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चुनाव

झारखंड निकाय चुनाव नतीजे घोषित

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फाइल फोटो

झारखंड में पांच नगर निगम समेत 34 निकायों के चुनाव की शुक्रवार को मतगणना हुई। निकाय चुनाव की गिरती के लिए 28 केंद्र बनाए गए थे। इस मतगणना में बीजेपी ने कब्ज किया है। 34 में से 20 निकयों पर बीजेपी के प्रत्‍याशी जीते हैं। बता दें कि नगर निगम के लिए 16 अप्रैल के मतदान हुआ था।

बीजेपी ने खूंटी, पाकुड़ समेत पूरे प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की सभी नगर निगम पर कब्जा कर लिया है। रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, आदित्यपुर और मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर और डिप्टी मेयर सीट पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया है।

जबकि बीजेपी की सहयोगी पार्टी आजसू के खाते में 2 सीटें गयी हैं। कांग्रेस ने 3 निकायों पर कब्जा जमाया है। जेएमएम ने 3 सीटें जीती है निर्दलीय प्रत्याशी 2 सीटें, जबकि झामुमो और आरजेडी के खाते में एक-एक सीट आई हैं।

इसके अलावा रांची नगर निगम में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) प्रत्याशी वर्षा गढ़ी को हराकर बीजेपी की आशा लकड़ा मेयर की सीट जीत गई हैं। आदित्यपुर में बीजेपी प्रत्याशी विनोद श्रीवास्तव, गिरिडीह में बीजेपी के सुनील कुमार पासवान, हजारीबाग में रोशनी तिरकी ने मेयर की सीट के लिए बीजेपी को जीत दिलाई। लातेहार में मेयर की सीट पर बीजेपी आगे है।

चिरकुंडा नगर परिषद (धनबाद) में भी बीजेपी ने बढ़त बना रखी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा के संसदीय क्षेत्र सिंह भूम में बीजेपी को करारा झटका लगा है। यहां झामुमो को जीत मिली है।

वहीं, रामगढ़ में बीजेपी के दिग्गज नेताओं और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का प्रचार भी पार्टी प्रत्याशियों को जिताने में नाकाम रहा है। यहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर बीजेपी की सहयोगी आजसू ने कब्जा किया है। संताल परगना में भी बीजेपी को करारा झटका लगा है। दुमका में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।

गौरतलब है कि झारखंड निकाय चुनावों में 52.23 प्रतिशत वोट पड़े थे। राज्य की सबसे बड़ी शहरी लोकल बॉडी रांची नगर निगम में सबसे कम 49.3 प्रतिशत वोट ही पड़े थे जबकि पिछले साल यहां 34.13 प्रतिशत वोट पड़े थे।

इस बार अपेक्षाकृत अच्छे मतदान का कारण दलों के आधार पर हुआ चुनाव रहा। राज्य में पहली बार निगम का चुनाव दलीय आधार पर लड़ा गया है। बीजेपी, कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और अन्य ने महापौर व उपमहापौर पद के लिए अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव नतीजे: शिवसेना-बीजेपी ने जीतीं दो-दो सीटें

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महाराष्ट्र विधान परिषद की 6 सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे आ गए हैं। इनमें से शिवसेना ने 2 सीटों पर, बीजेपी ने 2 और राष्ट्रवादी कांग्रेस ने एक सीट पर बाजी मारी है।

नासिक और परभणी की सीटें शिवसेना, अमरावती और चंद्रपुर की सीटें भाजपा एवं कोंकण की सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस ने कब्जा किया। वहीं बीड के चुनाव परिणामों को चुनाव आय़ोग ने रोक दिया है।

रायगढ़, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग: इस सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे के बेटे अनिकेत तटकरे विजयी हुए हैं। उन्होंने शिवसेना के राजीव साबले को 306 मतों से हराया है।

नासिक: इस सीट पर शिवसेना ने बाजी मारी है। यहां शिवसेना के नरेंद्र दराडे 200 मतों से विजयी हुए हैं। उन्हें कुल 412 मत मिले।

परभणी-हिंगोली: शिवसेना के विप्लव बाजोरिया जीते हैं। उन्हें कुल 256 वोट मिले।

अमरावती: इस सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रवीण पोटे 458 मतों के साथ विजयी हुए हैं।

वर्धा, चंद्रपुर और गढ़चिरौली: यहां से भाजपा उम्मीदवार रामदास आंबटकर चुनाव जीतें हैं। उन्हें कुल 528 वोट मिले हैं।

बता दें कि विधान परिषद के 21 सदस्यों का कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा है। इसमें 5 सदस्यों का 21 जून और एक सदस्य का कार्यकाल 31 मई को खत्म होगा। इन्हीं, 6 सीटों पर 24 मई को मतदान हुआ था।

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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव नतीजों में TMC ने फिर से लहराया परचम

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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) फिर से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

पंचायत चुनावों में एक बार फिर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का डंका बजा है। अभी तक सामने आए नतीजों में टीएमसी ने 4713 ग्राम पंचायत सीटों पर कब्जा जमा लिया है, जबकि करीब 2,762 सीटों पर आगे चल रही है।

चुनाव में बीजेपी दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी ने अभी तक 898 ग्राम पंचायत सीटों पर कब्जा जमाया है, वहीं 142 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इनके अलावा 317 ग्राम पंचायत सीटें निर्दलीयों के हाथ में गई हैं, 136 सीटों पर अभी भी निर्दलीय बढ़त बनाए हुए है। आपको बता दें कि राज्य में कुल 31,802 ग्राम पंचायत सीटें हैं।

सिर्फ ग्राम पंचायत ही नहीं बल्कि जिला परिषद में भी टीएमसी का दबदबा बरकरार रहा है। करीब 19 जिलों में टीएमसी ने एक तरह से क्लीन स्वीप किया है। जबकि बीजेपी दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी है।

कुल सीटों की संख्या –

जिला परिषद – 621 सीट

पंचायत समिति – 6119

ग्राम पंचायत – 31789

इससे पहले बुधवार को पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हुई दोबारा वोटिंग के दौरान भी हिंसा हुई। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में तृणमूल कांग्रेस के 2 कार्यकर्ता घायल हो गए, यहां हमलावरों ने हथियारों के साथ हमला किया था, जबकि मालदा के बूथ नंबर 76 पर रिपोलिंग में अज्ञात हमलावर हथियार दिखाकर बैलट बॉक्स ही उठा ले गए।

बता दें कि समूचे पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को जिन 568 मतदान केन्द्रों पर हिंसा की शिकायतें मिली थीं, वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच फिर से मतदान गए।

हुगली में 10 मतदान केन्द्रों, पश्चिम मिदनापुर में 28 मतदान केन्द्रों, कूचबिहार में 52 मतदान केन्द्रों, मुर्शिदाबाद में 63 मतदान केन्द्रों, नादिया में 60 मतदान केन्द्रों, उत्तर 24 परगना में 59 मतदान केन्द्रों, मालदा में 55 मतदान केन्द्रों, उत्तर दिनाजपुर में 73 मतदान केन्द्रों और दक्षिण 24 परगना में 26 मतदान केन्द्रों पर पुनर्मतदान हुए।

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा से नाराज कई उम्मीदवारों ने आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर पुनर्मतदान की मांग की थी। इस हिंसा में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी थी और 43 लोग घायल हो गये थे।

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कर्नाटक चुनाव : येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता

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बेंगलुरू, 16 मई (आईएएनएस)| कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की मतगणना में त्रिशंकु विधानसभआ की तस्वीर सामने आने के एक दिन बाद बुधवार को सबकी निगाहें राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिकी थी कि वे सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे या बहुमत वाले गठबंधन को और यह तस्वीर देर शाम साफ हो गई जब भाजपा को सरकार गठन का न्योता मिल गया। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े (112) से आठ सीट कम 104 सीटें मिलीं वहीं कांग्रेस को 78 एवं जेडीएस को 38 सीटें मिली। ऐसे में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन ने कुमारस्वामी के नेतृत्व में बहुमत के बल पर राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किया था।

सरकार गठन को लेकर बुधवार को दिनभर अटकलों का दौर जारी रहा और सभी निगाहें राज्यपाल पर टिकी रहीं कि वे सरकार गठन के लिए किसे बुलाते हैं।

गोवा, मेघालय और मणिपुर की थोड़ा पहले की सियासी तस्वीरों की नजीर सामने है। जिन हालातों में राज्यपालों ने बहुमत वाले गठबंधन को वहां सरकार बनाने का न्योता दिया, ऐसे में सवाल उठ रहा था कि क्या वैसा ही न्योता कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को यहां मिलेगा या सबसे बड़े दल भाजपा को? लेकिन ऐसा हो न सका और राज्यपाल का विवेक भारी पड़ा और उन्होंने सबसे बड़ी पार्टी को सरकार गठन का न्योता दिया।

दिनभर चली गहमागहमी के बीच जेडीएस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया और कहा कि विधायकों को 100 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है।

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बुधवार को भाजपा विधायक दल के नेता बी.एस. येदियुरप्पा को नई सरकार गठित करने और गुरुवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया।

भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता वामनाचार्य ने यहां आईएएनएस से कहा, “हमें राजभवन से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें येदियुरप्पा को सरकार गठन करने और सुबह 9.30 बजे शपथ ग्रहण करने के लिए कहा गया है।”

शहर के मध्य स्थित राजभवन के लान में ग्लास हाउस में येदियुरप्पा एक साधारण समारोह में कड़ी सुरक्षा के बीच अकेले शपथ ग्रहण करेंगे।

वामनाचार्य ने कहा कि राज्यपाल ने पार्टी नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया है।

लेकिन खबर लिखे जाने तक राजभवन से मीडिया को कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।

इससे पहले भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने बुधवार को बी.एस.येदियुरप्पा को विधायक दल का नेता चुना और येदियुरप्पा ने उसके बाद राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

येदियुरप्पा ने यहां राज्यपाल वजुभाई आर. वाला से राजभवन में मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, “हमने 104 नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया है।”

येदियुरप्पा ने कहा, “मैंने राज्यपाल से जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के रूप में मुझे शपथ ग्रहण करने की अनुमति देने का आग्रह किया है और राज्यपाल ने जल्द ही उचित निर्णय लेने की बात कही है।”

उधर जेडीएस के अध्यक्ष कुमारस्वामी को दल का नेता चुना गया और कुमारस्वामी के साथ कांग्रेस के नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया। कांग्रेस-जेडीएस ने 117 विधायकों के समर्थन की सूची भी राज्यपाल को सौंपी।

राज्य में 12 मई को 222 निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनाव में भाजपा को 104 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस को 78 व जेडी(एस) को अपनी सहयोगी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ 38 सीटों पर जीत हासिल हुई है। ऐसे में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति है।

भाजपा को राज्य विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े 112 सीटों से आठ सीटें कम हासिल हुई हैं।

इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में पार्टी के शहर के उत्तरपश्चिम उपनगर के राजाजीनगर के विधायक एस. सुरेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व इसके नेताओं द्वारा जनता दल (सेकुलर) पर भाजपा की ‘बी-टीम’ होने का आरोप लगाए जाने के बाद पार्टी का जेडी(एस) को समर्थन देना ‘बेशर्मी’ है।

कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “जेडी(एस) को भाजपा की बी-टीम करार देने के बाद पराजित कांग्रेस का जेडी(एस) को बिना शर्त समर्थन देना स्तब्ध करने वाला है।”

कांग्रेस ने मंगलवार को राज्य में सरकार बनाने के लिए जेडी(एस) को बिना शर्त समर्थन दिया है।

–आईएएनएस

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