समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए स्तनपान जरूरी | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

लाइफस्टाइल

समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए स्तनपान जरूरी

Published

on

Breastfeeding-
File Photo

समय पूर्व जन्मे शिशुओं में स्तनपान दिल संबंधी बीमारियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। समय पूर्व पैदा हुए युवा वयस्कों में दिल से जुड़े विशेष लक्षण दिखाई देते हैं।

इनमें छोटे हार्ट चेंबर, अपेक्षाकृत उच्च रक्तचाप, और दिल की मांसपेशियों में असमान वृद्धि शामिल है। डबलिन आयरलैंड के द रोतुंडा अस्पताल के प्रोफेसर व शोधकर्ता अफीफ अल-खुफ्फश ने कहा, “वर्तमान साक्ष्य अध्ययनों से आए हैं और यह शुरुआती स्तनपान से लंबे समय तक दिल के स्वास्थ्य में सुधार बने रहने की बात उजागर करते हैं।”

शोध में समय से पूर्व पैदा हुए 30 वयस्कों का अध्ययन किया गया, जिन्होंने स्तनपान किया था और 16 समय से पूर्व जन्मे वयस्कों जिन्हें जन्म के दौरान फार्मूला बेस्ड डाइट दी गई, उनका अध्ययन किया गया।

उनका विस्तृत दिल संबंधी मूल्यांकन किया गया। इनकी आयु 23 से 28 वर्ष के बीच रही। इसमें दिल की एमआरआई भी शामिल थी।

–आईएएनएस

लाइफस्टाइल

रक्त का तापमान घटने से बढ़ता है जोड़ों का दर्द

Published

on

Joint Pain-
File Photo

लखनऊ,सर्दियां आते ही बुजुर्गो में जोड़ों के दर्द की समस्या अधिक देखने को मिलती है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है दर्द में भी वृद्धि होती है। डॉक्टरों का मानना है कि तापमान में कमी के चलते जोड़ों की रक्तवाहिनियां सिकुड़ती हैं और उस हिस्से में रक्त का तापमान कम हो जाता है, जिसके चलते जोड़ों में अकड़न होने के साथ दर्द होने लगता है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ सावधानियां बरत कर इस परेशानी से बचा जा सकता है।

कानपुर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य रहे अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद स्वरूप ने आईएएनएस से कहा, “ठंड के मौसम में हमारे दिल के आसपास रक्त की गर्माहट बनाए रखना आवश्यक होता है। इसके चलते शरीर के अन्य अंगों में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है। जब त्वचा ठंडी होती है तो दर्द का असर अधिक महसूस होता है। इस दर्द को वैज्ञानिक भाषा में आर्थराइटिस कहा जाता है।”

उन्होंने कहा, “आर्थराइटिस आमतौर पर 40 साल से अधिक उम्र के लोगों और इनमें भी विशेषकर महिलाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। चूंकि पूरे शरीर का भार घुटने उठाते हैं, इसलिए आर्थराइटिस की समस्या के चलते इन्हें सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। “

डॉक्टर ने आगे कहा, “रूमेटाइड आर्थराइटिस में जोड़ों के साथ कुछ दूसरे अंग या पूरा शरीर भी प्रभावित होता है। हाथ पैरों के जोड़ों में दर्द, सूजन, टेढ़ापन, मांसपेशियों में कमजोरी, बुखार आदि इसके लक्षण हैं।”

आनंद स्वरूप ने कहा कि “उम्र के साथ हड्डियों से कैल्शियम और अन्य खनिज पदार्थो का क्षरण होने लगता है। किसी भी जोड़ में हड्डियां आपसी संपर्क में नहीं आतीं। जोड़ों के बीच में एक कार्टिलेज का कुशन होता है। जैसे ही हम बूढ़े होने लगते हैं कुशन को लचीला और चिकना बनाए रखने वाला लुब्रीकेंट कम होने लगता है। लिगामेंट्स की लंबाई और लचीलापन भी कम हो जाता है, जिसकी वजह से जोड़ अकड़ जाते हैं। नियमित कसरत और पौष्टिक आहार लेने से आप जोड़ों की चपलता को बरकरार रख सकते हैं।”

सुबह की गुनगुनी धूप को विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। कई अध्ययनों में यह बात साबित हो चुकी है। ठंड के दिनों में यदि विटामिन डी की भरपूर खुराक ली जाए तो कमर दर्द और जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है।

धूप हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती है। धूप में बैठने से रक्तशोध बढ़ता है और जोड़ों के दर्द और सूजन से मुक्ति मिलती है।

जोड़ों के दर्द में कई महत्वपूर्ण आसन या योग, जैसे गिद्घासन व प्राणायाम मदद करते हैं। लगातार कई घंटों तक एक ही कुर्सी और कंप्यूटर के आगे बैठे-बैठे आपके जोड़ अकड़ जाते हैं, इसलिए जरूरी है कि आप अपने जोड़ों के लिए थोड़ा वक्त निकालें।

डॉ. स्वरूप के अनुसार, खान-पान, मर्निग वॉक, कुछ आसन व कसरत जोड़ों को मजबूत रखने में मदद कर सकते हैं। मरीज विशेषज्ञ की देखरेख में ही एक्सरसाइज और योग करें। ऑफिस में हर आधे घंटे या एक घंटे में सीट छोड़कर सात मिनट के लिए घूमे-फिरें। शरीर को स्ट्रैच करें। महिलाएं ऊंची हील की सैंडिल पहनने से बचें। इससे एड़ी, घुटने और पिंडलियों के साथ कमर पर भी असर पड़ता है।

–आईएएनएस

Continue Reading

लाइफस्टाइल

सर्दियों में नहीं होगी ड्राई स्किन, करें इन चीजों का इस्तेमाल

Published

on

Dry Skin
File Photo

सर्दी का मौसम आते ही हम ज्यादातर गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं। गर्म पानी से नहाने में भले ही आपको अच्छा फील होता हो, लेकिन इसका बूरा प्रभाव आपकी स्किन पर पड़ता है। जिससे आपकी स्किन से मॉइश्चर कम होने लगता है।

नतीजा स्किन ड्राई और खिंची-खिंची होने लगती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप गर्म पानी की जगह ठंडे पानी से नहाना शुरू कर दें। ड्राई स्किन की समस्याओं से निपटने के लिए आपको नहाने के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की जरूरत है…

शावर जेल यूज करें

साबुन से तुलना करें तो शावर जेल सॉफ्ट और माइल्ड होता है। बहुत से शावर जेल ऐसे होते हैं जिसमें मॉइश्चराइजिंग एजेंट्स भी होते हैं जो आपकी स्किन को ड्राई होने से बचाते हैं जबकि साबुन आपकी स्किन को सर्दियों में ड्राई बना देता है।

बेसन और दूध का उबटन

आप चाहें तो हफ्ते में 1 या 2 बार नहाते वक्त शरीर की सफाई के लिए साबुन की जगह उबटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए बेसन में थोड़ा सा दूध मिलाएं और स्मूथ कन्सिस्टेंसी वाला पेस्ट बना लें। इसे पूरे शरीर पर लगाएं और कुछ देर बाद रगड़कर धो लें।

नहाने से पहले तेल मालिश

सर्दी के मौसम में ड्राई स्किन से बचने के लिए तेल मालिश भी एक अच्छा ऑप्शन है। नहाने से 30 मिनट पहले नारियल तेल, जैतून का तेल या फिर बादाम के तेल से शरीर की मालिश करें। इससे आपकी स्किन ड्राई होने से बच जाएगी और आपको मॉइश्चराइज करने के लिए क्रीम लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दूध से नहाएं

दूध से नहाने का मतलब यह नहीं कि आप एक बाल्टी भरकर दूध अपने शरीर पर उड़ेल लें। दूध में न सिर्फ मॉइश्चराइजिंग प्रॉपर्टी होती है बल्कि इससे स्किन की रंगत भी हल्की होती है और निखरती है। लिहाजा रूई को दूध में भिगोकर शरीर पर हल्का सा रगड़ें और फिर गर्म पानी से धो दें।

Milk

मॉइश्चराइजर लगाएं

जहां तक संभव हो माइल्ड साबुन यूज करें और नहाने के तुरंत बाद शरीर को मॉइश्चराइज रखने के लिए मॉइश्चराइजिंग लोशन लगाएं ताकि शरीर लोशन को आसानी से अब्जॉर्ब कर ले और आपकी स्किन ड्राई होने से बच जाए। साथ ही साथ सर्दियों के मौसम में बहुत देर तक गर्म पानी से नहाने से बचें क्योंकि ऐसा करने से भी आपकी स्किन ड्राई हो जाती है।

WeForNews

Continue Reading

लाइफस्टाइल

दुनिया की एक-तिहाई आबादी पर तपेदिक का खतरा : अध्ययन

Published

on

Tuberculosis
प्रतीकात्मक तस्वीर

दुनिया की एक-तिहाई आबादी पर तपेदिक का खतरा मंडरा रहा है। एक नए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।

यह अध्ययन यूरोपियन रेसपिरेटरी जर्नल में प्रकाशित हुआ है, जिससे पता चलता है कि दुनिया के हर चार में से एक व्यक्ति के शरीर में तपेदिक का बैक्टीरिया मौजूद है।

क्षय रोग, माइक्रोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है, जिससे हर साल एक करोड़ लोग प्रभावित होते हैं और लगभग 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। यह सबसे घातक संक्रामक रोग है।

इसके अलावा, कई लोग इस बैक्टिरीया से ग्रसित होते हैं, लेकिन उन्हें सक्रिय तपेदिक रोग नहीं होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साल 2035 तक दुनिया से तपेदिक को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

डेनमार्क के आरहौस यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस्चियन वेजसे का कहना है, “इस लक्ष्य को उन लोगों का इलाज किए बिना प्राप्त करना मुश्किल है, जिन्हें सक्रिय तपेदिक रोग नहीं है। क्योंकि अगर शरीर में इसका बैक्टीरिया मौजूद है तो उस व्यक्ति को जीवन में कभी भी तपेदिक रोग हो सकता है।”

इस अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया की लगभग एक-चौथाई आबादी निष्क्रिय तपेदिक रोग की चपेट में है।

–आईएएनएस

Continue Reading
Advertisement
sensex-min (1)
व्यापार3 hours ago

शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 248 अंक नीचे

राजनीति3 hours ago

नागरिकता बिल पर उद्धव ठाकरे का यू टर्न

Smartphone-Addiction-min-1
राष्ट्रीय3 hours ago

त्रिपुरा में 48 घंटों के लिए SMS और मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद

imran khan
अंतरराष्ट्रीय3 hours ago

नागरिकता बिल पर इमरान बोले- ये भारत-पाक समझौतों का उल्लंघन

facebook
टेक3 hours ago

फेसबुक ने जमाते इस्लामी पाकिस्तान का ‘कश्मीर मार्च’ पेज हटाया

Farooq Abdullah
राष्ट्रीय3 hours ago

‘अनुच्छेद-370 की बहाली तक नेकां राजनीति में हिस्सा नहीं लेगी’

Deepika
मनोरंजन4 hours ago

दीपिका की फिल्म ‘छपाक’ का ट्रेलर रिलीज

राष्ट्रीय4 hours ago

जम्मू-कश्मीर प्रशासन के कहने पर नेताओं की होगी रिहाई : शाह

Yes_Bank_wefornewshindi
व्यापार4 hours ago

यस बैंक ने ब्रेच के प्रस्ताव पर फैसला टाला

Joint Pain-
लाइफस्टाइल4 hours ago

रक्त का तापमान घटने से बढ़ता है जोड़ों का दर्द

लाइफस्टाइल3 days ago

टाइप-2 डायबिटीज से हृदय रोग का खतरा ज्यादा

cancer
लाइफस्टाइल3 weeks ago

दांतों की वजह से भी हो सकता है जीभ का कैंसर

Stomach-
स्वास्थ्य4 weeks ago

पेट दर्द या अपच को कभी न करें अनदेखा…

लाइफस्टाइल2 weeks ago

मलेरिया में भूलकर भी इन चीजों का न करें सेवन…

Sleep-Nap
स्वास्थ्य3 weeks ago

मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है अशांत नींद

weight-loss-min
स्वास्थ्य3 weeks ago

वेट लूज करने के लिए करें ये काम…

e-cigarette
स्वास्थ्य3 weeks ago

मसालेदार ई-सिगरेट से हृदय रोग का जोखिम ज्यादा

Breast Cancer
स्वास्थ्य1 week ago

स्तन कैंसर से बढ़ जाता है हृदय रोग का खतरा

Breast Cancer
स्वास्थ्य3 weeks ago

‘स्तन कैंसर के इलाज के लिए बेहतर विकल्प है ‘टागेर्टेड रेडिएशन थेरेपी’

लाइफस्टाइल2 weeks ago

अल्जाइमर से बचाएगी नई दवा : शोध

Most Popular