राष्ट्रीय

पेट्रोल, डीजल के दाम तय करने की व्यवस्था में हस्तक्षेप से सरकार का इनकार

धर्मेन्द्र प्रधान ,पेट्रोलियम मंत्री(फाइल फोटो)

पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम पर सरकार बिलकुल बेपरवाह दिख रही है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पेट्रोल और डीजल के बढ़ते किमत पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। मंत्री ने कहा कि अमेरिका में चक्रवाती तूफान जैसे कारणों से वैश्विक कीमतों में वृद्धि आई है और इसमें कीमत के संकेत पहले से दिख रहे हैं।

बुद्धवार(13 सितंबर) को पत्रकारों ने प्रधान से पूछा कि क्या मूल्य वृद्धि को देखते हुए सरकार की दैनिक आधार पर कीमत में बदलाव की प्रक्रिया रोकने की योजना है। तब प्रधान ने पेट्रोल और डीजल के दाम की दैनिक आधार पर समीक्षा करने से रोकने के लिए सरकार के हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। उन्होंने तीन जुलाई से कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को हल्का करने के लिए कर में कटौती को लेकर भी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर हो रही सरकार कि आलोचना को प्रधान ने अनुचित करार दिया। उन्होने कहा कि 16 जून को दैनिक आधार पर कीमत समीक्षा के बाद एक पखवाड़े तक कीमतों में आई कमी की अनदेखी की गई और केवल अस्थाई तौर पर मूल्य वृद्धि की प्रवृत्ति को जोर-शोर से उठाया जा रहा है।

उन्होने कहा कि देश अपनी जरूरतों का 80 फीसदी आयात से पूरा करता है और इसीलिए 2002 से घरेलू ईंधन की दरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले दरों को हर पखवाड़े बदला जाता था लेकिन 16 जून से इसे दैनिक आधार पर बदला जा रहा है। उनका कहा था कि दैनिक आधार पर समीक्षा में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में अगर कोई कटौती होती है तो उसका तुरंत लाभ ग्राहकों को मिलता है। इससे कीमतों में एक बार में अचानक से वृद्धि के बजाए कम मात्रा में वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि इस बारे में वित्त मंत्रालय को निर्णय करना है लेकिन एक चीज बिल्कुल साफ है। हमें उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं के साथ विकास जरूरतों के बीच संतुलन रखना है। हमें बड़े पैमाने पर राजमार्ग और सड़क विकास योजनाओं, रेलवे के आधुनिकीकरण एवं विस्तार, ग्रामीण स्वच्छता, पेय जल, प्राथमिक स्वास्थ्य तथा शिक्षा का वित्त पोषण करना है। इन मदों में आबंटन उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। हमें इसके लिए संसाधन कहां से मिलेगा।

बता दे कि सरकार ने नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के दौरान नौ बार पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया।

wefornews bureau

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