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ग्वारसीड में ऑप्शंस ट्रेडिंग से किसानों को होगा फायदा : वित्तमंत्री

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फाइल फोटो

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने रविवार को देश के दूसरे सबसे बड़े वायदा बाजार, नेशनल कमोडिटी व डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीएक्स) पर ग्वारसीड में ऑप्शंस ट्रेडिंग का नया डेरिवेटिव्स टूल लांच किया।

वित्तमंत्री ने कहा कि एनसीडीईएक्स की इस पहल से किसानों को फायदा होगा। जेटली ने कहा, “हमारे कृषि बाजार के विकास के क्रम में यह बड़ी पहल में से एक है। किसानों को वित्तीय साधन (इंस्ट्रमेंट) में व्यापार करने का विकल्प मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “हम अभाव के दौर से निकल आए हैं। किसानों ने बड़ा बदलाव लाया है। विकास का वह लाभ किसानों को मिलना चाहिए। यह हमारी प्राथमिकता है।”

वीडियो के जरिये कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इस पहल से किसानों को फसलों के बेहतर मूल्य दिलाना संभव होगा और उपभोक्ताओं के लिए भी उचित भाव पर कृषि उत्पाद उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा, “ट्रेडिंग के लिए पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे देश के किसी भी हिस्से में किसान अपनी फसल बेच पाएं।”

एनसीडीईएक्स के एमडी और सीईओ समीर शाह ने कहा, “ऑप्शंस से कीमतों में गिरावट के दौरान किसानों को बचाने के साथ-साथ कीमतों में बढ़ोतरी के दौरान उन्हें उच्च कीमत पर अपने उत्पाद बेचने का अवसर प्रदान करेगा। इस तरह कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद यह टूल किसानों के लिए हर लिहाज से फायदेमंद साबित होगा।”

यह भारत में किसी एग्री कमोडिटी का पहला, जबकि तमाम कमोडिटी में दूसरा ट्रेडिंग आप्शंस टूल है। इससे पहले पिछले साल 10 अक्टूबर को सोने में इसी तरह का ट्रेडिंग ऑप्शंस टूल देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुरू किया गया था।

देश में एग्री कमोडिटी के सबसे बड़े एक्सचेंज एनसीडीईएक्स की ओर से डिजाइन किए गए ऑप्शंस ट्रेडिंग टूल को कमोडिटी बाजार के नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पहले ही मंजूरी प्रदान की थी।

ट्रेडिंग ऑप्शंस ऐसा डेरिवेटिव्स टूल है जिसमें लेवाल को लिवाली का अधिकार तो होता है लेकिन उनके लिए दिए हुए उस इंस्ट्रमेंट को किसी खास कीमत पर या निश्चित तारीख के पहले बिकवाली की बाध्यता नहीं होती। लिवाली के अधिकार को कॉल ऑप्शंस और बिकवाली के अधिकार को पुट ऑप्शंस कहा जाता है।

ऑप्शंस ट्रेडिंग का टूल यूरोपीय प्रकार के हैं और एनसीडीईएक्स पर अभी जो सौदे चल रहे हैं उन्हीं में फरवरी, मार्च और अप्रैल के सौदों में ऑप्शंस ट्रेडिग के सौदे उपलब्ध हैं।

–आईएएनएस

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भारत में बैंकिंग सेवाओं से महरूम 19 करोड़ आबादी : विश्व बैंक

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नई दिल्ली, 19 अप्रैल | देश के करीब 19 करोड़ वयस्कों का कोई बैंक खाता नहीं है, जोकि चीन के बाद दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। हालांकि खाताधारकों की संख्या 2011 के 35 फीसदी से बढ़कर 2017 में 80 फीसदी हो चुकी है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में गुरुवार को यह जानकारी दी गई। विश्व बैंक द्वारा गुरुवार को जारी वैश्विक फाइंडेक्स रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में वित्तीय समावेशन में तेजी से बढ़ोतरी हो रही और खाताधारकों की संख्या जो 2011 में 35 फीसदी थी और 2014 में 53 फीसदी थी। वह 2017 में बढ़कर 80 फीसदी हो गई है।

इस हिसाब से भारत में 80 फीसदी आबादी खाताधारक है, जिसकी संख्या चीन में खाताधारकों की संख्या के बराबर है।

हालांकि इसमें कहा गया कि खाताधारकों की अधिक संख्या के बावजूद भारत और चीन में बहुत बड़ी आबादी है, जो बैंकिंग सेवाओं से वंचित है।

रिपोर्ट में कहा गया कि चीन में 22.5 करोड़ वयस्क बैंकिंग सेवाओं से वंचित है, जबकि भारत में यह आंकड़ा 19 करोड़ का है। इसके बाद पाकिस्तान में 10 करोड़ और इंडोनेशिया में 9.5 करोड़ है।

रिपोर्ट में कहा गया, “इन चार अर्थव्यवस्थाओं के साथ तीन अन्य नाइजीरिया, मैक्सिको और बांग्लादेश को मिलाने पर बैंकिंग सेवाओं से वंचित दुनिया की आधी आबादी बनती है।”

हालांकि इसमें कहा गया कि जन धन योजना नीति से देश में खाताधारकों की संख्या नाटकीय रूप से बढ़ी है।

रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2014 से 2017 के बीच दुनिया भर में 51.4 करोड़ बैंक खाते खोले गए।

–आईएएनएस

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कर्नाटकः बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने नामांकन दाखिल किया

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फाइल फोटो

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को शिमोगा के शिकारपुरा विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया।

कर्नाटक में एक ही चरण में 12 मई को चुनाव होंगा और 15 को नतीजे आएंगे। 224 सीटों में से सरकार बनाने के लिए 113 सीटों की जरूरत होती है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास 122 सीटें हैं जबकि बीजेपी के पास 43 और जेडीएस के पास 37 सीटें हैं।

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जज लोया मौत मामले में कांग्रेस ने उठाए सवाल, की निष्‍पक्ष जांच की मांग

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कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुुुुरजेवाला

जज लोया की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच कराने की याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने जज लोया की मौत पर 10 सवाल उठाते हुए निष्‍पक्ष जांच की मांग की है।

कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद कई ऐसे प्रश्न खड़े हुए हैं, जिनका जवाब नहीं मिला है। सुरजेवाला ने कहा कि जज लोया की मौत का जांच मामला काफी गंभीर था। उन्होंने कहा कि वो सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें अमित शाह का नाम आया था। ऐसे में कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल निम्‍न हैं:-

1. सोहराबुद्दीन और प्रजापति के केस को 2012 में जजों का ट्रांसफर किया गया था। जज उत्पत का भी ट्रांसफर कर दिया गया था।

2. जज लोया को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत, एक फ्लैट देने की पेशकश की गई थी।

3. जज लोया की मौत का हार्ट अटैक से मौत बताया गया था लेकिन ईसीजी की रिपोर्ट में ऐसा कुछ भी नज़र आया था।

4. नागपुर में उनकी सुरक्षा को हटा दिया गया था।

5. जज लोया मुंबई से नागपुर ट्रेन के जरिए गए थे।

6. जज लोया के नागपुर रेलभवन में रुकने का कोई रिकॉर्ड नहीं।

7. जिस गेस्ट हाउस में जज लोया रुके हुए थे, वहां कई कमरे थे। लेकिन तीन जज उसी कमरे में ही क्यों रुके हुए थे।

8. परिवार को जज लोया के कपड़ों में गर्दन के पास खून मिला था।

9. पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में उनका नाम गलत लिखा गया था।

10. जज लोया की मौत के बाद दो अन्य जजों की भी मौत हुई जिस पर भी कई तरह के सवाल हैं।

सुरजेवाला ने कहा कि भारत के लोगों को जवाब चाहिए। जांच से ही सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा लेकिन जज लोया के मामले में अब तक जांच नहीं हुई है। कोई तय नहीं कर सकता कि मौत प्राकृतिक है या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच से ही संदेह से पर्दा हट सकता है।

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