Connect with us

शहर

सर्दियों में मुफ्त कर दें दिल्ली मेट्रो सेवा : पर्यावरणविद्

Published

on

File Photo

अमूमन हर साल दशहरे के बाद दिल्ली सहित तमाम राज्यों में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो जाता है। हर साल सरकार प्रदूषण कम करने के लिए बड़े-बड़े ऐलान करती है, कभी पटाखों पर तो कभी पराली जलाने पर प्रतिबंध। लेकिन इन सबका प्रदूषण पर कुछ खास असर नहीं होता।

पर्यावरणविद् कहते हैं कि पिछली बार सरकार ने दिवाली पर पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया था तो इस बार सर्दियों में मेट्रो में आम लोगों के लिए सफर को नि:शुल्क करने का उपाय भी करके देखा जाना चाहिए। पर्यावरणविद् व सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड एन्वायरमेंट (सेफ) के सदस्य विक्रांत तोंगड़ कहते हैं कि 15 सितंबर से पराली जलाने का सिलसिला शुरू होता है और 15 नवंबर तक आते-आते हालात बदतर हो जाते हैं।

ऐसे में सरकार हर बार आनन-फानन में आपात कदम उठाकर अपनी पीठ थपथपाती है, लेकिन ग्राउंड लेवल पर इनका कुछ असर असल में नहीं होता। तोंगड़ कहते हैं, “सर्दी ने अभी ठीक तरीके से दस्तक भी नहीं दी है और अभी से प्रदूषण का स्तर गंभीर हो चुका है, आगे जैसे-जैसे तापमान घटेगा, स्थिति और खराब होगी। इस बार प्रदूषण से राहत मिलती नजर नहीं आती। अभी हवा की गति कम है, इसलिए प्रदूषण का अभी ज्यादा पता नहीं चल पा रहा है।”

उन्होंने आईएएनएस से कहा, “हमारी सरकार देर से ही जागती है। अब फुर्ती दिखाने से हम प्रदूषण को नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। इसके लेकर काफी पहले से प्रयास शुरू करने चाहिए थे। सड़कों को झाडू से साफ करने के बजाय वैक्यूम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बसों आदि के टिकट कम करने चाहिए।

सरकार को चाहिए कि सर्दी के इन दो से तीन महीनों में मेट्रो में सफर को नि:शुल्क कर दिया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग मेट्रो का सफर कर पाएंगे। यकीन मानिए, इससे प्रदूषण का स्तर बहुत कम हो जाएगा, क्योंकि लोग अपने निजी या अन्य वाहनों को छोड़कर मेट्रो का सफर करना शुरू कर देंगे।”

यह पूछने पर कि सरकार मेट्रो को कुछ महीनों के लिए नि:शुल्क कर घाटा क्यों सहेगी? जवाब में उन्होंने कहा, “क्यों नहीं? क्या सरकार प्रदूषण से हो रहे नुकसान को गंभीरता से नहीं लेती क्या? जलवायु परिवर्तन को लेकर पूरी दुनिया में बहस छिड़ी हुई है।

प्रदूषण से मौतें हो रही हैं और ऐसे में अगर सरकार नफा-नुकसान के बारे में सोचेगी तो इससे ज्यादा हास्यास्पद और कुछ नहीं हो सकता।”एक अन्य पर्यावरणविद् अनुराधा राव कहती हैं, “पिछले साल दिवाली के समय प्रदूषण का जो स्तर था, वह इस साल दशहरे पर ही हो गया है। रविवार को दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब से बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गई। इसी से समझ लीजिए कि इस बार सर्दियों में हालात बहुत बिगड़ने वाले हैं। पराली पर पूर्ण रोक के साथ भारी जुर्माना लगाने की भी जरूरत है।”

आंकड़ों की बात की जाए तो 2017 में दिवाली पर वायु सूचकांक 326 रहा, जबकि 2016 की दिवाली पर यह 426 रहा। इस तरह 2016 में दिवाली पर प्रदूषण का स्तर सर्वोच्च रहा। ऐसा अनुमान है कि इस साल दिवाली पर प्रदूषण का स्तर 2016 के स्तर से अधिक रहेगा। अब देखना यह है कि 2016 में दिवाली पर जहां पीएम10 का स्तर 448 से 939 के बीच 2017 में 331 से 951 के बीच रहा। वहीं, इस बार यह कहां तक पहुंचेगा।

विक्रांत तोंगड़ कहते हैं, “राहुल गांधी वायु प्रदूषण को लेकर फेसबुक पोस्ट करते हैं, जो अच्छी बात है लेकिन जरूरी है कि राजनीतिक दल प्रदूषण को लेकर एक मुहिम शुरू करें। डीटीसी बसों में किराया घटाना और मेट्रो में यात्रा को दो से तीन महीनों के लिए निशुल्क करना कारगर कदम साबित हो सकते हैं।”

–आईएएनएस

शहर

नोएडा में स्कूल की दीवार ढही, 2 छात्रों की मौत

Published

on

नोएडा के सलारपुर कालोनी स्थित खजान मेमोरियल पब्लिक स्कूल की छत की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। दीवार गिरने के कारण आधा दर्जन से ज्यादा बच्चे मलबे में दब गए। घायलों को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

WeForNews

Continue Reading

शहर

उत्तर प्रदेश: ट्रैक्टर-ट्रॉली और बोलेरो की टक्कर में 5 की मौत

Published

on

accident

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बांदा-रायबरेली राजमार्ग के ललौली थाना क्षेत्र के दतौली गांव के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली और बोलेरो की आमने-सामने की टक्कर में बोलेरो सवार फतेहपुर जिले के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों में तीन की हालत चिंताजनक बनी हुई है। फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक राजीव राज ने सोमवार को बताया, “रविवार देर शाम करीब आठ बजे बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के ठिठौरा गांव का पूर्व फौजी मेवालाल (48) किराए की बोलेरो से अपने दस अन्य रिश्तेदारों के साथ बांदा जिला स्थित अपनी ससुराल छापर गांव में नाती के छठी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था।

उनकी बोलेरो जीप बांदा-रायबरेली राजमार्ग में बांदा की सरहद से लगे फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के दतौली गांव के पास बांदा की ओर से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली से आमने-सामने टकरा गई।”

उन्होंने कहा, “टक्कर से बोलेरो सवार मेवालाल, उसकी पत्नी मंजू (45), भांजा अंश (5), सलहज भगवती (40) और 40 वर्षीय अज्ञात बोलेरो चालक की मौके पर ही मौत हो गई है। जबकि मेवालाल का दामाद राजेश (32), बेटी पूजा (28), दामाद की बहन पूजा (16), भांजी आरुषि (7), मेवालाल का बेटा चेतन (20), प्रेम यादव (20) और संतलाल (40) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।”

राजीव ने बताया कि घायलों में राजेश, उसकी पत्नी पूजा और बहन की हालत ज्यादा चिंताजनक है, जिन्हें इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया है। हादसा दोनों वाहनों के तेज रफ्तार होने से असंतुलित होने पर हुआ है, ट्रैक्टर-ट्रॉली कब्जे में ले लिया गया है और उसके फरार चालक की तलाश की जा रही है। सभी शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

–आईएएनएस

Continue Reading

शहर

कश्मीर में शीतलहर का प्रकोप जारी

Published

on

Jammu-Kashmir
(Photo: ANI)

कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप जारी है और यहां रात का तापमान हिमांक बिंदू से कई डिग्री नीचे बना रहा।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में अगले चार से पांच दिनों तक शुष्क मौसम के साथ रात में आसमान साफ रहेगा, जिसके चलते इस अवधि में मौसम की मौजूदा स्थिति यूं ही बनी रहेगी।

श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.8 डिग्री नीचे जबकि पहलगाम और गुलमर्ग में शून्य से 8.3 डिग्री नीचे रहा। लेह में तापमान शून्य से 16.1 डिग्री नीचे जबकि कारगिल में शून्य से 11.4 डिग्री नीचे रहा।

जम्मू में 4.4 डिग्री सेल्सियस, कटरा में 6.4 डिग्री, बटोटे में 1.5 डिग्री, बनिहाल में 3.5 डिग्री, भदरवाह में शून्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

–आईएएनएस

Continue Reading

Most Popular