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बच्चे इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं, इसकी निगरानी नहीं करते परिजन

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दुनिया भर में ‘सेफर इंटरनेट डे’ मनाया जा रहा है और ऐसे में इंटरनेट के उपयोग को लेकर भारत से आने वाले आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं।

एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि 60 फीसदी माता-पिता अपने बच्चों द्वारा देखे जाने वाले ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी नहीं करते, जो काफी चिंताजनक है।

दुनिया मंगलवार को ‘टुगेदर फॉर अ बेटर इंटरनेट’ थीम के जरिए सेफर इंटरनेट डे मना रही है और इसी दिन भारत के अग्रणी क्लीसीफाइड मंच-ओएलएक्स ने कंपनी के ‘2019 इंटरनेट बिहैवियर सर्वे’ के परिणाम जारी किए हैं।

ओएलएक्स द्वारा इंटरनेट का उपयोग करने वाले 26,000 से अधिक लोगों पर किया गया यह सर्वे ऑनलाइन और आमतौर पर सुरक्षा पर लोगों के नजरिये और व्यवहार को चिन्हित करता है।

इसका लक्ष्य जागरूकता बढ़ाना है और इसने सभी यूजर्स, खासकर युवा यूजर्स से बेहतर इंटरनेट इकोसिस्टम के निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया गया है।

सर्वे से पता चला है कि इंटरनेट का उपयोग करने वाले अधिकांश लोग अपने व्यक्तिगत जीवन में साइबर सिक्योरिटी के सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों की जाने-अनजाने में उपेक्षा करते हैं। उनके बच्चे ऑनलाइन क्या कंटेंट देख रहे हैं, इस पर वे नजर नहीं रखते हैं।

57 प्रतिशत लोगों ने माना कि ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, वे अपनी ईमेल आईडी और ऑनलाइन खातों को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं।

सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा रहा है कि 60 प्रतिशत परिजनों ने माना कि वे अपने बच्चों द्वारा ऑनलाइन देखे जाने वाले कंटेंट की निगरानी नहीं करते हैं। यह काफी चिंता का सबब है क्योंकि जाने या अनजाने में ही बच्चे इंटरनेट का गलत उपयोग करते हैं और इसके परिणाम काफी गम्भीर होते हैं।

सर्वे में शामिल 67 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने किसी वेबसाइट पर साइन अप करते हुए या किसी उत्पाद का उपयोग करते समय नियम और शर्तो या अन्य सुरक्षा व लीगल गाइडलाइंस को स्किप किया है।

54 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने पिछले 6 माह से अधिक समय से अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड नहीं बदले हैं, जबकि 31 प्रतिशत को याद ही नहीं है कि उन्होंने पासवर्ड कब बदले थे।

सर्वे में शामिल 56 प्रतिशत लोगों ने अपनी प्रोफेशनल या सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर अपना मोबाइल नंबर आराम से शेयर किया है। ऐसा तब है जब सोशल मीडिया साइट्स और बैंक अपने उपयोगर्ताओं या फिर ग्राहकों को समय-समय पर पासवर्ड बदलने की सलाद देते हैं और यह भी कहा जाता है कि पासवर्ड काफी स्ट्रांग होना चाहिए।

सुरक्षा के प्रति उपेक्षा दर्शाने वाले इन लोगों में हालांकि वित्तीय सुरक्षा के लिए बड़ी जागरूकता है। 68 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने बैंक अकाउंट, सोशल मीडिया अकाउंट्स, लैपटॉप या फोन के लिए ओटीपी या पासवर्ड कभी किसी के साथ शेयर नहीं किया है।

ऐसा करना भी नहीं चाहिए क्योंकि इससे एकाउंट हैक होने का खतरा है। ओएलएक्स इंडिया की निदेशक और जनरल काउंसेल लवण्या चंदन ने कहा, “इंटरनेट हमारे जीवन पर हावी हो गया है।

इसलिए उसका उपयोग ऐसे करना कि हमारे जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो और वास्तविक संसार जैसी सावधानी रखकर सुरक्षित रहना, हमारे हित में है। सेफर इंटरनेट डे हमारी मनोवृत्ति और व्यवहार को परखने का उचित अवसर है, ताकि हमारी और हमारे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।”

— आईएएनएस

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इस शरबत को पीने से एसिडिटी से मिलेगा छुटकारा…

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फाइल फोटो

आजकल ज्यादातर लोग गैस की समस्या से जूझ रहे हैं। क्योंकि लोग ताला भुना खाना खाते है जिसे उन्हें एसिडिटी की समस्या हो जाती हैं। लेकिन ये मत सोचिए की आप इस समस्या से छुटकारा नही पा सकतें।

कुछ आसान से उपाय से आप इस बड़ी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। आज आपको एक ऐसा सरबत के बारे में बताएंगे जिसे आपकी ये परेशनी जल्द से जल्द खत्म हो जाएगी।

इस शरबत को बनाने के लिए कुछ ख़ास चीजो की जरुरत पड़ेंगी। और ये चीज़े आपके घर में ही मौजूद रहती है। आप इन चीजों का इस्तेमाल कर अपनी सेहत से जुडी समस्यों को ठीक कर सकते हैं। आइए जानते है इसकी सामग्री और विधि।

जरुरी सामग्री
पुदीना. थोड़ी सी पत्तियां
काला नमक= आधा चमच
नींबू. आधा
पानी . एक गिलास

विधि

इस शरबत को बनाने के लिए सबसे पहले पुदीने को पीसकर उसका पेस्ट बनाये। उसके बाद एक गिलास में पुदीने के पेस्ट के साथ नामक और नींबू का रस मिलाए। शर्बत आपके पिने के लिए तैयार है। इस घरेलू नुस्खे के साथ अपनी गैस और बदहजमी की समस्या को दूर कर सकते है।

ये बीमारी ज्यादातर लोगो को रहती है और ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक भी हैं। आप अपने घर में मौजूद इन घरेलू सामान से इस शरबत को बनाकर मरीज को पिलाए या खुद इस समस्या के शिकार है तो खुद भी पिए।

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भारतीयों को व्यस्त रख रहा है एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग प्लेटफॉर्म

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अब टिंडर या बंबल जैसे डेटिंग एप से आगे बढ़ने का समय आ गया है क्योंकि फ्रांस का ‘ग्लीडेन’ नाम के एक ऑनलाइन डेटिंग कम्युनिटी प्लेटफॉर्म भारत में बहुत लोकप्रिय हो रहा है।

यह शादीशुदा लोगों के लिए विवाहेत्तर संबंधों पर आधारित दुनिया की पहली डेटिंग वेबसाइट है। शुरुआत में महिलाओं- विशेषकर जो पहले से रिलेशनशिप में हैं- के लिए आया यह प्लेटफॉर्म फ्रांस में 2009 में लांच हुआ था और भारत में यह 2017 में आया।

आज दुनियाभर में इसके 49 लाख रजिस्टर्ड यूजर्स हैं जिनमें ज्यादातर यूजर्स यूरोपीय संघ से हैं। भारत में लांच होने के बाद दो साल से कम समय में ही इसके तीन लाख सब्सक्राइबर हो गए हैं।

ग्लीडेन डॉट कॉम महिलाओं का एक दल चला रहा है और महिला यूजर्स के लिए पूरी तरह निशुल्क है। प्लेटफॉर्म ने कहा, “हालांकि महिलाओं ने पुरुषों के लिए इसकी कीमत तय की है और उन्हें इस प्लेटफॉर्म पर आने के लिए 750 रुपये से 9,500 रुपये देने होंगे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर आने वालों का आयु वर्ग 34 से 49 वर्ष तक का है। भारत में अधिवक्ता, डॉक्टर्स और वरिष्ठ कार्यकारी जैसे विभिन्न पेशेवर लोग इस प्लेटफॉर्म से जुड़ गए हैं।18 वर्ष से शादीशुदा 38 वर्षीय सेनोरीटा ने ग्लीडेन डॉट कॉम पर लिखा, “मैं कई सुंदर पुरुषों से मिल चुकी हूं जिन्होंने मेरे साथ अच्छा व्यवहार किया है।

मैं उनमें से एक के साथ लगभग एक साल के लिए रिलेशनशिप में रही। हमने कई अच्छे पल साथ में बिताए। ‘इंटीमेसी’ महत्वपूर्ण है, लेकिन हमारे बीच यह सबसे महत्वपूर्ण नहीं थी।”

15 वर्षो से शादीशुदा 44 वर्षीय एक पुरुष का कहना है कि उसने दो साल पहले ग्लीडेन को सब्सक्राइब किया था। प्लेटफॉर्म का कहना है कि यह आपकी पहचान छिपाने की पूरी गारंटी देता है।

इस प्लेटफॉर्म पर आने के लिए बच्चों की संख्या, वैवाहिक स्थिति, व्यवसाय, आय, अपना फिगर, बालों का रंग और लंबाई, आंखों का रंग और आदतें सहित कई अन्य जानकारियां देनी पड़ती हैं।

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मोमोज खाने से आपकी सेहत को होते है ये नुकसान

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मोमोज का नाम सुनते ही कई सारे लोगो के मुंह में पानी आ जाता है। हर किसी को मोमोज खाना पसंद होता है। मार्किट में कई तरह के मोमोज मिलते है जैसे-वेज, नॉन वेज मोमोज, फ्राइड,तंदूरी, आदि।

अगर आप भी मोमोज खाने के शौकीन है तो आपको ये बात जानना ज़रूरी है कि इसे खाने से सेहत को क्या नुकसान होता है। आप अपनी भूख मिटाने के लिए बाहर सड़क में लगी ठेली से मोमोज खा तो लेते है मगर आपको ये नहीं मालूम होगा की उसके खाने के बाद इसका आपकी सेहत पर क्या असर पढ़ता है।

बता दें कही जीभ का स्वाद आपकी जान के लिए बड़ा खतरा न बन जाए। मोमोज खाने में चटपटे और स्वादिष्ट तो ज़रूर होते है लेकिन ये आपकी सेहत के लिए उतने ही हानिकारक होते है।

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आइए जानते है की मोमोज खाने से क्या नुकसान होते है।

बहुत कम लोगो को पता होगा की इससे हमारे शरीर की हड्डियाँ कमजोर होती है। दरअसल मैदे में कम मात्रा में प्रोटीन होता है और इसे भाप देते समय यह भी निकल जाता है जिससे हड्डियों में कमजोरी आ जाती है। इसीलिए इसका सेवन तत्काल प्रभाव से छोड़ दे।

मोमोज मैदे से बनता है और मैदे में बहुत अधिक ग्लाईसेमिक इंडेक्स पाया जाता है जो की शरीर में सुगर की मात्रा को दबा देता है। इसीलिए अगर आप सुगर जैसे बयानक बीमारी से बचना चाहते है तो मोमोज खाना बंद कर दें।

बता दें मोमोज को सॉफ्ट बनने वाले मैदे में बिलीचिंग का इस्तेमाल करते है। जिससे बॉडी खरब होने के साथ हमरा इन्सुलिन लेवल खरब हो जाता है। मैदे में फाइबर नही होता इसे सफ़ेद और चमकदार बनाने के लिए बेंजोयल पराक्साइड से बिलिच किया जाता है।

जो आपके शरीर को बेहद नुकसान देता है। आपको नही पता होगा मैदा खाने से आपको डायजेशन की समस्या हो जाती है।

बता दें मोमोज में बहुत अधिक मात्रा में ग्लूकोज भी पाया जाता है जिसके स्टोर होने से हमारे ह्रदय को खतरा होता है और ह्रदय संबंधित बीमारियाँ होने लगती है। अगर ह्रदय की कोई बीमारी आपको एक बार पकड़ लेती है तो यह हमेशा के लिए रहती है इसीलिए आपको मोमोज के सेवन से बचना चाहिए।

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