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इन उपाय से करें डबल चिन कम…

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Double chin
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मोटापा होने के कारण अक्सर आपकी स्किन पर फैट जमा हो जाता है। इसकी वजह से आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मोटापे के कारण आपके चेहरे पर भी काफी फैट जमा हो जाता है। इतना ही नहीं आपके ठुड्डी के नीचे की स्किन लटकने लगती है। जिसे डबल चिन कहते हैं।

ये डबल चिन आपके चेहरे की खूबसूरती को खराब कर देता है। इससे छुटकारा पाने के लिए लड़कियां तरह तरह के उपाय करती हैं। यहां तक सर्जरी भी करा लेती हैं।

लेकिन आज हम आपको कुछ आसान सी एक्सरसाइज के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे अपनाकर आप अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं। अगर आप चेहरे से डबल चिन कम करना चाहती हैं तो वोअल एक्सरसाइज आपके लिए सबसे बेहतर तरीका है।

इस एक्सरसाइज में स्वर के साथ ए, इ, आई, ओ, यू, का उच्चरण करें। ऐसा करने से आपका फैट जल्दी कम होगा। इस एक्सरसाइज से आपकी मांशपेशियों को राहत मिलेगी। साथ ही ठोड़ी की लटकी स्किन ठीक हो जाएगी।

जिराफ स्टाइल एक्सरसाइज

इस एक्सरसाइज़ को आप सही ढंग से रोज करेंगे तो आपकी लटकी स्किन जल्दी ठीक हो जाएगी। इस एक्सरसाइज़ के लिए सबसे पहले अपनी पीठ और रीढ़ की हड्डी को सीधा करके बैठ जाएं। अपने हाथ को कलर बोन पर रख लें। ऐसे कई बार करें, फिर पाउट बनाते हुए इसे दुबारा करें।

इसके अलावा आप अपनी रेगुलर एक्सरसाइज का न छोड़ें। डायट में ज़्यादा तला भुना न खाएं। ऐसे करके आप खुद को फिट रख सकती हैं।

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चांदनी चौक में खुल गई गोलगप्पे, चाट की दुकानें

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CHADNI CHOWK
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नई दिल्ली, दिल्ली के कई इलाकों में अब सम-विषम के आधार पर बाजार खुलने लगे हैं। इसके साथ ही चटपटा खाने के शौकीन लोगों का मनपसंद स्नैक्स भी अब उन्हें मुहैया होने लगा है। इनमें पुरानी दिल्ली के गोलगप्पे और मिठाइयां शामिल हैं।

बाजार खुलने लगे तो इसके साथ ही पुरानी दिल्ली में कई स्थानों पर गोलगप्पे, चाट पकौड़ी और मिठाई की दुकानें भी एक बार फिर से खुल रही हैं। हालांकि फिलहाल यहां केवल पैकेट बंद गोलगप्पे व अन्य सामान मिल रहे हैं। बाजार में खड़े होकर खाने की सुविधा अभी नहीं दी गई है।

गोलगप्पे और चाट के अलावा खाने-पीने की अन्य दुकानें, जूस, मिठाई आदि की दुकानें भी खुल रहीं हैं। वहीं कई स्थानों पर होम डिलीवरी करने वाले रेस्तरां, कुल्फी और गुजराती नमकीन की दुकानें भी खुल रही हैं। हालांकि खरीदार इनमें से केवल कुछ ही दुकानों को नसीब हो पा रहे हैं।

पुरानी दिल्ली में एक बार फिर गुलजार हुई इन दुकानों में खाने पीने और मिठाई की दुकानों पर ग्राहक नजर आए। जिन दुकानों पर खरीदार मौजूद थे वहां सोशल डिस्टेंसिंग की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। दुकानों पर मौजूद ग्राहकों और स्वयं दुकानदारों में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लेकर लेकर कोई खास सजगता नहीं दिखाई दी।

सावधानी बरतते हुए गोलगप्पे पॉलिथीन में पैक किए गए थे। गोलगप्पे का पानी, चटनी और उसमें भरने वाले आलू भी अलग-अलग पॉलिथीन में पैक करके बेचे जा रहे हैं। गोलगप्पे विक्रेता आसाराम ने कहा, “अब जब सरकार से इजाजत मिल गई है तो हम 2 महीने बाद फिर से अपना छोटा सा कारोबार खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

अभी हम पहले की तरह ग्राहकों को मौके पर ही गोलगप्पे नहीं खिला रहे हैं बल्कि सारा सामान अलग-अलग थैलियों में पैक करके रखा है। हमने 20, 50 और 100 रुपये के अलग-अलग पैकेट बनाए हैं।”

वहीं बाजार खुलने के बावजूद ज्यादा ग्राहक अभी तक बाजारों में नहीं आए हैं। करोल बाग के एक दुकानदार गुरबख्श आहूजा ने कहा, “बाजार में आधी दुकानें खुल रही हैं लेकिन ग्राहक एक चौथाई भी नहीं है दिन भर की दुकानदारी में महज चार-पांच ग्राहक ही खरीदारी के लिए आ रहे हैं।”

आईएएनएस

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हल्की खांसी और गले में खराश, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

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ayurved
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना संकट के इस दौर में हल्की खांसी और गले में खराश को लेकर बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है। मौसम में बदलाव और ठंडा-गर्म खानपान के कारण यह समस्या हो सकती है। इसके लिए अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसकी दवा तो आपकी रसोई में ही मौजूद है। बस, जरूरत है उसे जानने और दूसरों को समझाने की। आयुर्वेद के इसी ज्ञान से खुद और दूसरों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की आयुष इकाई के महाप्रबंधक डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि सूखी खांसी व गले में खराश को दूर करने में आयुष का घरेलू उपचार बहुत ही कारगर है। इसके लिए ताजे पुदीने के पत्ते और काला जीरा को पानी में उबालकर दिन में एक बार भाप लेने से इस तरह की समस्या से राहत मिल सकती है। इसके अलावा लौंग के पाउडर को मिश्री-शहद के साथ मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन करने से इस तरह की समस्या दूर हो सकती है।

डॉ. वर्मा का कहना है कि अगर इसके बाद भी परेशानी ठीक नहीं होती है, तब चिकित्सक की सलाह लें।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के एक से एक नुस्खे आयुर्वेद में मौजूद हैं, जिसको आजमाकर हम कोरोना ही नहीं अन्य संक्रामक बीमारियों को भी अपने से दूर कर सकते हैं । इसके अलावा इन नुस्खों के कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं।

डॉ. वर्मा ने बताया कि भोजन में हल्दी, धनिया, जीरा और लहसुन का इस्तेमाल भी इसमें बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा दूध में हल्दी मिलाकर पीना, गुनगुना पानी और हर्बल चाय का काढ़ा पीकर भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

इसके साथ ही योगा, ध्यान और प्राणायाम का भी सहारा लिया जा सकता है। बदली परिस्थितियों में आप यही छोटे-छोटे नुस्खे आजमाकर स्वस्थ रह सकते हैं, क्योंकि अभी अस्पताल और चिकित्सक कोरोना के मरीजों की जांच और देखरेख में व्यस्त हैं। इसलिए अस्पतालों में अनावश्यक दबाव बढ़ाने से बचें और सुरक्षित रहें।

–आईएएनएस

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कोविड-19 से संक्रमित रोगियों को हो सकती है थायराइड की भी समस्या

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नई दिल्ली,कोरोनावायरस से संक्रमित हुए रोगियों को एक सूजन संबंधी थायरॉयड बीमारी सबस्यूट थायरॉयडिटिस हो सकती है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि सबस्यूट थायरॉयडिटिस एक सूजन थायरॉयड रोग है। इसकी विशेषता है कि इसके चलते गर्दन में दर्द होता है और यह आमतौर पर एक अपर रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट संक्रमण के चलते होता है।

द जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित एक नए मामले के अध्ययन के अनुसार, यह एक वायरल संक्रमण या एक पोस्ट-वायरल इंफ्लेमेटरी रिएक्शन के कारण हो सकता है, और कई वायरस ऐसे हैं, जो रोग से जुड़े हुए हैं।

गंभीर श्वसन लक्षणों के साथ सार्स-कोव-2 (कोविड-19) एक महामारी के रूप में उभरा है और इसमें अन्य अंग शामिल हो सकते हैं। कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों का वैश्विक आंकड़ा 50 लाख से अधिक हो चुका है।

इटली के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ पीसा के शोधकर्ता फ्रांसेस्को लैट्रॉफ ने कहा, हमने सार्स-कोव-2 संक्रमण के बाद सबस्यूट थायरॉयडिटिस के पहले मामले की सूचना दी । चिकित्सकों को कोविद -19 से संबंधित इस अतिरिक्त संभावना के बारे में सतर्क किया जाना चाहिए।

आईएएनएस

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