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अधिकारियों का तबादला नहीं कर पाने से दिल्ली सरकार शक्तिहीन : आप

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उप राज्यपाल अनिल बैजल व दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बीच चल रही खींचतान के बीच आप सरकार ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि दिल्ली सरकार शक्तिहीन है क्योंकि वह नौकरशाहों की तैनाती या तबादला नहीं कर पा रही है।

दिल्ली सरकार के तरफ से पेश वकील व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी व न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की खंडपीठ से कहा कि यह एक जरूरी मुद्दा था और जल्द सुनवाई होनी चाहिए।

चिदंबरम ने कहा, “आज दिल्ली सरकार शक्तिहीन है। हम अधिकारियों का तबादला या तैनाती नहीं कर सकते। संविधान पीठ के फैसले का क्या फायदा? यह एक जरूरी मुद्दा है।” खंडपीठ ने मामले की सुनवाई को 26 जुलाई को तय कर दी क्योंकि उप राज्यपाल ने एक सप्ताह का समय मांगा।

आप सरकार ने संविधान पीठ के हालिया फैसले के मद्देनजर अपनी शक्तियों के विस्तार को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा दाखिल सभी अपीलों के जल्द निस्तारण की मांग की है।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर व डी.वाई.चंद्रचूड़ की तीन न्यायाधीशों वाली संवैधानिक खंडपीठ ने 4 जुलाई को फैसला सुनाया था कि उप राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य हैं।

खंडपीठ ने यह भी फैसला दिया कि उपराज्यपाल के पास केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर कानून व्यवस्था, पुलिस और जमीन को छोड़कर किसी और मामले में कोई भी स्वतंत्र शक्ति नहीं है। दिल्ली सरकार के पास अन्य मुद्दों पर कानून बनाने और शासन करने की शक्तियां हैं।

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार ने अधिकारियों की तैनती व तबादले की सिफारिश वाली फाइलें बैजल को भेजीं। लेकिन, उपराज्यपाल ने ने यह कहते हुए कहा इसे रोक दिया कि सेवा विभाग से जुड़े मुद्दे पर अभी अदालत ने फैसला नहीं लिया है।

–आईएएनएस

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गांधीजी हमारे नैतिक पथ-प्रदर्शक : कोविंद

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नई दिल्ली, 14 अगस्त | राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को यहां कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी देश के नैतिक पथ-प्रदर्शक रहे हैं, आज भी हैं, और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता दिवस का हमेशा ही विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बार एक खास बात यह है कि कुछ ही सप्ताह बाद दो अक्टूबर से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के समारोह शुरू हो जाएंगे।

कोविंद ने कहा, “गांधीजी ने केवल हमारे स्वाधीनता संग्राम का नेतृत्व ही नहीं किया, बल्कि वह हमारे नैतिक पथ-प्रदर्शक भी थे और सदैव रहेंगे। भारत के राष्ट्रपति के रूप में मुझे अफ्रीका के देशों की यात्रा करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। विश्व में, हर जगह, जहां-जहां पर मैं गया, सम्पूर्ण मानवता के आदर्श के रूप में गांधीजी को सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है।”

राष्ट्रपति ने कहा, “हमें गांधीजी के विचारों की गहराई को समझने का प्रयास करना होगा। उन्हें राजनीति और स्वाधीनता की सीमित परिभाषाएं मंजूर नहीं थीं। जब गांधीजी और उनकी पत्नी कस्तूरबा चंपारण में नील की खेती करने वाले किसानों के आंदोलन के सिलसिले में बिहार गए तो वहां उन्होंने काफी समय लोगों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को स्वच्छता और स्वास्थ्य की शिक्षा देने में लगाया। चंपारण में और अन्य बहुत से स्थानों पर, गांधीजी ने स्वयं, स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने साफ-सफाई को, आत्म-अनुशासन और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना।”

राष्ट्रपति ने कहा, “उस समय बहुत से लोगों ने यह सवाल उठाया था कि इन सब बातों का भला स्वाधीनता संग्राम के साथ क्या लेना-देना है? महात्मा गांधी के लिए स्वाधीनता के अभियान में उन बातों का बहुत महत्व था। उनके लिए वह केवल राजनैतिक सत्ता प्राप्त करने का संग्राम नहीं था, बल्कि गरीब से गरीब लोगों को सशक्त बनाने, अनपढ़ लोगों को शिक्षित करने, तथा हर व्यक्ति, परिवार, समूह और गांव के लिए सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार का संघर्ष था।”

कोविंद ने कहा, “गांधीजी स्वदेशी पर बहुत जोर दिया करते थे। उनके लिए यह भारतीय प्रतिभा और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम था। वह दुनिया के अन्य हिस्सों में प्रचलित चिंतन-धाराओं के बारे में सजग थे। वे यह मानते थे कि भारतीय सभ्यता के अनुसार, हमें पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर, नए-नए विचारों के लिए, अपने मस्तिष्क की खिड़कियां खुली रखनी चाहिए। यह स्वदेशी की उनकी अपनी सोच थी। दुनिया के साथ हमारे सम्बन्धों को परिभाषित करने में -हमारी अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक आकांक्षाओं और नीतिगत विकल्पों के चयन में- स्वदेशी की यह सोच आज भी प्रासंगिक है।”

उन्होंने कहा, “इस स्वाधीनता दिवस के अवसर पर, हम सब भारतवासी अपने दिन-प्रतिदिन के आचरण में उनके द्वारा सुझाए गए रास्तों पर चलने का संकल्प लें। हमारी स्वाधीनता का उत्सव मनाने, तथा भारतीयता के गौरव को महसूस करने का इससे बेहतर कोई और तरीका नहीं हो सकता।”

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नायपॉल का काम हमेशा याद रखा जाएगा : साहित्य अकादमी

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साहित्य अकादमी ने नोबेल पुरस्कार विजेता लेखक वी.एस. नायपॉल के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनके काम को हमेशा याद रखा जाएगा और उनका काम लेखकों को प्रेरित करता रहेगा।

बयान के अनुसार, अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासाराव ने कहा कि अकादमी विद्याधर सूरजप्रसाद नायपॉल के निधन से काफी दुखी है। अकादमी ने उन्हें एक प्रतिष्ठित लेखक के रूप में वर्णित किया। श्रीनिवासाराव ने कहा, “वी.एस. नायपॉल इस नश्वर दुनिया से चले गए लेकिन उनका काम हमेशा याद रखा रहेगा।

नायपॉल जैसी प्रतिभा अक्सर देखने को नहीं मिलती और वास्तव में अकादमी के लिए वी.एस. नायपॉल फैलोशिप देना सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि नायपॉल ने लेखकों की दो पीढ़ियों को प्रेरित किया और वह आगामी समय में भी हर भाषा के लेखकों को प्रोत्साहित करते रहेंगे। नोबेल और बुकर प्राइज से सम्मानित नायपॉल का शनिवार को लंदन में निधन हो गया था।

–आईएएनएस

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Independence Day 2018 : दिल्ली मेट्रो इस तरह बनाएगी 15 अगस्त को यादगार…

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दिल्ली मेट्रो आपके सफर को 15 अगस्त के मौके पर यादगार बनाने जा रहा है। मेट्रो में सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है।

मेट्रो ने देशभक्ति का संदेश फैलाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य भारतीय हस्तियों की तस्वीरों से सजी छह डिब्बों वाली एक विशेष ट्रेन आज यानी 14 अगस्त से चलाई गई है।  ये ट्रेन 2 महीने तक चलेगी। एक अधिकारी ने बताया कि यह ट्रेन अगले दो महीने तक समयपुर बादली और हुडा सिटी सेंटर (येलो लाइन) के बीच दौड़ेगी।

इसपर महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस, बी आर अंबेडकर, लता मंगेशकर, पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम, शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान, क्रिक्रेटर कपिल देव की तस्वीरें लगी हैं। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वी के सिंह ने इस ट्रेन पर संदेश लिखकर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

महात्मा गांधी

mahatma gandhi

भगत सिंह

bhagat singh

सुभाषचंद्र बोस

netaji subhash chandra bose 650

बी आर अंबेडकर

br ambedkar

लता मंगेशकर

lata mangeshkar twitter

मंत्री ने लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के पैनल पर हिंदी में स्वतंत्रता दिवस की बधाई लिखी और लोगों को शुभकामनाएं दीं। अधिकारी ने कहा, ‘मेट्रो ट्रेन यात्रियों के बीच राष्ट्रभक्ति और एकता के विचार को फैलाने के लिए प्रेरणास्पद संदेशों को लेकर चल रही है।

स्पेशल मेट्रो में इन स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य भारतीय हस्तियों की तस्वीरें होंगी…

ए पी जे अब्दुल कलाम

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उस्ताद बिस्मिल्ला खान

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कपिल देव

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दिल्ली मेट्रो के बारे में खास बातें-

1. दिल्ली मेट्रो में जो महिला अंग्रेजी में बोलती हैं उनका नाम मिस रिनी सिमन खन्ना है और जो पुरुष हिंदी में बोलते हैं उनका नाम शम्मी नारंग है।

2. दिल्ली मेट्रो में बेवफा, पा, देव डी, लव आज कल और दिल्ली-6 जैसी फिल्मों की शूटिंग हुई है।

3. सभी दिल्ली मेट्रो स्टेशन की एसकिलेटर में ‘साड़ी गार्ड’ लगाया गया है। जो महिलाओं की सेफ्टी के लिए लगाया गया है।

4. पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीएमआरसी ने पूरे ब्लू लाइन पर बारिश के पानी का संरक्षण करने के लिए सिस्टम बनाया हुआ है।

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