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देश का विदेशी पूंजी भंडार 2.15 अरब डॉलर घटा

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फाइल फोटो

देश का विदेशी पूंजी भंडार 16 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 2.15 अरब डॉलर घटकर 419.76 अरब डॉलर हो गया, जो 27,000.5 अरब रुपये के बराबर है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार आलोच्य सप्ताह में 2.12 अरब डॉलर घटकर 394.74 अरब डॉलर हो गया, जो 25,398.7 अरब रुपये के बराबर है।

बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।

आलोच्य अवधि में देश का स्वर्ण भंडार 21.51 अरब डॉलर रहा, जो 1,370.2 अरब रुपये के बराबर है।

इस दौरान देश के विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) का मूल्य 1.39 करोड़ डॉलर घटकर 1.53 अरब डॉलर हो गया, जो 98.7 अरब रुपये के बराबर है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश के मौजूदा भंडार का मूल्य 1.87 करोड़ डॉलर घटकर 2.06 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 132.9 अरब रुपये के बराबर है।

–आईएएनएस

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शेयर बाजारों में गिरावट,सेंसेक्स 219 अंक नीचे

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File Photo

देश के शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 219.25 अंकों की गिरावट के साथ 35,470.35 पर और निफ्टी 59.40 अंकों की गिरावट के साथ 10,762.45 पर बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 94.15 अंकों की तेजी के साथ 35,783.75 पर खुला और 219.25 अंकों या 0.61 फीसदी गिरावट के साथ 35,470.35 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 35,806.97 के ऊपरी और 35,430.11 के निचले स्तर को छुआ।

सेंसेक्स के 30 में से सात शेयरों में तेजी रही। इंफोसिस (2.07 फीसदी), वेदांता लिमिटेड (0.70 फीसदी), कोटक बैंक (0.70 फीसदी), इंडसइंड बैंक (0.65 फीसदी) और एचडीएफसी बैंक (0.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे -टाटा मोटर्स (5.94 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.79 फीसदी), कोल इंडिया (2.28 फीसदी), एलटी (2.05 फीसदी) और एक्सिस बैंक (1.81 फीसदी)।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। मिडकैप सूचकांक 126.56 अंकों की गिरावट के साथ 15,713.05 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 147.36 अंकों की गिरावट के साथ 16392.48 पर बंद हुए।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 1.05 अंकों की तेजी के साथ 10,822.90 पर खुला और 59.40 अंकों या 0.55 फीसदी की गिरावट के साथ 10,762.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,831.05 के ऊपरी और 10,753.05 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के केवल दो सेक्टरों -सूचना प्रौद्योगिकी (0.85 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (0.58) में तेजी रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में उद्योग (1.83 फीसदी), तेल और गैस (1.55 फीसदी), वाहन (1.51 फीसदी), ऊर्जा (1.40 फीसदी) और पूंजीगत वस्तुएं (1.31 फीसदी) प्रमुख रूप से शामिल रहे। बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 819 शेयरों में तेजी और 1,775 में गिरावट रही, जबकि 153 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

–आईएएनएस

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तीन अरब डाॅलर से अधिक घटा विदेशी मुद्रा भंडार

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मुंबई, 24 जून : देश का विदेशी मुद्रा भंडार गत 15 जून को समाप्त सप्ताह में 3.038 अरब डॉलर घटकर 410.07 अरब डॉलर रहा।”

इससे पहले 08 जून को समाप्त सप्ताह में यह लगातार सात सप्ताह की गिरावट से उबरकर 87.95 करोड़ डॉलर बढ़कर 413.11 अरब डॉलर पर पहुंचा था।

रिजर्व बैंक द्वारा जारी आँकड़े के अनुसार, 15 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 3.05 अरब डॉलर घटकर 385.33 अरब डॉलर रहा। इस दौरान स्वर्ण भंडार 3.89 करोड़ बढ़कर 21.22 अरब डॉलर पर पहुंचा।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 1.17 करोड़ डॉलर घटकर 2.01 अरब डॉलर रहा और विशेष आहरण अधिकार 87 लाख डॉलर गिहरकर एक अरब 49 करोड़ 10 लाख डॉलर पर रहा।

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जीएसटी को लेकर चिदंबरम ने मोदी सरकार को लिया आड़े हाथ

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने जीएसटी के क्रियान्वयन में कथित खामियों के लेकर सोमवार को सरकार को घेरा और सवाल किया कि इस महत्वपूर्ण विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली और वित्त मंत्रालय का प्रभार देख रहे पीयूष गोयल चुप क्यों हैं.

चिदंबरम ने यह भी पूछा कि क्या सरकार उन लाखों व्यापारियों और निर्यातकों की पीड़ा से अवगत है जो अपना पैसा फंसे होने से परेशान हैं? उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘अगर जीएसटी ईमानदारी की जीत और ईमानदारी का जश्न है तो भाजपा ने इसका पहले विरोध क्यों किया था और पांच साल तक इसके क्रियान्वयन को अवरुद्ध क्यों कर रखा था? ‘

पूर्व वित्त मंत्री ने सवाल किया, ‘जीएसटी के क्रियान्वयन में आई कई खामियों पर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और कार्यवाहक वित्त मंत्री क्यों नहीं बोल रहे? 12 महीने बाद भी जीएसटी रिटर्न फॉर्म -2 और जीएसटी रिटर्न फॉर्म -3 को अधिसूचित क्यों नहीं किया?” चिदंबरम ने कहा, ‘क्या सरकार उन लाखों व्यापारियों और निर्यातकों की पीड़ा से अवगत है जो अपना पैसा फंसे होने और जल्द वापस नहीं मिलने से परेशान हैं?”

 

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