जीन थेरेपी गुर्दे की बीमारी के इलाज में कारगर! | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

स्वास्थ्य

गुर्दे के इलाज़ में कारगर है जीन थेरेपी

Published

on

kidneys
File Photo

जीन थेरेपी की सहायता से गुर्दे की कोशिकाओं के नुकसान को ठीक किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने संभावना जाहिर की है कि इससे गुर्दे के पुराने रोग का इलाज हो सकता है।

पुराने गुर्दे के रोग की पहचान इसके धीरे-धीरे गुर्दे के काम करने की क्षमता घटने से की जाती है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एडिनो-से जुड़ा वायरस (एएवी) गुर्दे में क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को आनुवांशिक सामग्री पहुंचा सकता है। एएवी वायरस से जुड़ा हुआ है जो सर्दी-जुकाम के लिए जिम्मेदार होता है।

शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप व दूसरी स्थितियां गुर्दे की पुरानी बीमारी की वजह से पैदा होती है। ऐसा क्षतिग्रस्त गुर्दे के शरीर के अतिरिक्त तरल व अपशिष्ट को प्रभावी तौर पर छान नहीं पाने के कारण होता है।

अमेरिका में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के गुर्दा रोग विभाग के बेंजामिन डी. हम्फ्रेस ने कहा, “गुर्दे की पुरानी बीमारी एक बड़ी व तेजी से बढ़ती समस्या है। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से बीते सालों में हमने ज्यादा प्रभावी इस स्थिति के लिए नहीं विकसित की हैं और यह वास्तविकता हमें जीन थेरेपी की खोजने को प्रेरित कर रही है।”

इस शोध का प्रकाशन पत्रिका ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी’ में किया गया है। इस दल ने छह एएवी वायरसों का परीक्षण किया। इसमें प्राकृतिक व सिंथेटिक दोनों वायरस शामिल हैं। इनके इस्तेमाल चूहों व स्टेम सेल से विकसित मानव गुर्दे की कोशिकाओं पर किया गया।

–आईएएनएस

राष्ट्रीय

दिल्ली में डॉक्टर, नर्सों को 14 दिन काम के बाद 2 हफ्ते का मिलेगा आराम

Published

on

Coronavirus-Infections
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को निर्देश दिया है कि डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल कर्मचारियों की लगातार 14 दिनों की सेवा लिए जाने के बाद उन्हें दो सप्ताह का ब्रेक दिया जाए। एक आदेश में दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा अनुमोदित आदेश में कहा गया है, “दस घंटे (सुबह 8 से शाम 6 बजे) और 14 घंटे (शाम 6 से 8 बजे) की दो शिफ्टों में क्वारंटाइन सुविधाओं सहित कोविड -19 (संक्रमण से लड़ने) के लिए नामित अस्पतालों और मेडिकल टीमों को चलाने का निर्णय लिया गया है।”

आदेश में कर्मचारियों को समान कार्य दिवसों से पहले 14 दिनों का अवकाश दिए जाने की बात कही गई है।

आदेश में आगे कहा गया है, “डॉक्टर, नर्स और पैरा-मेडिकल कर्मचारी 14 दिनों तक लगातार काम करेंगे और इसके बाद उन्हें दो सप्ताह का ब्रेक दिया जाएगा। साथ ही इस पूरी अवधि के दौरान डॉक्टरों, नर्सों और पैरा मेडिकल कर्मचारियों के स्टाफ की रहने की व्यवस्था के मद्देनजर अस्पतालों द्वारा उन्हें आवास प्रदान किया जाएगा।”

–आईएएनएस

Continue Reading

राजनीति

यूपी में मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाने पर घिरी योगी सरकार

Published

on

Priyanka-Gandhi
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के बरेली में पलायन करके आए मजदूरों को सैनिटाइजर से नहलाने के मामले पर योगी सरकार बुरी तरह से घिर चुकी है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, बहुजन पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपील की, ‘यूपी सरकार से गुजारिश है कि हम सब मिलकर इस आपदा के खिलाफ लड़ रहे हैं लेकिन कृपा करके ऐसे अमानवीय काम मत करिए। मजदूरों ने पहले से ही बहुत दुख झेल लिए हैं। उनको केमिकल डाल कर इस तरह नहलाइए मत। इससे उनका बचाव नहीं होगा बल्कि उनकी सेहत के लिए और खतरे पैदा हो जाएंगे।’

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा, ‘देश में जारी जबर्दस्त लॉडाउन के दौरान जनउपेक्षा व जुल्म-ज्यादती की अनेकों तस्वीरें मीडिया में आम हैं परन्तु प्रवासी मजदूरों पर यूपी के बरेली में कीटनाशक दवा का छिड़काव करके उन्हें दण्डित करना क्रूरता व अमानीवयता है जिसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम है। सरकार तुरन्त ध्यान दे।’

वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल पूछते हुए कहा, ‘यात्रियों पर सेनिटाइज़ेशन के लिए किए गए केमिकल छिड़काव से उठे कुछ सवाल, क्या इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के निर्देश हैं? केमिकल से हो रही जलन का क्या इलाज है? भीगे लोगों के कपड़े बदलने की क्या व्यवस्था है? साथ में भीगे खाने के सामान की क्या वैकल्पिक व्यवस्था है।’

बता दें कि दिल्ली से लौट रहे मजदूरों पर बरेली के सेटेलाइट अड्डे पर सैनिटाइजर से छिड़काव किया गया था। पुलिस ने सबको एक लाइन में बैठाया और इसके बाद उन्हें सोडियम हाईपोक्लोराइड युक्त पानी से नहलाया गया। कुछ लोगों की आंखें लाल हो गई तो कुछ छोटे बच्चे रोने लगे।

WeForNews

Continue Reading

राष्ट्रीय

कोरोनावायरस हॉस्पिटल में तब्दील होगा दिल्ली एम्स का ट्रॉमा सेंटर

Published

on

Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोनावायरस बीमारी के बढ़ते खतरे को भांपते हुए दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने बड़ा कदम उठाया है। एम्स ने ट्रॉमा सेंटर की पूरी बिल्डिंग को कोविड-19 अस्पताल में तब्दील करने का फैसला किया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इसकी तैयारियां भी तेजी पकड़ चुकी है। बता दें, एम्स के ट्रॉमा सेंटर का पूरे देश में नाम है जहां एक से एक गंभीर मामलों का इलाज किया जाता है। ट्रॉमा सेंटर खासकर दुर्घटना के मामले निपटाता है। अब यह सेंटर पूरी तरह से कोविड-19 के मरीजों के लिए समर्पित होने जा रहा है। पीटीआई को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में शुरू में 250 बेड बनाए जाएंगे, ताकि कोरोना वायरस के मरीजों को उचित इलाज दिया जा सके। एम्स प्रशासन बहुत जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा करने वाला है।

WeForNews

Continue Reading

Most Popular