? मज़े की बात ये है कि बीते 7-8 महीने के दौरान भयभीत बैंक अफ़सरों को ख़ुद वितमंत्री तीन बार कह चुकी हैं कि उन्हें ‘3-Cs’ से नहीं डरना चाहिए।

अब ज़रा सोचिए कि यदि वस्तुस्थिति वाक़ई डरने लायक़ नहीं होती तो क्या बैंक अफ़सरों के मन से CBI, CVC और CAG का डर निकल नहीं गया होता! यदि वित्तमंत्री ही अपने बैंक अफ़सरों के मन से डरावने ख़्याल नहीं निकाल पा रहीं तो समस्या कितनी गम्भीर होगी। दरअसल, ECLGS पैकेज़ का सीधा सा नज़रिया है कि ‘यदि किसी कम्पनी ने बैंक से एक निश्चित सीमा तक लोन लिया है, या उसमें एक निश्चित सीमा तक निवेश हुआ है, या उसका एक निश्चित टर्नओवर है, तो यदि वो लॉकडाउन से बने हालात के बाद अपने कारोबार को फिर से चालू करने के लिए अतिरिक्त टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल ले सकते हैं।’

वित्त मंत्रालय की इस नीति और इससे जुड़े ऐलान का एक स्याह पक्ष ये भी बैंकों के कर्ज़ो पर वसूला जाने वाला ब्याज़ दर क़तई रियायती नहीं है। चरामरा चुकी अर्थव्यवस्था में जब आमदनी औंधे मुँह गिरी पड़ी हो तब ऊँची ब्याज़ दरों पर बैंकों से पैसा उठाना और फिर इसकी किस्तें भरना आसान नहीं है। फिर भी वित्तमंत्री को उम्मीद है कि ‘पहली जून से बिना किसी कोलैटरल (यानी गिरवी या गारंटी) वाली नगदी का बैंकों से प्रवाह शुरू हो जाएगा।’ कर्ज़ के प्रवाह की रफ़्तार से जल्द ही पता चल जाएगा कि वास्तव में ज़मीनी स्तर पर बैंकों के अफ़सर कितना निडर हो पाये!

दरअसल, CBI, CVC और CAG से भी बढ़कर बैंकों को अपने नये NPA (डूबा कर्ज़) की चिन्ता खाये जा रही है। सरकार सिर्फ़ मौजूदा पैकेज़ वाले फंड को लेकर ही तो गारंटी दे रही है। जबकि बैंक तो अपने ही पुराने कर्ज़ों को लेकर मातम मना रहे हैं। इसकी सीधी सी वजह है कि NPA के बढ़ने से बैंकों की साख गिरती है। बैंकों के सरकारी होने के नाते सरकारें आम जनता के टैक्स के पैसों से बैंकों के नुक़सान की भरपाई देर-सबेर भले ही कर दे। लेकिन बैंकों को अपनी साख सुधारने में बहुत वक़्त लगता है।

इसी प्रसंग में ये समझना ज़रूरी है कि 21 लाख करोड़ रुपये के कोरोना पैकेज़ में 19 लाख करोड़ रुपये की ऐसी पेशकश हैं जिन्हें कर्ज़ की योजनाएँ ही कहा जाएगा। अभी सरकार ने सिर्फ़ कर्ज़ के लिए फंड बनाये हैं। इन्हें आकर्षक बनाने के लिए ब्याज़ दरों में कोई रियायत नहीं दी गयी है। इसीलिए, उद्यमियों की ओर से कर्ज़ लेकर अर्थव्यवस्था में नयी जान फूँकने की कोशिशों में ढीलापन नज़र आ रहा है। लॉकडाउन अब भी जारी है। मज़दूर पलायन कर रहे हैं। माँग-पक्ष बेहद कमज़ोर है। हरेक तबके की आमदनी में भारी गिरावट आयी है। नौकरियों में हुई छँटनी और बेहिसाब बेरोज़गारी ‘कोढ़ में खाज़ का काम’ कर रही है।

इन सभी परिस्थितियों के बीच बहुत गहरा आन्तरिक सम्बन्ध है। इसीलिए कर्ज़ लेकर अपनी गाड़ी को पटरी पर लाने वाली मनोदशा कमज़ोर पड़ी हुई है। इसीलिए भले ही बैंक निडर होकर कर्ज़ बाँटने की तैयारी करने लगें लेकिन मन्दी के दौर में कर्ज़दार भी कहाँ मिलते हैं? कोरोना से पहले भी बैंकों को कर्ज़दारों की तलाश कोई कम नहीं थी। दरअसल, कर्ज़ लेकर उसे चुकाने वाली कमाई भी तभी हो पाती है जबकि अर्थव्यवस्था की विकास दर ऊँची हो। माँग में तेज़ी हो। लेकिन अभी ऊँची और तेज़ी तो बहुत दूर की कौड़ी है। अभी तो ये सफ़ाचट है। अर्थव्यवस्था डूब रही है। इसीलिए, निर्मला सीतारमन के सपनों के साकार होने में भारी सन्देह है।

Continue Reading

राष्ट्रीय

केरल के मुख्यमंत्री का गृहनगर कोरोनावायरस हॉटस्पॉट घोषित

Published

on

By

Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर

तिरुवनंतपुरम। कोरोनावायरस के आंकड़ों की गई समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के गृहनगर कन्नूर को कोरोनावायरस हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है।

विजयन के गृह जनपद कन्नूर में 10 नए मामले सामने आए, जिससे यहां पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 77 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को तीन अन्य स्थानों को कोरोनावायरस हॉटस्पॉट घोषित किया, और इस समय राज्य में 59 हॉटस्पॉट हैं। हालांकि विजयन कुछ समय से अपने गृहनगर नहीं गए हैं, क्योंकि वह राज्य की राजधानी में ठहरे हुए हैं।

केरल में सोमवार को 49 नए मामले सामने आए हैं। राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या कुल 359 है, जबकि 532 लोगों को इस वायरस से ठीक कर अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है।

राज्य के कृषि मंत्री वी.एस. सुनीलकुमार ने मामलों में वृद्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में मामले उम्मीद से ज्यादा हैं, लेकिन हम चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के शीर्ष अधिकारी राजीव जयदेवन ने कहा, “केरल के जो हालात हैं वह अभी भी काबू में हैं, राज्य के बाहर से आने वालों के लिए चौदह दिनों का क्वारंटीन अवधि पूरा करना अनिवार्य है। सभी को सावधान रहने की जरुरत है।”

–आईएएनएस

Continue Reading

राष्ट्रीय

मप्र में स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 29 जून से

Published

on

Exam
प्रतीकात्मक तस्वीर

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं और पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष और सेमेस्टर की परीक्षाएं 29 जून से 31 जुलाई के बीच ली जाएगी। यह फैसला राज्यपाल लालजी टंडन की अध्यक्षता में राजभवन में हुई बैठक में लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। आधिकारिक तौर पर बताया गया कि स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं और पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष व सेमेस्टर की परीक्षाएं 29 जून से 31 जुलाई के बीच ली जाएगी। यह व्यवस्था सभी निजी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों पर भी लागू होगी।

बैठक में तय हुआ है कि उच्च शिक्षा की प्रथम, द्वितीय वर्ष की कक्षाओं, पाठ्यक्रमों की नियमित परीक्षाएं स्थिति सामान्य होने पर ली जाएंगी। स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं और पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष और सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑफ लाइन मोड में परीक्षा केंद्रों पर होगी।

परीक्षा केंद्रों पर सामाजिक दूरी की सावधानियों का पूरा पालन किया जाएगा।

स्नातकोत्तर कक्षाओं के पूर्वाद्ध और स्नातक कक्षाओं और पाठ्यक्रमों के प्रथम एवं द्वितीय वर्ष व सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में एक सितंबर, 2020 से नए सत्र में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं इस वर्ष स्नातकोत्तर पूर्वार्ध और स्नातक कक्षाओं व पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष व सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का नया सत्र एक अक्टूबर से शुरू होगा।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के अंतिम वर्ष व सेमेस्टर की परीक्षाएं 16 से 30 जून के बीच ली जाएंगी। अंतिम वर्ष की कक्षाओं और पाठ्यक्रमों की परीक्षा पारंपरिक प्रणाली से होगी। इनके परिणाम 15 जुलाई तक घोषित हो जाएंगे।

इन परीक्षाओं को कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के मकसद से को टाला गया था। बैठक में तय किया गया है कि परिस्थितियां सामान्य न होने की स्थिति में परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में ली जाएंगी। ऑनलाइन परीक्षा दो घंटे की होगी। प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय रहेंगे। सभी परीक्षाएं प्रतिदिन तीन पालियों में होंगी।

बैठक में निर्णय लिया गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की कक्षाओं व सेमेस्टर के छात्रों की परीक्षाएं ऑफ लाइन पेन-पेपर मोड के माध्यम से 2 जुलाई से 31 जुलाई के बीच ली जाएंगी। परीक्षा परिणाम 25 अगस्त तक घोषित किए जाएंगे। यदि कोई परीक्षार्थी अपरिहार्य कारणों से परीक्षा में उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसके लिए अलग से विशेष परीक्षा होगी।

–आईएएनएस

Continue Reading
Advertisement
Nirmala Sitharam
ब्लॉग3 hours ago

वित्तमंत्री का क़बूलनामा: बैंकों को भी डराती हैं CBI, CVC और CAG जैसी संस्थाएँ

xi jinping
अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारना चाहिए: शी चिनफिंग

Coronavirus
राष्ट्रीय6 hours ago

केरल के मुख्यमंत्री का गृहनगर कोरोनावायरस हॉटस्पॉट घोषित

coronavirus
स्वास्थ्य6 hours ago

गौतमबुद्धनगर में निजी कंपनी बनीं कोरोना वायरस का केंद्र

Airtel
व्यापार6 hours ago

भारती टेलीकॉम ब्लॉक डील के जरिए एयरटेल में 1 अरब डॉलर की हिस्सेदारी बेचेगी

Exam
राष्ट्रीय6 hours ago

मप्र में स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 29 जून से

arrested
अंतरराष्ट्रीय7 hours ago

इंग्लैंड में गुरुद्वारे पर हमला करने वाला पाकिस्तानी गिरफ्तार

flight-
राष्ट्रीय7 hours ago

भुवनेश्वर हवाईअड्डे से घरेलू उड़ानें शुरू

xi jinping
अंतरराष्ट्रीय7 hours ago

सीमा पर तनाव के बीच नागरिकों को भारत से निकालेगा चीन

sania mirza
खेल9 hours ago

यह ईद कई अनगिनत कारणों से पहले जैसी नहीं : सानिया

Multani Mitti-
लाइफस्टाइल3 weeks ago

चेहरे के लिए इतनी फायदेमंद होती है मुल्तानी मिट्टी…

pm modi cm meeting
ओपिनियन3 weeks ago

धन्य है गोदी मीडिया जिसने प्रधानमंत्री के बयान को भी ‘अंडरप्ले’ कर दिया!

Modi Trump
ओपिनियन3 weeks ago

ट्रम्प को अपना सिंहासन डोलता दिख रहा है, भारत भी अछूता नहीं रहने वाला

Narendra Modi
ब्लॉग3 weeks ago

अद्भुत है मोदीजी की ‘कष्ट-थिरैपी’!

Migrant Workers in Train
ब्लॉग3 weeks ago

सम्पन्न तबके की दूरदर्शिता के बग़ैर पटरी पर नहीं लौटेगी अर्थव्यवस्था

Sonia Gandhi Congress Prez
ओपिनियन3 weeks ago

क्या काँग्रेस के लिए टर्निंग प्वाइंट बनेगी ग़रीबों का रेल-भाड़ा भरने की पेशकश?

मनोरंजन3 weeks ago

डीडी नेशनल पर रविवार से प्रसारित होगा लोकप्रिय धारावाहिक श्रीकृष्णा

Rs 2000 Note
व्यापार3 weeks ago

कर्नाटक में बंद प्रभावित सेक्टरों के लिए 1610 करोड़ रुपये का राहत पैकेज

wheat-min
व्यापार3 weeks ago

पंजाब में गेहूं की खरीद 100 लाख टन के पार

Watching TV makes
मनोरंजन4 weeks ago

कोविड-19 प्रभाव: फिर से लौट सकते हैं टीवी धारावाहिकों के सुनहरे दिन

Vizag chemical unit
राष्ट्रीय3 weeks ago

आंध्र प्रदेश: पॉलिमर्स इंडस्ट्री में केमिकल गैस लीक, 8 की मौत

Delhi Police ASI
शहर1 month ago

दिल्ली पुलिस के कोरोना पॉजिटिव एएसआई के ठीक होकर लौटने पर भव्य स्वागत

WHO Tedros Adhanom Ghebreyesus
स्वास्थ्य1 month ago

WHO को दिए जाने वाले अनुदान पर रोक को लेकर टेडरोस ने अफसोस जताया

Sonia Gandhi Congress Prez
राजनीति1 month ago

PM Modi के संबोधन से पहले कोरोना संकट पर सोनिया गांधी का राष्ट्र को संदेश

मनोरंजन1 month ago

रफ्तार का नया गाना ‘मिस्टर नैर’ लॅान्च

WHO Tedros Adhanom Ghebreyesus
अंतरराष्ट्रीय2 months ago

चीन ने महामारी के फैलाव को कारगर रूप से नियंत्रित किया : डब्ल्यूएचओ

मनोरंजन2 months ago

शिवानी कश्यप का नया गाना : ‘कोरोना को है हराना’

Honey Singh-
मनोरंजन3 months ago

हनी सिंह का नया सॉन्ग ‘लोका’ हुआ रिलीज

Akshay Kumar
मनोरंजन3 months ago

धमाकेदार एक्शन के साथ रिलीज हुआ ‘सूर्यवंशी’ का ट्रेलर

Kapil Mishra in Jaffrabad
राजनीति3 months ago

3 दिन में सड़कें खाली हों, वरना हम किसी की नहीं सुनेंगे: कपिल मिश्रा का अल्टीमेटम

Most Popular