Connect with us

खेल

CWG 2018: गोल्ड कोस्ट में भारत ने 26 गोल्ड समेत जीते 66 मेडल

Published

on

gold day
21वें कॉमनवेल्थ गेम्स

ऑस्‍ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में  खेले गए 21वेंं  कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में भारत ने कुल 66 पदक जीते। 26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत ने तीसरा स्थान हासिल किया। कुल 198 पदकों के साथ ऑस्‍ट्रेलिया पदक तालिका में टॉप पर रहा। ऑस्ट्रेलिया ने 80 स्वर्ण पदक जीते।

भारत ने बेशक चौथे स्थान पर रहे कनाडा (82 पदक) से कम पदक जीते लेकिन उसके स्वर्ण पदकों की संख्या कनाडा से अधिक रही। कनाडा ने 15 स्वर्ण जीते जबकि भारत के नाम 26 स्वर्ण रहे। भारत ने 20 रजत और इतने ही कांस्य भी जीते जबकि कनाडा के नाम 40 रजत और 27 कांस्य रहे।

आस्ट्रेलिया ने 80 स्वर्ण के अलावा 59 रजत और इतने ही कांस्य पदक जीते। इंग्लैंड ने 136 पदकों के साथ दूसरा नंबर हासिल किया। इंग्लैंड ने 45 स्वर्ण, इतने ही रजत और 46 कांस्य पदक जीते।

21वें राष्ट्रमंडल खेलों में कुल 71 देशों और टेरेटरीज ने हिस्सा लिया, जिनमें से 43 के हिस्से पदक आए। न्यूजीलैंड ने 15 स्वर्ण, 16 रजत और 15 कांस्य के साथ कुल 46 पदकों के साथ पांचवां स्थान हासिल किया।

दक्षिण अफ्रीका ने 37 पदक (13 स्वर्ण, 11 रजत और 13 कांस्य) जीते जबकि वेल्स ने 36 पदक (10 स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य) जीते। स्कॉटलैंड और नाइजीरिया के नाम नौ-नौ स्वर्ण रहे।

भारत की बात की जाए तो उसने ग्लासगो में 15 स्वर्ण जीते थे लेकिन इस बार वह उस संख्या को पार करने में सफल रहा। हालांकि 2010 में अपनी मेजबानी में हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीते थे, जो इन खेलों में उसका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। 21वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन आस्ट्रेलिया के पश्चिमी शहर गोल्ड कोस्ट में 4 से 15 अप्रैल के बीच हुआ।

WeForNews

खेल

जजों के निर्णय में सुधार की आवश्यकता : मुक्केबाज सतीश

सतीश को एक कड़े फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के फ्रेजर क्लार्क के खिलाफ 0-5 से हार झेलनी पड़ी थी। सभी जजों ने उनके खिलाफ निर्णय दिया था।

Published

on

Satish Kumar Yadav
Picture Credit : MNIS

नई दिल्ली, 19 अप्रैल | आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड प्रांत में स्थित गोल्ड कोस्ट में हाल ही में समाप्त 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी की 91प्लस किलोग्रम भारवर्ग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज सतीश कुमार यादव का मानना है कि ओलम्पिक एवं राष्ट्रमंडल खेलों में जजों के निर्णयों में सुधार की आवश्यकता है।

सतीश को एक कड़े फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के फ्रेजर क्लार्क के खिलाफ 0-5 से हार झेलनी पड़ी थी। सभी जजों ने उनके खिलाफ निर्णय दिया था। मुकाबला समाप्त होने के बाद सतीश खुद को विजेता मान रहे थे लेकिन जब क्लार्क के पक्ष में निर्णय आया तो वह हैरान रह गए।

आईएएनएस से साक्षात्कार में सतीश कुमार ने कहा, “केवल मैं ही नहीं रिंग के आसपास मौजूद दर्शक और मेरे कोच भी इस निर्णय से हैरान थे। इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया या अन्य यूरोपीय देशों के अधिकारी बड़े टूर्नामेंट के दौरान एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, जिसके कारण कड़े मुकाबलों में निर्णय हमारे पक्ष में नहीं जाते। मैं जजों के निर्णय से खुश नहीं हूं क्योंकि फाइनल में अच्छी मुक्केबाजी करने बाद भी मेरे पक्ष में निर्णय नहीं आया और मुझे रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।”

सतीश ने कहा, “भारतीय मुक्केबाज बहुत शक्तिशाली हैं लेकिन कभी-कभी बड़े टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ गलत निर्णय दिए जाते हैं। अगर बड़े टूर्नामेंट में अच्छे जजों का इस्तेमाल किया जाए और हमारे खिलाफ गलत निर्णय नहीं दिए जाए तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजों का बोलबाला देखने को मिलेगा। जजों में सुधार करने के लिए उन्हें खेल के बारे में अधिक शिक्षित करने की आवश्यकता है।”

सतीश ने कहा कि मुक्केबाजी में पहले जिस स्कोरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता था, उसमे अधिक पारदर्शिता थी। अभी जो सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसमे पारदर्शिता की कमी है और यही कारण है कि कभी-कभी अच्छे प्रदर्शन के बाद भी निर्णय आपके खिलाफ आता है।

सेना में जाने के बाद सतीश कुमार ने मुक्केबाजी करना शुरू किया और अपने पहली राष्ट्रमंडल खेल में रजत पदक जीतने के बाद उनका लक्ष्य एशियाई खेलों एक ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतना है। हालांकि, 28 वर्षीय सतीश ने यह भी माना कि उन्हें अपने करियर में मुक्केबाजी देर से शुरू की।

उन्होंने कहा, “मुझे इसका मलाल तो रहेगा कि मैं मुक्केबाजी में देरी से आया। एक युवा मुक्केबाज के तौर पर आप खेल की बारीकियां जल्द सीख लेते हैं और अगर आपकी नींव अच्छी होगी तो आप महान मुक्केबाज बनेंगे।”

सतीश ने कहा कि भले ही उन्हानें मुक्केबाजी देरी से शुरू की लेकिन उनके अंदर अभी भी ओलम्पिक में पदक जीतने का दम है और लगातर टूर्नामेंट में खेलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, जिसका फायदा उन्हें एशियाई एवं ओलम्पिक खेलों में मिलेगा।

सतीश ने कहा, “गोल्ड कोस्ट में किए गए प्रदर्शन से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। सुपर हैवीवेट स्पर्धा में आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और आयरलैंड के मुक्केबाज बहुत शक्तिशाली है और मुझे उनके खिलाफ खेलकर मैं काफी कुछ सीखा हूं, जिसका मुझे आने वाले टूर्नामेंट में फायदा मिलेगा।”

इस वर्ष 18वें एशियाई खेलों का आयोजन 18 अगस्त से दो सितंबर के बीच इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में होना है। भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों के लिए विशेष तैयार हेतु अमेरिका दौरे पर जाएंगे, जहां वे माइकल जानसन अकादमी में 15 दिनों की ट्रेनिंग करेंगे।

–आईएएनएस

Continue Reading

खेल

आईपीएल-11: गेल का शानदार शतक, हैदराबाद को 194 की चुनौती

Published

on

gayle

मोहाली, 19 अप्रैल | करिश्माई विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल के 63 गेंदों पर एक चौके और 11 छक्कों से सजी 104 रन की नाबाद शतकीय पारी के दम पर किंग्स इलेवन पंजाब ने यहां आईएस बिंद्रा स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में गुरुवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ तीन विकेट पर 193 रन का विशाल स्कोर बना लिया। लीग में अपना दूसरा मैच खेल रहे गेल 11वें संस्करण में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। आईपीएल के इतिहास में गेल का यह छठा शतक है। गेल ने मैच के 14वें और राशिद खान के तीसरे ओवर में लगातार चार आसमानी छक्के उड़ाए।

गेल ने अपने पहले 50 रन 39 गेंदों पर और दूसरे 50 रन मात्र 19 गेंदों में ही पूरा किए। गेल आईपीएल में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

38 साल के गेल ने लोकेश राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 53, मयंक अग्रवाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 30, करुण नायर के साथ तीसरे विकेट के लिए 85 और एरॉन फिंच के साथ चौथे विकेट के लिए 25 रन की साझेदारी निभाई।

गेल के अलावा राह़ुल ने 21 गेंदों पर तीन चौकों के सहारे 18, मयंक ने नौ गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 18, करुण ने 21 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की बदौलत 31 और फिंच ने छह गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 14 रन बनाए।

हैदराबाद के लिए राशिद खान ने 55 रन पर एक विकेट लिया। टी-20 में राशिद का अब तक यह सबसे महंगा स्पेल है। राशिद के अलावा सिद्वार्थ कौल ने 33 रन पर एक विकेट और भुवनेश्वर कुमार ने 25 रन पर एक विकेट प्राप्त किया।

–आईएएनएस

Continue Reading

खेल

भारत 2032 ओलम्पिक खेलों के लिए मेजबानी पेश करेगा

Published

on

ioa-logo

नई दिल्ली। भारतीय ओलम्पिक महासंघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने गुरुवार को कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के सामने 2032 ओलम्पिक खेलों की मेजबानी की सिफारिश करेगा। बत्रा ने यहां राजधानी दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक की उपस्थिति में इसकी घोषणा की।

नरिंदर ने कहा, “भारत ने युवा ओलम्पिक खेलों के अलावा, 2030 एशियाई खेलों और 2032 ओलम्पिक खेलों के भी अपनी मेजबानी पेश करने का फैसला लिया है। मैं यह घोषणा करना चाहता हूं कि हम 2032 ओलम्पिक खेलों के लिए आईओसी के सामने मेजबानी पेश करेगा।”

इस संबंध में बाक ने कहा, “भारत के पास इस संबंध में काफी क्षमता है। यह सिर्फ खेल में ही नहीं, बल्कि इसके एथलीट भी शानदार है। इसके अलावा, भारत आर्थिक रूप से भी मजबूत दिखा रहा है। आशा है कि एक दिन भारत ओलम्पिक खेलों की मेजबानी करेगा।”

बाक ने यह भी कहा कि ओलम्पिक आंदोलन में आईओसी पूरी तरह भारत के साथ है और वह हर उस देश को सक्षम बनाने में मदद करेगा, जो बहु-खेल आयोजनों की मेजबानी की चाह रखते हैं। बाक के मुताबिक भारत के पास क्षमता और संसाधन दोनों हैं, ऐसे में वह आने वाले समय में वैश्विक खेल मेजबान के तौर पर सामने आएगा।

–आईएएनएस

Continue Reading

Most Popular