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पाक से लौटे सज्‍जादनशीं का खुलासा- रॉ का एजेंट समझकर हुई थी गिरफ्तारी

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नई दिल्ली: पाकिस्तान में लापता हो गए निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह के प्रमुख सज्जादनशीं सैयद आसिफ अली निज़ामी और उनके भतीजे नाजिम अली निजामी सकुशल भारत लौट आए हैं। दोनों कराची एयरपोर्ट से लापता हो गए थे।

दरअसल, दोनों को पाकिस्तानी एजेंसियों ने पूछताछ के लिए गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया था। बाद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल देने पर उनकी भारत वापसी संभव हो सकी है। मुख्य सज्जादनशीं आसिफ अली निजामी करीब एक हफ्ते पहले पाकिस्तान में लापता हो गए थे। उनके साथ उनके भतीजे नाज़िम निज़ामी भी थे।

एक संवाददाता सम्‍मेलन में भारत वापस लौट कर आए  नाजिम निजामी ने कहा कि पाकिस्‍तान के ‘उम्‍मद’ अखबार ने उनकी फोटो छापी और उन्‍हें रॉ का एजेंट बताया। नाजिम ने बताया कि इसके बाद उन्‍हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया गया।

आसिफ निजामी के बेटे साजिद निजामी ने कहा है कि यह बात सही है कि उनके पिता को पाकिस्‍तान में हिरासत में लिया गया था। उन्‍होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही कि वे रॉ के इजेंट हैं और इसके बाद उन्‍हें हिरासत में ले लिया गया।

बता दें कि पीरजादा आसिफ निजामी दुनिया भर में अपने करिश्मे के लिए मशहूर निजामुद्दीन औलिया दरगाह के सबसे खास सज्जादनशीं हैं। इसके अलावा वो निजामुद्दीन की मां माई साहब दरगाह (अधचीनी दिल्ली) के भी कर्ता-धर्ता हैं। कराची में आसिफ निज़ामी की बड़ी बहन रहती हैं।

दाता दरबार दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे पुरानी दरगाह में से एक है। यहां पर निजामुद्दीन औलिया और गरीब नवाज दोनों की ही काफी मान्यता है। ऐसे में हर साल दोनों देश के सूफी संत पाकिस्तान से भारत और भारत से पाकिस्तान जाते हैं।

 

Wefornews bureau

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जम्मू-कश्मीर: आरएसपुरा में फिर तोड़ा सीजफायर, 1 जवान शहीद

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फाइल फोटो

पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर जम्मू कश्मीर के आरएसपुरा सेक्टर में भारी गोलाबारी की जिसमें एक बीएसएफ जवान के शहीद हो गया है। शहीद जवान की पहचान 78 बटालियन के सुरेश कुमार के तौर पर हुई है। इस गोलीबारी में तीन स्थानीय ग्रामीणों के घायल होने की खबर है।

बताया जा रहा पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारत की अग्रिम चौकियों को निशाना बना कर देर रात गोलीबारी की जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया।

पाकिस्तान की ओर से आरएस पुरा सेक्टर के अलावा अरनियां में भी भारी गोलाबारी की गई। हालांकि पाक की इस गोलीबारी का भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है।

आरएस पुरा सेक्टर में रात नौ बजे कोटाराना खुर्द और ज्योड़ाफार्म में बीएसएफ की चौकियों को निशाना बनाते हुए मोर्टार दागे गए। संग्राल, निकोवाल, सई, अब्दुल्लियां और घराना गांवों के नजदीकी पोस्ट और रिहायशी इलाकों में गोलाबारी की गई।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ चौकियों को निशान बनाकर फायरिंग की। फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान और एक महिला जख्मी भी हो गए। गांववालों से कहा गया है कि वह घर से बाहर न निकले।

बता दें कि एक दिन पहले भारतीय सेना ने एलओसी पर बड़ी कार्रवाई की थी। पहले उरी सेक्टर में घुसपैठ कर रहे 5 आतंकियों को मार गिराया। फिर एलओसी के कोटली में जवाबी गोलीबारी के दौरान 7 पाकिस्तानी सेना के जवानों को ढेर किया गया।

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सारे फसाद की जड़ है आतंकवाद : सुषमा

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फाइल फोटो

 दुनियाभर में चरमपंथ से प्रेरित विचारों के चलते विनाशकारी ताकतों को मजबूती मिलने का दावा करते हुए विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि आज सारे फसादों की जड़ आतंकवाद है।

भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र विषय पर भारत की ओर आयोजित प्रमुख सम्मेलन ‘रायसीना वार्ता’ के दौरान अपने संबोधन में सुषमा स्वराज ने कहा, “इस बात की आवश्यकता है कि विश्वभर में आज उन दस्तूरों पर बहस होनी चाहिए और स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए जिनसे अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था तय हो रही है।”

उन्होंने कहा, “आज यह बात ज्यादा अहम हो गई है कि दुनियाभर में प्रचलित उन दस्तूरों व लोकाचारों पर बहस हो जिनसे अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था बनती है।”

उन्होंने कहा, “विश्व में जिस तरीके से चरमपंथ से प्रेरित विचार आकार ले रहा है उससे विनाशकारी ताकतों के मजबूत होने की संभावना बढ़ गई है।”

विदेश मंत्रालय और विचार मंच ऑब्जर्वर रिचर्स फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘रायसीना डायलॉग’ का विषय इस साल ‘मैनेजिंग डिस्परिटव टेंडेंसीज : आइडिया, इंस्टीट्यूशन एंड इडियम्स’ था।

पुरानी उदारवादी व्यवस्था पर सवाल करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि अधिक प्रभावोत्पादक अंतराष्ट्रीय संबंध और सक्षम वैश्विक अर्थशास्त्र के लिए आज साझा हित तलाशने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “इसमें दो राय नहीं कि आज सारे फसादों की जड़ आतंकवाद है। पिछले कुछ दशकों से हम इस बात को मानने लगे हैं।”

विदेश मंत्री ने कहा, “जाहिर है कि आतंकवाद कहीं भी हो हर जगह समाज के लिए खतरा पैदा कर सकता है। चरमपंथ के प्रति बढ़ते रुझानों से डिजिटल युग में यह चुनौती ज्यादा गंभीर बन गई है।”

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का उदाहरण देते हुए स्वराज ने कहा, “दरअसल आतंकवाद राज्य प्रायोजित होता है और राज्यों की ओर से सक्रिय सहयोग मिलता है जोकि खतरनाक है।” उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति आज जीरो टॉलरेंस की जरूरत है।

भारी विनाश के हथियार के संबंध में उन्होंने कहा, “भारी विनाश के हथियार, खासतौर से परमाणु बम के इस्तेमाल के पक्ष में दी जा रही दलीलों से बढ़ते खतरों को नजरंदाज नहीं किया जाना चाहिए।”

आर्थिक व वाणिज्यिक मसलों पर स्वराज ने कहा कि प्रारंभ में तुलनात्मक लाभ और बाजार में पहुंच बढ़ाने पर ध्याद दिया गया लेकिन अब संपर्क की अहमियत को ज्यादा तवज्जो दिया जा रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने ईरान के चाबहार बंदरगाह और भारत में एयर कोरिडोर का जिक्र किया, जिससे अफगानिस्तान को फायदा मिला है।

इसके अलावा उन्होंने निर्माणाधीन भारत-म्यांमार-थाइलैंड के बीच तीन पक्षीय राजमार्ग का भी उल्लेखि किया, इससे भारत, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच संपर्क सुलभ होगा। स्वराज ने भारत, ईरान और यूरोप के बीच इंटरनेशनल नार्थ-साउथ कोरिडोर के बारे में भी बताया।

–आईएएनएस

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RBI ने दी सफाई- 10 रुपये के सभी 14 तरह के सिक्के वैध और मान्य

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फाइल फोटो

रिजर्व बैंक ने कुछ व्यापारियों के सिक्के लेने से मना करने की शिकायतों के मद्देनजर बुधवार को कहा कि 10 रुपये के सिक्के के सभी 14 डिजायन वैध और मान्य हैं।

रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि रिजर्व बैंक के संज्ञान में यह आया है कि असली-नकली के संदेह के कारण कई जगहों पर लोग व व्यापारी 10 रुपये के सिक्के लेने से इनकार कर रहे हैं।

रिजर्व बैंक ने कहा कि वह चलन में सिर्फ उन्हीं सिक्कों को लाता है जो सरकारी टकसाल में ढाले जाते हैं। इन सिक्कों में अलग फीचर्स हैं ताकि ये आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित कर सकें और इन्हें समय-समय पर पेश किया गया है।

केंद्रीय बैंक ने कहा है कि अभी तक 10 रुपये के सिक्के के 14 अलग डिजायन पेश किये गये हैं। ये सभी सिक्के वैध हैं तथा लेन-देन के लिए स्वीकारे जाने योग्य हैं।

रिजर्व बैंक ने बैंकों को भी अपनी सभी शाखाओं में लेन-देन के लिए सिक्के स्वीकृत करने के लिए कहा है।

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