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डोनाल्ड ट्रंप नैतिक रूप से राष्ट्रपति पद के योग्य नहीं : जेम्स कॉमे

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संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के पूर्व निदेशक जेम्स कॉमे ने मई 2017 में पद से हटाए जाने के बाद पहली बार दिए एक साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप को देश के राष्ट्रपति के तौर पर नैतिक रूप से अयोग्य बताया है। कॉमे ने रविवार रात को एसबीसी न्यूज को दिए साक्षात्कार में ट्रंप के मानसिक रूप से अयोग्य होने के दावों को खारिज किया।

कॉमे ने कहा, “मैं आमतौर पर लोगों को इसके बारे में बात करते सुनता हूं। मैं नहीं समझता कि वह मानसिक रूप से अयोग्य हैं या उनमें भूलने की बीमारी के शुरुआती लक्षण हैं। मुझे वह औसत बुद्धि से ऊपर के शख्स लगते हैं, जो अपने आसपास की बातों को लेकर चौकन्ना हैं और उन्हें पता है कि क्या चल रहा है।”

कॉमे ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि वह राष्ट्रपति बनने के लिए मानसिक रूप से अयोग्य हैं। मुझे लगता है कि वह राष्ट्रपति बनने के लिए नैतिक रूप से योग्य नहीं है।”

उन्होंने कहा, “वह एक ऐसे शख्स हैं जो महिलाओं को गोश्त के टुकड़े की तरह समझते हैं, जो हर छोटी और बड़ी चीज के लिए झूठ बोलते हैं और समझते हैं कि अमेरिकी लोग उन पर विश्वास करते हैं। वह शख्स राष्ट्रपति बनने के लिए नैतिक आधार पर योग्य नहीं है।”

कॉमे का यह साक्षात्कार उनकी किताब ‘ए हायर लॉयल्टी : ट्रुथ, लाइज एंड लीडरशिप’ के विमोचन से पहले प्रसारित हुआ है। पेशे से वकील कॉमे ने एबीसी न्यूज को बताया कि वह नौ मई 2017 को लॉस एंजेलिस संघीय जांच ब्यूरो के कार्यालय के बीच में खड़े होकर कार्यालय के कर्मचारियों की मेहनत के लिए उनका आभार जता रहे थे कि उन्होंने टेलीविजन पर देखा, जहां फ्लैश हो रहा था कि ‘कॉमे ने इस्तीफा दे दिया।’

कॉमे ने कहा, “एफबीआई के बारे कई महान चीजों में से एक यह है कि हमारी टीम में कुछ बेहतरीन प्रैंकस्टर्स हैं और इसलिए मुझे लगा कि यह मेरे स्टाफ में से किसी की हरकत हो सकती है।”

ब्यूरो में टीवी पर इस तरह की खबरें दिखाई जा रही थी। कुछ जगह ‘कॉमे को बर्खास्त किया गया’ भी दिखाया जा रहा था। कॉमे ने कहा कि उन्हें इन खबरों पर विश्वास नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा कि खबर पर उन्हें लगा, “यह पागलपन है। ऐसा कैसे हो सकता है?”

कॉमे को तत्कालीन होमलैंड सिक्योरिटी सचिव जॉन कैली का फोन आया, जो इन खबरों से बहुत परेशान थे और इस्तीफा देने की सोच रहे थे।

कॉमे ने कहा कि मैंने कैली से पद पर बने रहने का आग्रह किया। पूर्व एफबीआई निदेशक ने कहा कि वह वास्तव में ट्रंप से निजी तौर पर मुलाकात करने को लेकर बेचैन थे।

कॉमे ने कहा, “मैं ऐसे शख्स से मिलने जा रहा था, जो मुझे जानता नहीं था, जो कुछ ही समय पहले अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया था। मुझे उनसे उन आरोपों को लेकर बात करनी थी कि वह (ट्रंप) रूस में वेश्याओं के संपर्क में थे और रूस के पास इसकी फुटेज है और रूस इसका फायदा उठा सकता है।

यह पूछने पर कि क्या रूस के पास ट्रंप के खिलाफ कुछ है? इसके जवाब में कॉमे ने कहा, “मुझे लगता है कि ऐसा संभव है। मुझे नहीं पता। ये ऐसे शब्द हैं, जो मुझे नहीं लगता था कि मैं देश के राष्ट्रपति के बारे में कहूंगा लेकिन यह संभव है।”

कॉमे ने एबीसी न्यूज को बताया कि वह जानते थे कि पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के निजी ईमेल सर्वर की जांच के मामले से ट्रंप को चुनाव में कोई फायदा नहीं होने वाला।

–आईएएनएस

अंतरराष्ट्रीय

जम्मू-कश्मीर में 30 टीवी चैनल पर प्रतिबंध

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जम्मू एवं कश्मीर में केबल टेलीविजन ऑपरेटरों को 30 चैनलों के प्रसारण को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इन चैनलों में विवादास्पद प्रचारक जाकिर नाईक के पीस टीवी समेत पाकिस्तान से संचालित होने वाले अन्य चैनल शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री द्वारा मामले को राज्य सरकार के समक्ष उठाने के बाद राज्यपाल एन. एन. वोहरा ने यह आदेश दिया।

सभी जिला मजिस्ट्रेट को लिखे पत्र में राज्य के गृह विभाग ने मंगलवार को इन चैनलों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया क्योंकि ‘इन चैनलों में हिंसा भड़काने और कानून व व्यवस्था की स्थिति में व्यवधान उत्पन्न करने की क्षमता है।’

जिन चैनलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं, उनमें जियो टीवी, पीस टीवी, एआरवाई टीवी, क्यूटीवी और एबीबी टीएकेके टीवी शामिल है। पुराने शहर इलाके के एक केबल ऑपरेटर तनवीर अहमद ने कहा, “इस आदेश के लागू होने के बाद, हमें अपने कर्मचारियों को हटाना पड़ेगा। इससे अंतत: हमारा धंधा बंद हो जाएगा।”

–आईएएनएस

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MBBS करने वाले भारतीयों को स्कॉलरशिप देगी टेक्सिला अमेरिकन यूनिवर्सिटी

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टेक्सिला अमेरिकन यूनिवर्सिटी (टीएयू) ने अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के इच्छुक भारतीय विद्यार्थियों के लिए आकर्षक स्कॉलरशिप की घोषणा की है।

टीयूए द्वारा गयाना, दक्षिण अमेरिका में एक एमसीआइ मान्यता प्राप्त मेडिसिन प्रोग्राम की पेशकश की जाती है। यूनिवर्सिटी प्रत्येक मेघावी स्टूडेंट के लिए 10 लाख रुपए तक की स्कॉलरशिप पेश कर रही है। टेक्सिला अमेरिकन यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट एस. पी. साजू भास्कर ने कहा, “चूंकि, भारतीय केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने 82 मेडिकल कॉलेजों को खारिज कर दिया है, देश भर में कम-से-कम 10,000 एमबीबीएस सीटें ब्लॉक्ड हो गई हैं।

इस भारी अंतर को पूरा करने के लिए टीएयू द्वारा इच्छुक विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के उनके सपनों को पूरा करने का एक अवसर दिया जा रहा है। इसके लिए स्कॉलरशिप के माध्यम से उनकी मदद की जा रही है।भारत में मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ 65000 MBBS सीटें ही हैं और हर साल लाखों स्टूडेंट्स मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होते हैं।

इसलिए, भारत में डॉक्टर बनने के इच्छुक अधिकतर विद्यार्थियों को एक मेडिकल सीट पाने में काफी मुश्किल होती है। इसलिए विदेशों में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के इच्छुक कई भारतीय विद्यार्थियों के लिये एक पसंदीदा विकल्प है। टीएयू, गयाना कैम्पस के वाइस चांसलर डॉ. आनंद ने कहा, “टीएयू की स्थापना वर्ष 2010 में की गई थी।

यह भारत के खासतौर से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, दिल्ली, गुजरात और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का एक पसंदीदा गंतव्य रहा है। इसके अलावा टीएयू में 40 देशों के स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं, जोकि वाकई में इसे एक ग्लोबल यूनिवर्सिटी बनाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थियों को अपने घर पर होने का अहसास कराने के लिए हमारी कैंटीन्स में गुयानीज, भारतीय, अमेरिकी और चाइनीज खाने परोसे जाते हैं।” यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों का नामांकन साल में दो बार यानी कि मार्च और सितंबर में होता है।

अधिकतर विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणाम जून में घोषित होते हैं और इसलिए वे नामांकन के लिए सितंबर सेशन को पसंद करते हैं। यूएसए में प्रैक्टिस को प्राथमिकता देने वाले स्टूडेंट्स के लिए टीएयू द्वारा यूएस मेडिकल लाइसेंसिंग एक्जाम के लिए प्रशिक्षण की पेशकश भी की जा रही है। डॉ. आनंद ने कहा, टेक्सिला अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिये विभिन्न अवसरों के द्वार खोलता है।

हमारे कई भारतीय विद्यार्थी भारत वापस लौटते हैं और एमसीआइ के साथ पंजीकृत हुए हैं। यूएसए जाकर यूएसएमएलई करने के इच्छुक विद्यार्थी यूनाइटेड स्टेट्स में अपना आवास जारी रखते हैं, जबकि कुछ मेडिसिन की प्रैक्टिस करने के लिए कैरेबियाई देशों में ही रहते हैं।

–आईएएनएस

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म्यांमार में भूकंप के हल्के झटके

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म्यांमार के सागेंग क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 4.3 तीव्रता के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए।

मौसम विज्ञान और जल विज्ञान विभाग के मुताबिक, भूकंप से अभी तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, भूकंप का केंद्र यिनमबिन शहर से आठ किलोमीटर पश्चिमोत्तर में दर्ज किया गया। भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार सुबह 8.35 बजे महसूस किए गए।

–आईएएनएस

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