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स्वास्थ्य

‘टीवी की तुलना में ऑनलाइन वीडियो देखने में ज्यादा समय बिताते हैं भारतीय’

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प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय दर्शक प्रत्येक सप्ताह ऑनलाइन वीडियो सामग्री देखने में औसतन 8 घंटे 28 मिनट का समय खर्च करते हैं। यह समय इनके द्वारा प्रत्येक सप्ताह टीवी देखने में बिताए गए समय 8 घंटे 8 मिनट से कुछ ज्यादा है। एक नए सर्वेक्षण से यह जानकारी मिली।

वैश्विक स्तर पर डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराने वाले मंच ‘लाइमलाइट नेटवर्क्‍स’ की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, “जितना समय भारतीय दर्शक ऑनलाइन वीडियो देखने में बिताते हैं, वह 2018 में वैश्वित स्तर पर प्रत्येक सप्ताह ऑनलाइन वीडियो देखे जाने वाले औसत 6 घंटे 45 मिनट से काफी ज्यादा है। इसमें 2016 के आंकड़े की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।”

‘स्टेट ऑफ ऑनलाइन वीडियो 2018’ नामक रिपोर्ट के अनुसार, आनलाइन चैनलों में भारतीय दर्शक सबसे ज्यादा फिल्म देखते हैं। उसके बाद आनलाइन देखे जानी वाली सामग्रियों में समाचार, टीवी शो और खेल शामिल हैं।

लाइमलाइट नेटवर्क्‍स के दक्षिणपूर्व एशिया और भारत के वरिष्ठ निदेशक जहीर अब्बास ने कहा, “ऑनलाइन मीडिया ने भारतीय ग्राहकों को बेजोड़ विकल्प उपलब्ध कराया है, जो अब अनगिनत मीडिया सामग्री से लेकर फिल्मों व खेल की सामग्रियों को देख सकते हैं। इसके अलावा दर्शक कभी भी मनोरंजन व टीवी सीरीज का आनंद उठा सकते हैं।”

–आईएएनएस

स्वास्थ्य

सिनेमा, संग्रहालय जाने से बुजुर्गों में अवसाद का जोखिम हो सकता है कम

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सिनेमा, थिएटर या संग्रहालय जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों के नियमित रूप से संपर्क में रहने से बुजुर्ग अवसाद से दूर रह सकते हैं। एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। अवसाद एक बड़ा मुद्दा है, जिससे लाखों लोग प्रभावित होते हैं, विशेषकर बुजुर्ग।

अध्ययन में सामने आया कि वे लोग जो प्रत्येक दो-तीन महीने में फिल्में, नाटक या प्रदर्शनी देखते हैं, उनमें अवसाद विकसित होने का जोखिम 32 फीसदी कम होता है, वहीं जो महीने में एक बार जरूर यह सब चीजें करते हैं उनमें 48 फीसदी से कम जोखिम रहता है।

ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की वरिष्ठ रिसर्च एसोसिएट डेजी फैनकोर्ट ने कहा, “लोग मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ते हैं लेकिन हमें इसके व्यापक फायदों के बारे में जागरूकता फैलाने की जरूरत है।”

ब्रिटिश जर्नल ऑफ साइकियाट्री में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, इन सांस्कृतिक गतिविधियों की शक्ति सामाजिक संपर्क, रचनात्मकता, मानसिक उत्तेजना और सौम्य शारीरिक गतिविधि के संयोजन में निहित है, जो उन्हें प्रोत्साहित करती है।

फैनकोर्ट के मुताबिक, अगर हम तनाव या कुछ अलग सा महसूस करना शुरू कर देते हैं तो सांस्कृतिक जुड़ाव वह सामान्य चीज है, जिससे हम हमारे मानसिक स्वास्थ्य की सक्रिय रूप से मदद कर सकते हैं ताकि वह उस बिंदु तक न पहुंचे, जहां हमें किसी पेशेवर चिकित्सा मदद लेने की जरूरत आ पड़े।
अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 50 से ज्यादा की उम्र के 2,48 से अधिक लोगों का अध्ययन किया।

–आईएएनएस

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राष्ट्रीय

ऑनलाइन दवा खरीद पर रोक

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प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगा दी है। ये रोक पूरे देश के लिए है। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट भी इस पर रोक लगाने का आदेश दे चुका है।

दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके रॉय की खंडपीड ने एक पीआईएल की सुनवाई पर फैसला सुनाया।

गौरतलब है कि सितंबर में स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवाओं की ऑनलाइन बिक्री का एक ड्राफ्ट तैयार बनाया था। इस ड्राफ्ट के अनुसार, ऑनलाइन दवा की बिक्री के लिए ई फार्मेसी को एक केंद्रीय प्राधिकार के पास पंजीकरण करवाना होगा। इन कंपनियों को मादक द्रव्यों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। ऑनलाइन फार्मेसी को केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन में भी पंजीकरण करवाना जरूरी है लेकिन दवा कंपनियां ऐसे करने से बचती हैं। ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए ठोस कानून न होने से कंपनियां मनमानी पर उतर आई हैं।

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स्वास्थ्य

घर बैठे स्वास्थ्य के खतरों के बारे में जानकारी देगी ‘डीएनए वाईज’

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File Photo

लोगों को उनके स्वास्थ्य के खतरों के बारे में जानकारी देने और आहार व कसरत में बदलावों के चयन का निर्णय लेने में मदद करने के लिए इंडस हेल्थ प्लस ने हाल ही में ‘डीएनए वाईज’ नाम से एक स्वास्थ्य सेवा लॉन्च की है।

इंडस हेल्थ प्लस के संयुक्त प्रबंध निदेशक अमोल नायकवडी ने कहा, “डीएनए वाईज व्यक्ति के डीएनए के अनुसार उसके स्वास्थ्य को होने वाले खतरे व खाने और कसरत की आदतों, गुण विशेषों का विश्लेषण करती है। इससे लोगों को उनकी स्वास्थ्य जांच का नियोजन अपने व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार करने में आसानी होती है और उस आधार पर वे एक सुरक्षित जीवनशैली का चयन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “इसके साथ ही वह विभिन्न रोगों की तरफ अपने शरीर का जेनेटिक रुझान समझने से जीवनशैली में बदलाव कर आने वाले रोग को टाल सकता हैं।”नायकवडी ने कहा, “विशेष स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ और सस्ते दरों में उपलब्ध कराने के अपने लक्ष्य का अगला पड़ाव हमने डीएन वाईज जांच के माध्यम से पार किया है।”

डीएनए वाईज जांच, लार का नमूना देकर की जानेवाली एक बेहद आसान जांच है, जो कि लोग घर बैठे आराम से कर सकते हैं। ये पैकेज पूरे भारत में 14,999 रुपये की कीमत पर उपलब्ध है।

–आईएएनएस

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