दिल्ली : ईपीएस 95 के पेंशनधारको ने रामलीला मैदान पर की विशाल रैली | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

राष्ट्रीय

दिल्ली : ईपीएस 95 के पेंशनधारको ने रामलीला मैदान पर की विशाल रैली

Published

on

Pensioners protest

नई दिल्ली, 7 दिसम्बर | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के ईपीएस 95 के पेंशनभोगियों ने शनिवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक किए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर महासम्मेलन रैली का आयोजन किया और ‘रास्ता रोको अभियान चलाया’। देश के 27 राज्यों से आये पीड़ित पेंशनभोगियों ने सरकार से आान किया कि उनके अधिकारों की रक्षा की जाए। ईपीएस 95 के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह ने कहा, “अगर अगले साल की 25 जनवरी तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर में जन-आंदोलन होंगे। ये हमारी सरकार से आर-पार की लड़ाई है। बहरहाल, हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी आवाज सुनेगी और मांगों को पूर्ण किया जाएगा।”

ईपीएस 95 नेशनल एक्शन कमेटी (NAC) के अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत (सेवानिवृत्त), ने कहा, “अपनी जीवनभर की पूंजी का एक बड़ा हिस्सा भविष्य निधि में जमा करने के बावजूद उन्हें मात्र 200 रुपये से लेकर 2500 रुपये मासिक पेंशन दिया जाता है। ये लाखों पेंशनभोगियों के साथ अन्याय है जिन्होंने अपनी जीवन निधि को भविष्य में लगा दिया, मगर नतीजा विपरीत निकला है।”

महाराष्ट्र के बुलढ़ाना में लंबे समय (350 दिन से) से प्रदर्शन कर रहीं शोभा आरस (65) ने कहा, “हमारी तऩख्वाह की एक गाढ़ी कमाई भविष्य निधि में चला जाता है। वो हमारा पैसा है जो हमें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। आज हम अपना हक मांग रहे हैं तो सरकार इसे बेजा न समझे। हमारी मांगें कोशियारी कमिटी के दायरे में है।”

उल्लेखनीय है कि कोशियारी कमिटी ने 2013 में ही तत्कालीन सरकार को अपनी सिफारिशें सुपुर्द कर दी थीं। इसके तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न्यूनतम पेंशन की गारंटी और महंगाई भत्ता देने का प्रावधान है। रिपोर्ट में किसी कर्मचारी की असमय मृत्यु के बाद उसके पति या पत्नी को सहायता राशि देने की भी सिफारिश इस कमिटि ने की है।

राष्ट्रीय

नृत्यांगना मंजरी को कव्वाली पर कथक करने से रोका गया

Published

on

Kathak Dancer Manjari Chaturvedi
प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना मंजरी चतुर्वेदी (फोटो: आईएएनएस)

लखनऊ। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना मंजरी चतुर्वेदी को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर अपनी प्रस्तुति रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि वह एक कव्वाली पर नृत्य प्रस्तुत कर रही थीं। मंजरी ने आरोप लगाया कि जब वह प्रस्तुति दे रही थीं तो अचानक संगीत को बंद कर दिया गया और अगली प्रस्तुति की घोषणा कर दी गई।

उन्होंने एक समाचार चैनल से कहा, “मैंने सोचा कि यह तकनीकी गड़बड़ी है, लेकिन इसके बाद अगली प्रस्तुति की घोषणा कर दी गई। इससे साफ हो गया कि कोई गड़बड़ी नहीं है। जब मैंने संबंधित अधिकारियों से पूछा तो मुझसे कहा गया कि यहां कव्वाली नहीं चलेगी।”

मंजरी ने कहा कि उन्हें प्रस्तुति के लिए 45 मिनट का समय दिया गया था और यह पूर्व निर्धारित था, फिर भी उनकी प्रस्तुति रोकी गई और कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा, “मैंने इससे पहले अपने दो दशक पुराने करियर में इस तरह की चीज का सामना नहीं किया।”

संबंधित अधिकारी इस पर टिप्पणी से बचते रहे। एक सरकारी प्रवक्ता ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि प्रस्तुति को समय से पूरा करना था और इसके बाद रात्रि भोज का प्रबंध था।

उन्होंने कहा, “मंजरी चतुर्वेदी दो प्रस्तुति दे चुकी थीं और तीसरी चल रही थी। चूंकि कार्यक्रम देर से शुरू हुई और ब्रज प्रस्तुति भी होनी थी, इसलिए हम चाहते थे कि सभी कलाकारों को अवसर मिले। इस वजह से प्रस्तुति रोकी गई। प्रस्तुति को संगठनात्मक बाध्यताओं की वजह से रोका गया और इसे किसी धार्मिक या भाषाई पूर्वाग्रह की वजह से नहीं रोका गया।”

–आईएएनएस

Continue Reading

राष्ट्रीय

संविधान को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर 3 महीने में फैसला ले केंद्र : सुप्रीम कोर्ट

Published

on

Supreme_Court_of_India

नई दिल्ली: देश के प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने और प्राइमरी स्कूल के पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान को शामिल करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने वित्त मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को तीन महीने में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

न्यायाधीश न्यायमूर्ती एन.वी. रमना, नवीन सिन्हा और रामसुब्रमण्यम की पीठ ने यह आदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अश्विनी उपाध्याय की दलील सुनने के बाद दिया है।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा कि प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने और भारतीय संविधान को प्राथमिक स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने से भाषावाद और क्षेत्रवाद समाप्त होगा। राष्ट्रीय एकता और अखंडता मजबूत होगी, आपसी भाईचारा बढ़ेगा और गरीब छात्रों को भी समान अवसर मिलेगा।

उपाध्याय ने कहा कि अच्छे स्कूल के अभाव में तहसील मुख्यालय पर कार्यरत तहसीलदार ए न्यायिक अधिकारी, डॉक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर अपने परिवार को जिला मुख्यालय पर रखते हैं इससे आने-जाने में समय बर्बाद होता है और वे ठीक से अपनी ड्यूटी नहीं कर पाते हैं।

गौरतलब है कि इसके पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उपाध्याय की जनहित याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि प्रत्येक तहसील में केंद्रीय विद्यालय खोलना और भारतीय संविधान को प्राइमरी स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करना नीतिगत मामला है और इस पर अदालत केंद्र सरकार को निर्देश नहीं दे सकती है।

अपनी याचिका में उपाध्याय ने कहा कि देश में कुल 5464 तहसील हैं, लेकिन केंद्रीय विद्यालय मात्र 1209 हैं, इसलिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलना चाहिए। इससे गरीब बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी, उन्हें समान अवसर मिलेगा, आपसी भाईचारा बढ़ेगा तथा देश की एकता और अखंडता मजबूत होगी।

याचिका में आगे कहा गया है कि गरीबी के चलते किसान-मजदूर के होनहार बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा नहीं मिल पाती है। प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने से उच्च कोटि की शिक्षा गरीब छात्रों तक पहुंचेगी, जो अभी तक इससे वंचित हैं।

याचिकाकर्ता की दलील थी कि तहसील में रहने वाले तहसीलदार, उपजिलाधिकारी, कोतवाल, थानेदार, बिजली विभाग के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अभियंता, लेक्च रर, प्रोफेसर और सरकारी डॉक्टर अपना परिवार साथ नहीं रखते, क्योंकि तहसील मुख्यालय पर उनके बच्चों के लिए अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा व्यवस्था नहीं होती है। प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने से उक्त सभी लोग अपना परिवार अपने साथ रख सकेंगे। ऐसे में सरकारी अधिकारी और कर्मचारी रोजाना लंबी यात्रा नहीं करेंगे और छुट्टियों पर नहीं जाएंगे, जिसका सीधा फायदा यह होगा कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी जरुरतमंद लोगों को हर समय उपलब्ध रहेंगे और इससे प्रशासनिक कार्य अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

याचिका में कहा गया है कि प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने पर राज्य के सरकारी स्कूलो में प्रतिस्पर्धा आयेगी, फलस्वरूप शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

–आईएएनएस

Continue Reading

राष्ट्रीय

निर्भया के दोषियों को अब 1 फरवरी को होगी फांसी

Published

on

Nirbhaya Case
निर्भया के दोषी (फाइल फोटो)

दिल्ली का पटियाला कोर्ट हाउस ने निर्भया के चारों दोषियों को 1 फरवरी को फांसी की तारीख मुकर्रर की है। कोर्ट ने कहा है कि पहली फरवरी को सुबह 6 बजे चारो गुनहगारों को फांसी पर लटकाया जाए। इससे पहले दोषियों का डेथ वारेेंट 22 जनवरी के लिए जारी हुआ था।

गौरतलब है कि इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाने की तारीख तय की थी लेकिन इसके बाद दोषी मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लगा दी थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा निर्भया के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज होने के बाद कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी किया है।

वहीं, इस मामले में नया डेथ वारंट जारी होने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि जब तक दोषियों को फांसी पर नहीं लटका दिया जाता है, तब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, मुझको पिछले सात साल से तारीख पर तारीख दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है, हर जगह निर्भया के गुनहगारों का ही मानवाधिकार देखा जा रहा है, हमारा मानवाधिकार कोई नहीं देख रहा है।

WeForNews

Continue Reading
Advertisement
sugar
व्यापार11 hours ago

चालू सीजन में पिछले साल से 26 फीसदी घटा चीनी उत्पादन

Kamal-Nath
राजनीति11 hours ago

एमपी पीएससी परीक्षा में विवादित सवाल पूछने वाले पर होगी कार्रवाई: कमलनाथ

mamata banerjee
राजनीति11 hours ago

एनपीआर जनगणना बैठक में बंगाल से कोई नहीं होगा शामिल: बंगाल सरकार

Kathak Dancer Manjari Chaturvedi
राष्ट्रीय11 hours ago

नृत्यांगना मंजरी को कव्वाली पर कथक करने से रोका गया

Ali Khamenei
अंतरराष्ट्रीय12 hours ago

सुलेमानी की हत्या अमेरिका के लिए शर्म की बात : खामेनी

sensex-min (1)
व्यापार12 hours ago

सेंसेक्स में 13 अंकों की तेजी, निफ्टी में 3 अंकों की गिरावट

मनोरंजन12 hours ago

‘थलाइवी’ में एमजीआर के रूप में अरविंद स्वामी का पहला लुक जारी

Chipta Chipta nahi
मनोरंजन12 hours ago

टीवी धारावाहिक ‘विद्या’ के 100 एपिसोड पूरे

Supreme_Court_of_India
राष्ट्रीय13 hours ago

संविधान को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर 3 महीने में फैसला ले केंद्र : सुप्रीम कोर्ट

lalu-min
राजनीति13 hours ago

लालू ने मानव श्रंखला को लेकर नीतीश पर साधा निशाना

chili-
स्वास्थ्य2 weeks ago

हरी मिर्च खाने के 7 फायदे

Heart attack-
लाइफस्टाइल4 weeks ago

मलेरिया से हृदयाघात की 30 फीसदी अधिक संभावना

punjabi suit
लाइफस्टाइल5 days ago

लोहड़ी के दिन पंजाबी सूट में दिखें आकर्षक

लाइफस्टाइल2 weeks ago

नियमित साइकिल चलाना तनाव घटाने में मददगार

motapa-
स्वास्थ्य7 days ago

किशोरावस्था में वजन घटाने की सर्जरी हृदय रोग में मददगार

Ranitidine-
स्वास्थ्य4 weeks ago

ऐसिडिटी की दवा रेनिटिडिन से हो सकता है कैंसर…

Cutlet-
लाइफस्टाइल4 weeks ago

सुबह के नाश्ते में ऐसे बनाएं मशरूम कटलेट…

Kindler-m
लाइफस्टाइल3 weeks ago

एक्स्ट्रा फैट करता है बच्चों की हड्डियां कमजोर

Imli Rice-
लाइफस्टाइल2 weeks ago

घर में ऐसे बनाएं स्वादिष्ट इमली चावल…

Police and Students Jamia
ओपिनियन4 weeks ago

पुलिस और सेना, सिर्फ़ तब बर्बर नहीं होती जब ‘ऊपर’ से हुक़्म होता है!

मनोरंजन2 days ago

‘Jawaani Jaaneman’ उम्र को स्वीकारने के बारे में है : Saif Ali Khan

मनोरंजन2 days ago

‘Panga’ को प्रमोट करने खूबसूरत अंदाज में दिखी Kangana

मनोरंजन5 days ago

‘Tanaji:The Unsung Warrior’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं Sara और Nysa

shahrukh khan
मनोरंजन5 days ago

Kabir Khan की सीरीज ‘ Indian National Army ‘ में सुनाई देगी “King Khan” की आवाज

मनोरंजन6 days ago

मनोज नाथ का “बागेश्वर घूमेली” गाना रिलीज

मनोरंजन2 weeks ago

बॉलीवुड में डेब्यू सपने के सच होने जैसा है : Rukshar Dhillon

pragya thakur terrorist go back
राजनीति3 weeks ago

भोपाल: प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ लगे ‘आतंकवादी गो बैक’ के नारे

Ranveer singh
मनोरंजन1 month ago

“U2 concert “में दिखा Deepika-Ranveer का स्टाइलिश अंदाज

मनोरंजन1 month ago

महिलाओं के स्वास्थ्य पर बोली Karisma , Tahira

Dulquer Salmaan-m
मनोरंजन1 month ago

इंटीमेट सीन करते वक्त मेरे हाथ कांपते हैं : Dulquer Salmaan

Most Popular