बेचारा चुनाव आयोग भी क्या-क्या सम्भाले! | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

Viral सच

बेचारा चुनाव आयोग भी क्या-क्या सम्भाले!

Published

on

Election Commission and PM Modi

क्या आप जानते हैं कि देश में किन-किन पार्टियों ने कॉल-सेंटर्स की सेवाएँ लेकर ये जानने का अभियान छेड़ रखा है कि आगामी चुनाव में आप किस पार्टी के वोट देने वाले हैं दिल्ली में कई पत्रकारों के पास किसी स्वनामधन्य के नम्बरों से फ़ोन आया है।

कुछेक नम्बर हैं :– +918657551908, +917290068517, +917304587730, +917304586372.

मज़े की बात ये है कि मैं भी चौकीदार का नारा लगाने लाखों राष्ट्रवादी लोग जाने कहाँ जा मरे हैं कि उनकी नज़रों के सामने धड़ल्ले से लाखों लोगों को फ़ोन जा रहे हैं। बेशक़, इस तरह का फ़ोन या सर्वेक्षण न सिर्फ़ नागरिकों के गुप्त मतदान के अधिकार का, बल्कि उनकी निजता, गोपनीयता और डॉटा सिक्योरिटी से जुड़े क़ानूनों का भी सीधा उल्लंघन है।

लेकिन हक़ीक़त तो कुछ और ही है। क़ानून का उल्लंघन हो रहा है तो हुआ करे। नेहरू के ज़माने के क़ानूनों से डरता ही कौन है? चौकीदार और गुंडों-बदमाशों को भी भला कभी किसी कोर्ट-कचहरी, पुलिस-क़ानून या दंतहीन-विषविहीन चुनाव आयोग से डर लगा है! डरपोक न तो कभी गुंडा नहीं बन सकता और ना चौकीदार। सरकारी जाँच एजेंसियाँ लिखित शिकायत के बग़ैर कभी कार्रवाई नहीं करतीं। अलबत्ता, यदि सरकार की आँख में धुआँ जाने लगे तो यही राष्ट्रभक्त निगाहों के इशारे से ही सर्ज़िकल हमला कर देते हैं।

बहरहाल, साफ़ दिख रहा है कि कॉल-सेंटर्स के फ़ोन से आपके मोबाइल तक जो ज़हरीला विकिरण आ रहा है वो किसी दैवीय आपदा से कम नहीं। तभी तो ‘विश्व गुरु’ बन चुके ‘नये भारत’ के चोटी के Watch Dogs यानी ‘प्रहरी कुत्ते’ भी ये तय नहीं कर पा रहे कि आख़िर बिल्ली के गले में घंटी बाँधे तो बाँधे कौन? शायद, राजा ने ही बिल्लियाँ पाल रखी हैं। उसने ही उन्हें शिकार पर भेजा है! वैसे ये पता लगाना भी दिलचस्प हो सकता है कि ऐसे फ़ोन-सर्वेक्षण के ज़रिये पाकिस्तान या उसके काँग्रेसी एजेंट ही कहीं भारत के चुनाव में विघ्न डाल रहे हैं, इसे नाहक बदनाम कर रहे हैं?

यदि ऐसा है तो इत्मिनान रखिए कि इस बार चौकीदार सोता नहीं रहेगा। पाकिस्तान और नेहरू के ख़ानदान को नेस्तनाबूत करके ही दम लेगा। आख़िर उसने ऐलान भी तो कर रखा है कि भले ही देश में चप्पे-चप्पे पर राष्ट्रद्रोही नज़र आते रहें लेकिन वो आडवाणी के ‘राष्ट्र प्रथम’ का बाल तक बाँका नहीं होने देगा। इसीलिए संविधान के प्रति अपनी निष्ठा को घोलकर पी चुकी भारत की शीर्षस्थ जाँच एजेंसियाँ और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऐसी उम्मीदें पालना नादानी ही होगी कि वो चौकीदार के इशारे के बिना साँस भी ले सकें। फिर उन्हें कोई ‘तोता’ समझता है तो समझता रहे।

कोई चाहे तो कह सकता है कि फ़ोन-सर्वेक्षण अभियान पर क़ाबू पाने का काम चुनाव आयोग का है। सीधे उससे शिकायत क्यों नहीं करते? पत्रकारों ने चुनाव आयोग के सूत्रों को टटोला तो पता चला कि आयोग को सब मालूम है। वो सोता नहीं है। वो स्वघोषित चौकीदार जो नहीं है। चुनाव सिर पर हैं। रोज़ाना आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों का अम्बार बढ़ता ही जा रहा है। इसीलिए ‘कृतज्ञ राष्ट्र’ को ये सोचना चाहिए कि बेचारा, एक-अकेला चुनाव आयोग भी क्या-क्या देखे? इतना बड़ा देश, इतने लोग, इतनी पार्टियाँ, इतने नेता, इतने कार्यकर्ता, इतना बड़ा मीडिया… वैसे अब तो वक़्त आ गया है कि आदर्श आचार संहिता (MCC) के लिए लोकपाल टाइप का एक अलग आयोग ही बना दिया जाए। जो दुनिया भर के काग़ज़ काले करने के बाद नेताओं की निन्दा करके, उन्हें भविष्य में एहतियात रखने की चेतावनी देकर चलता कर दे!

वैसे भी मौजूदा चुनाव आयोग की सुनता ही कौन है? कौन करता है इसकी परवाह? इसने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, केन्द्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह का क्या उखाड़ लिया जो कॉल सेंटर वाले इसका लिहाज़ करें, इससे ख़ौफ़ खाएँ। वयोवृद्ध आडवाणी की पारी ख़त्म होने के साथ ही गया वो ज़माना जब लोकतांत्रिक संस्थाओं ख़ासकर चुनाव आयोग में जान हुआ करती थी। अब आलम ये है कि मार्गदर्शन के रूप में आडवाणी ने ख़ूब विधवा-विलाप किया। किसी को उनकी चीत्कार सुनायी दी क्या! अरे, सारा पुराना चमन उजड़ चुका है। नया भारत बन चुका है।

आज टीएन शेषन की बहुत याद आ रही है। मौजूदा चुनाव आयोग तो बस रस्म-अदायगी कर रहा है। जब बड़े-बड़े तुर्रम ख़ाँ चौकीदारी कर रहे हों और मामूली से पहरेदार की औक़ात ही क्या है! इस चुनाव आयोग के भरोसे रहना फ़िज़ूल है। इसके बस की चौकीदारी है ही नहीं। आप फ़ोन-सर्वेक्षणों को झेलने के लिए अभिशप्त हैं!

जय हिन्द!

Viral सच

भाजपा विधायक का वीडियो वायरल, जांच की मांग

नारायण पहली बार वर्ष 2014 में विधायक बने थे। उन्हें उस वक्त विधानसभा चुनाव में राज्य में सबसे अधिक वोट मिले थे।

Published

on

By

BJP MLA Bokaro Biranchi Narayan

रांची, 10 नवंबर | सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विधायक बिरांची नारायण का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिससे पार्टी को शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। विधायक नारायण ने उनके कथित अंतरंग निजी पलों को दिखाने वाले इस वीडियो को फर्जी करार दिया और मामले में जांच की मांग की।

नारायण के समर्थकों ने रविवार को बोकारो पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की और पूरे मामले की जांच की मांग के लिए सिटी पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की।

नारायण के प्रतिनिधि संजय त्यागी ने कहा, “झारखंड में विधानसभा चुनाव होने है, इससे पहले जानबूझकर पार्टी और विधायक जी को बदनाम करने के इरादे से वीडियो वायरल किया गया है। पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिए।”

नारायण पहली बार वर्ष 2014 में विधायक बने थे। उन्हें उस वक्त विधानसभा चुनाव में राज्य में सबसे अधिक वोट मिले थे।

Continue Reading

Viral सच

इंदौर के गौतमपुरा में बरसे आग के गोले, 19 घायल

Published

on

By

Hingot Bomb War

इंदौर, 28 अक्टूबर | मध्य प्रदेश की व्यावसायिक नगरी इंदौर के गौतमपुरा में वषरें से चली आ रही परंपरा के मुताबिक, दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के मौके पर हिंगोट युद्घ आयोजित किया गया। आसमान पर उड़ते हुए आग के गोले दो दलों ने एक-दूसरे पर बरसाए। इस युद्घ में कुल 19 लोग घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घरों को रवाना कर दिया गया। जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर स्थित गौतमपुरा में दीपावली के अगले दिन और भाईदूज की पूर्व संध्या पर दो दल जमा हुए, जिनमें से एक दल गौतमपुरा का ‘तुर्रा’ दूसरा रुणजी गांव का ‘कलंगी’ दल था। दोनों दलों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर हिंगोट से हमला किया।

देपालपुर क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस (एसडीओ-पी) रामकुमार राय ने आईएएनएस को बताया, “हिंगोट युद्घ में दोनों ओर से चले हिंगोट से किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई है। कुल 19 लोगों को मामूली चोटें लगीं, जिन्हें प्रारंभिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।”

उन्होंने प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों का ब्यौरा देते हुए बताया, “पुलिस और प्रशासन ने हिंगोट युद्घ में किसी तरह का हादसा न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए थे। मैदान के चारों ओर जाली लगाई गई थी, जिससे हिंगोट बाहर नहीं आ सकता। बीते साल से दोगुना पुलिस बल की तैनाती की गई थी।”

Image result for हिंगोट बम

गौतमपुरा में हिंगोट युद्घ की यह परंपरा कई वर्षो से चली आ रही है। हिंगोट एक फल है। यहां के लेाग लगभग एक माह पहले से कंटीली झाड़ियों में लगने वाले हिंगोट को जमा करते हैं, उसके अंदर के गूदे को अलग कर दिया जाता है, और उसके कठोर बाहरी आवरण को धूप में सुखाने के बाद उसके भीतर बारूद, कंकड़-पत्थर भरे जाते हैं।

बारूद भरे जाने के बाद यह हिंगोट बम का रूप ले लेता है। उसके एक सिरे पर लकड़ी बांधी जाती है, जिससे वह राकेट की तरह आगे जा सके। एक हिस्से में आग लगाने पर हिंगोट राकेट की तरह घूमता हुआ दूसरे दल की ओर बढ़ता है। दोनों ओर से चलने वाले हिंगोट के कारण गौतमपुरा का भगवान देवनारायण के मंदिर का मैदान जलते हुए गोलों की बारिश के मैदान में बदल गया। देानों दलों के योद्घाओं ने एक-दूसरे पर जमकर हिंगोट चलाए, जिसमें 19 लोगों को चोटें आईं।

आखिर हिंगोट युद्घ की शुरुआत कैसे, क्यों और कब हुई, इसका कहीं भी उल्लेख नहीं मिलता है। लेकिन किंवदंती है कि रियासतकाल में गौतमपुरा क्षेत्र की सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात जवान दूसरे आक्रमणकारियों पर हिंगोट से हमले करते थे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हिंगोट युद्घ एक किस्म के अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था और उसके बाद इसके साथ धार्मिक मान्यताएं जुड़ती चली गईं।

इंदौर मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर बसे गौतमपुरा में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह रहा और हिंगोट युद्घ शुरू होने से पहले ही लोगों का हुजूम मौके पर पहुंचने लगा था। एक तरफ जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई थी। एंबुलेंस भी थे, ताकि इस युद्घ के दौरान घायल होने वालों को जल्दी उपचार मिल सके।

Continue Reading

Viral सच

चोर बैंगलोर में कर रहे कार चोरी के क्रेश कोर्स

Published

on

Car Chori-
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजधानी दिल्ली और आस पास के कार चोर दिन ब दिन हाईटेक होते जा रहे है। कार चोर अब चोरी को अंजाम देने के लिए अपने हाथ में लैपटॉप के साथ आधुनिक डिवाइस लेकर चलते हैं।

कार चोर डोर को मास्टर चाबी से खोलने के बजाए सिक्योरिटी सिस्टम को हैक करते हैं। वक्त-वक्त पर अपडेट होने वाले सिक्योरिटी सिस्टम के चलते खुद को भी अपडेट रखने के लिए क्रेश कोर्स करने बैंग्लोर जाते हैं।

इस बात का खुलासा बीते समय में पकड़े गए चोरों ने किया। चोर दिल्ली-एनसीआर से ही पकड़े गए थे। पुलिस के मुताबिक कार चोरों के पास से अब कोई मास्टर-की बरामद नहीं होती है। अब सिर्फ दो से चार प्रतिशत चोर ही ऐसे पकड़े जाते हैं जिनके पास से मास्टर-की होती है।

ऑटो एक्सपर्ट का कहना है कि आजकल 10 लाख रुपये से अधिक की कीमत वाली कार के दरवाजे और इंजन सॉफ्टवेयर की मदद से लॉक और अनलॉक होते हैं, जिसके लिए चाबी का कोई काम नहीं है। Delhi NCR में बीते कुछ समय में कई कार चोर गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है।

पुलिस की पूछताछ पर चोरों ने बताया कि महंगी कारों में कंप्यूटर वाले लॉक होने के कारन अब चाबी की जरूरत नही पड़ती। शहर में कुछ पढ़े-लिखे चोर हैं वो बैंग्लोर जाकर इसका कोर्स करके आते हैं और हम उनके पास लैपटॉप में इन्सटाल्ड सॉफ्टवेयर की मदद से लॉक खोल कर चोरी को अंजाम देते हैं।

बैंगलोर में इस कोर्स की फीस 25 हजार रुपये तक ली जाती है। साथ ही उन्हें 35 से 40 हजार रुपये की कीमत वाली एक डिवाइस दी जाती है। जो खुद नहीं जा सकते वो सीखकर आने वालों की मदद लेते हैं और एक कार चोरी पर उन्हें 5 से 7 हजार रुपये तक देते हैं।

ऑटो एक्सपर्ट के मुताबिक आजकल की कार में दरवाजे साथ कार का इंजन भी लॉक हो जाता है। अगर किसी तरह चोर डोर को अनलॉक कर भी लेते हैं तो इंजन अनलॉक किए बिना किसी भी तरीके से गाड़ियों के इंजन को स्टार्ट नहीं किया जा सकता है।

कार चोरों के पास ऑनस्टार नाम की एक डिवाइस होती है, जिसकी मदद से वह कार के आईपी एड्रेस को हैक कर सिक्योरिटी सिस्टम को सपोर्ट करने वाले सॉफ्टवेयर में पहुंच जाते हैं।

चोरी को अंजाम देते समय चोर आपकी कार से थोड़ी ही दूरी पर इस डिवाइस को लेकर बैठ जाते हैं और जब आप रिमोट-की से कार को लॉक या अनलॉक करते हैं ठीक उसी समय डिवाइस के रिमोट-की से निकली बेव को ट्रैक कर उसके कोडिंग सिस्टम को पढ़ लेता है। जिससे गाड़ी के इंजन में इन्सटाल्ड सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर के कोडिंग को ब्रेक कर गाड़ी में लगे सारे लॉक अनलॉक कर दिया दिया जाता है।

Continue Reading
Advertisement
Rabri Devi
राजनीति21 mins ago

झारखंड चुनाव : राजद उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगी राबड़ी

Amit Shah-In Rajya Sabha
राजनीति23 mins ago

राज्यसभा में बोले अमित शाह- ‘पूरे देश में लाया जाएगा एनआरसी’

अंतरराष्ट्रीय27 mins ago

अमेरिकी सीनेट में हांगकांग मानवाधिकार विधेयक पारित

Cold
लाइफस्टाइल31 mins ago

सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय…

शहर45 mins ago

लाठीचार्ज के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे जेएनयू छात्रों को थाने ले गई पुलिस

pds scam
राष्ट्रीय48 mins ago

पीडीएस योजना के भ्रष्टाचार में यूपी-बिहार सबसे ऊपर

Assam
शहर53 mins ago

असम के एनएच पर सड़क हादसा, 8 की मौत

indigo-min (1)
शहर1 hour ago

इंडिगो विमान की कोयंबटूर में आपात लैंडिंग

Shinzo Abe
अंतरराष्ट्रीय1 hour ago

आबे जापान में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता

nitish kumar-saryu rai
चुनाव1 hour ago

झारखंड में भाजपा का अपने ही बिगाड़ रहे खेल, बागी नेता को मिला नीतीश का साथ

लाइफस्टाइल3 weeks ago

टाइप-2 डायबिटीज से हृदय रोग का खतरा ज्यादा

exercise-
लाइफस्टाइल2 weeks ago

शाम का व्यायाम सुबह की कसरत जितना लाभकारी

bloodpressure-new
लाइफस्टाइल3 weeks ago

लो ब्लड प्रेशर पर ये घरेलू उपाय आपको तुरंत देंगे राहत

cancer
लाइफस्टाइल3 hours ago

दांतों की वजह से भी हो सकता है जीभ का कैंसर

Falsa
लाइफस्टाइल3 weeks ago

इन बीमारियों को दूर करता है फालसा

asthma-
लाइफस्टाइल3 weeks ago

वायु नलिकाओं में सूजन से होता है दमा

Stomach-
स्वास्थ्य1 week ago

पेट दर्द या अपच को कभी न करें अनदेखा…

tej bahadur
राजनीति4 weeks ago

तेजबहादुर ने छोड़ी जेजेपी, कहा- ‘बीजेपी से गठबंधन हरियाणा से गद्दारी’

Sleep-Nap
स्वास्थ्य4 days ago

मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है अशांत नींद

Pregnancy
स्वास्थ्य3 weeks ago

मोटापा पीड़ित महिलाओं में कम होती है गर्भधारण की संभावना…

Most Popular