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जापानी पीएम शिंजो आबे को मोदी कराएंगे 16वीं सदी की मस्जिद की सैर

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सिदी सैय्यद मस्जिद: पीएम मोदी शिंजो को कराएंगे सैर (फाइल फोटो)

भारत के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के स्वागत में प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ खास तरह की तैयारियां की हुई हैं। पीएम मोदी जापानी पीएम शिंजो और उनकी पत्नी अकी आबे को विशेष भोजन तो कराएंगे ही साथ ही अहमदाबाद की मशहूर मस्जिद की सैर भी कराएंगे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी जापानी पीएम शिंजो आबे और उनकी पत्नी अकी आबे को अहमदाबाद के हाउस ऑफ मंगलदास गिरधरदास होटल में खास डिनर कराएंगे। डिनर में सभी पकवान शाकाहारी होंगे। डिनर करते समय सिर्फ तीन लोग मौजूद होंगे। पीएम मोदी जापानी पीएम और उनकी पत्नी को होटल के दूसरी तरफ मौजूद 16वीं सदी की सिदी सैय्यद मस्जिद दिखाने भी ले जाएंगे। सन् 1573 में बनी मस्जिद:। मस्जिद इसमें लगी 8 जालीदार खिड़कियों के लिए जानी जाती है।

आइए, जानते हैं उस मस्जिद के बारे में जिसमें पीएम मोदी शिंजो को कराएंगे सैर…

– सिदी सैय्यद मस्जिद 400 साल पुरानी मस्जिद है। अहमदाबाद की मशहूर मस्जिदों में इसकी गिनती की जाती है।

– गुजरात के पर्यटन विभाग की वेबसाइट की मुताबिक इस मस्जिद का निर्माण साल 1573 में हुआ था और ये मुग़ल काल में अहमदाबाद में बनी सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है।

– कहा जाता है कि इस मस्जिद को सिदी सईद ने बनवाया था जो यमन से आए थे। सिदी सईद बहुत ही दयालु व्यक्ति थे। सिदी सईद सुल्तान नसीरुद्दीन III और सुल्तान मुज्जफर शाह III के दरबार में काम करते थे।

– सिदी सईद बहुत दयालु व्यक्ति थे और हमेशा गरीबों की मदद किया करते थे। ब्रिटिश शासन काल में यह मस्जिद सरकारी दफ्तर का काम चलता था।

– ये मस्जिद अपने जाली वर्क के लिए मशहूर है जो इंडो इस्लामिक आर्किटेक्चर का हिस्सा है। इस मस्जिद में आठ खिड़कियां है जिसमें पत्थर पर जाली का काम हुआ है।

हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय ने मस्जिद प्रशासन से उसके इतिहास और महत्व के बारे में जानकारी मंगाई है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी पीएम आबे को मस्जिद के बारे में जानकारी देंगे। बता दें कि जापानी पीएम शिंजो आबे अहमदाबाद में होने वाली भारत-जापान सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए हैं। जापानी पीएम गुरुवार (14 सितंबर) को जापान वापस लौटेंगे। इससे पहले जापानी पीएम शिंजो आबे ने साल 2015 में भारत दौर के समय पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया था। तब जापानी पीएम भारतीय पीएम के साथ गंगा आरती में भी शामिल हुए थे। जापान और भारत के बीच वाराणसी को क्योटो के तर्ज पर विकसित करने के लिए भी समझौता हुआ था। चीन और भारत के बीच डोकलाम विवाद के दौरान जापान एकमात्र देश था जिसने इस मसले पर खुलकर भारत का पक्ष लिया था।

wefornews bureau

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