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चुनाव

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने जारी की दूसरी सूची

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कांग्रेस ने 18 में से बचे 6 प्रत्याशियों की सूची जारी की।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए कांग्रेस ने 18 में से बचे 6 प्रत्याशियों की सूची जारी की। राजनांदगांव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सामने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला कांग्रेस की उम्मीदवार होंगी। 

कांग्रेस 12 प्रत्याशियों की सूची पहले जारी कर चुकी है। दूसरी सूची के मुताबिक, खैरागढ़ से गिरवर जंघेल, डोंगरगढ़ से भुनेश्वर सिंह बघेल, डोंगरगांव से दलेश्वर साहु, खुज्जी से छन्नी साहु और मोहला मानपुर से इंदिरा शाह मंडावी को उम्मीदवार घोषित किया गया है। 23 अक्टूबर को प्रथम चरण के नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि है।

–आईएएनएस

ओपिनियन

बसपा-सपा गठबंधन से स्थायित्व के संकेत नहीं : शीला दीक्षित

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कहना है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन से स्थायित्व के संकेत नहीं मिल रहे हैं, लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस के परिणाम चौंकाने वाले होंगे।

शीला दीक्षित ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, “उनको एक साथ आने दीजिए। वे मिलते और जुदा होते रहे हैं और फिर साथ आ रहे हैं। मेरा अभिप्राय यह है कि उनमें स्थिरता नहीं है और वे स्थायित्व के संकेत नहीं दे रहे हैं। अब आगे देखते हैं।”

तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकीं दीक्षित (80) सपा और बसपा गठबंधन को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रही थीं। सपा और बसपा ने कांग्रेस को महागठबंधन से अलग रखते हुए प्रदेश में 80 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए एक गठबंधन किया है। दीक्षित को 10 जनवरी को दिल्ली कांग्रेस की कमान सौंपी गई।

उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने से पहले शीला दीक्षित को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया था। दीक्षित ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीद क्षीण पड़ गई है।

दीक्षित की टिप्पणी से इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेता चुनाव अभियान के दौरान सपा और बसपा को निशाना बनाएंगे, जबकि उनका सीधा मुकाबला सत्ताधारी पार्टी भाजपा से होगा।

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है, लेकिन पार्टी ने भाजपा को शिकस्त देने वाले सेक्यूलर दलों के लिए दरवाजा खुला रखा है।

उत्तर प्रदेश में पार्टी नेता उम्मीदवारों को बता सकते हैं कि कांग्रेस ही नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता से बाहर कर सकती है और भाजपा को शिकस्त दे सकती है।

कांग्रेस इस बात पर बल देंगे कि इस चुनाव के नतीजों से प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि देश का प्रधानमंत्री चुना जाएगा।

लोकसभा चुनाव 2014 में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सिर्फ दो ही सीटें बचा पाई थीं, जबकि उससे पहले 2009 में पार्टी ने 21 सीटों पर जीत हासिल की थी, जब केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) दूसरी बार केंद्र की सत्ता को बरकार रख पाई थी।

दीक्षित ने कहा कि उनसे कहा जाएगा तो वह उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करेंगी, लेकिन वह दिल्ली पर अपना अधिक ध्यान केंद्रित करेंगी क्योंकि उनको यहां काफी काम करना है।

उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी को कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश करने का अनुमोदन किया।

उन्होंने कहा, “पार्टी को इस पर फैसला लेने दीजिए। हम चाहते हैं और खासतौर से मैं चाहती हूंं और हमारे बीच अधिकांश लोग चाहते हैं। लेकिन इस पर पूरी पार्टी द्वारा फैसला लिया जाएगा।”

गैर-भाजपा दलों में प्रधानमंत्री का पद विवादास्पद मसला है। राहुल गांधी ने खुद भी कहा कि इसका फैसला चुनाव के बाद लिया जाएगा और पहला काम नरेंद्र मोदी सरकार को पराजित करना है।

संपूर्ण भारत में महागठबंधन की संभावना पर पूछे जाने पर दीक्षित ने कहा कि लोग इस दिशा में प्रयासरत हैं, लेकिन इस पर अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है।

विपक्षी दलों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले देशभर में गठबंधन की संभावना कम है, लेकिन भाजपा को शिकस्त देने के लिए राज्य विशेष में गठबंधन होगा।

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चुनाव

महागठबंधन में सीट बंटवारा मकर संक्रांति के बाद : तेजस्वी

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Tejashwi Yadav

पटना, 7 जनवरी | पटना में सोमवार की शाम राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नीत महागठबंधन की बैठक में बिहार में लोकसभा की सभी 40 सीटों पर जीत दर्ज करने की रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान महागठबंधन में शामिल दलों के नेताओं ने सीटों के बंटवारे को लेकर सलाह-मशविरा किया। बैठक के बाद राजद के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बैठक में मुख्य रूप से बिहार की सभी 40 सीटों पर जीत दर्ज करने को लेकर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा, “महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कोई समस्या नहीं है। मकर संक्रांति के बाद महागठबंधन में सीटों के बंटवारे का ऐलान कर दिया जाएगा।”

तेजस्वी के आवास पर हुई महागठबंधन की बैठक में रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, विकास इंसान पार्टी (वीआईपी) अध्यक्ष मुकेश सहनी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी, कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल, राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी और अब्दुल बारी सिद्दीकी मौजूद थे।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी ने मुख्यसमंत्री नीतीश कुमार पर वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी को ‘सड़क छाप’ कहने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुकेश सहनी गरीब का बेटा है, इसलिए वे (नीतीश कुमार) कुछ भी बोल देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस बयान के लिए माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा को भी ‘नीच’ कहा था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस बयान के विरोध में महागठबंधन के नेता मंगलवार को सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंकेंगे और 10 जनवरी को राजभवन मार्च करेंगे।

–आईएएनएस

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चुनाव

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन

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एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल (PHOTO CREDIT ANI)

2019 लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बीच महाराष्ट्र में गठबंधन हो गया है।

एनसीपी ने ऐलान किया कि इस साल होने वाला लोकसभा चुनाव वह कांग्रेस के साथ मिलकर लेड़ेगी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पेटल ने कहा कि महाराष्ट्र की 40 सीटों पर हम कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 8 सीटों पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।

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