राजनीति

मणिपुर विधानसभा में बीरेन सिंह ने साबित किया बहुमत

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मणिपुर में पिछले चार महीने से राज्य में यूनाइटेड नगा काउंसिल के आह्वान पर जारी आर्थिक नाकाबंदी रविवार मध्य रात्रि से खत्म हो गई। वहीं गोवा के बाद मणिपुर में भी बीजेपी सरकार ने बहुमत साबित कर दिया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने सोमवार को विधानसभा में फ्लोट टेस्ट पास कर लिया।

विधानसभा में बहुमत जीतने के बाद बिरेन सिंह ने कहा है कि मैं अपनी टीम का शुक्रिया अदा करता हूं, यह मेरी सफलता नहीं है, यह मोदी जी, भाजपा और मणिपुर के लोगों की सफलता है।

60 सदस्यों वाली विधानसभा में 33 विधायकों ने उनकी सरकार को समर्थन दिया। साथ ही बीजेपी के यमनम खेमचंद सिंह को विधानसभा का स्पीकर चुना गया है। बिरेन सिंह ने 16 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। मणिपुर में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है।

इसके पहले बीजेपी ने गुरुवार से ही एक निर्दलीय और एक तृणमूल कांग्रेस के विधायक समेत अपने सभी विधायकों को गुवाहाटी के एक होटल में रखा हुआ था। बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री बिरेन सिंह को मिलाकर कुल दो बीजेपी विधायक ही मंत्री बनाए गए हैं। जबकि NPP के चार, NPF, LJP के एक-एक और बीजेपी जॉइन करने वाले एक कांग्रेस विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीती थीं और वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन छोटी पार्टियों और निर्दलीयों की मदद से उसने मणिपुर में अपनी पहली सरकार बना ली। 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल बनी कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई।

वहीं इससे पहले यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने बीती रात से मणिपुर की आर्थिक नाकाबंदी को खत्म कर दिया है।

बातचीत के बाद बनी सहमति

ये फैसला केंद्र, राज्य सरकार और नगा संगठनों के बीच लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। रविवार को बातचीत खत्म होने के बाद सभी पक्षों का साझा बयान जारी हुआ। बयान के मुताबिक यूएनसी के गिरफ्तार नेता बिना शर्त रिहा किये जाएंगे और नगा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस होंगे। बयान पर केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग, मणिपुर के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) जे. सुरेश बाबू, आयुक्त (निर्माण) राधाकुमार सिंह, यूएनसी के महासचिव एस. मिलन और ऑल नगा स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सेठ शतसंग ने हस्ताक्षर किए। इससे पहले 7 फरवरी को इसी तरह की बातचीत बेनतीजा खत्म हुई थी।

राज्यपाल, सीएम ने खुशी जताई

नाकाबंदी खत्म होने को सीएम बीरेन सिंह के लिए कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। समझौते के बाद उन्होंने कहा कि नाकाबंदी मणिपुर के विकास का आगाज भर है। उनकी सरकार पीएम मोदी के किये वायदों को पूरा करने की हर कोशिश कर रही है। वहीं, राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने उम्मीद जताई कि नाकाबंदी खत्म होने के बाद राज्य में शांति और खुशहाली आएगी।

नाकाबंदी क्यों हुई थी ?

नगा संगठनों ने 1 नवंबर, 2016 से राष्ट्रीय राजमार्ग 2 और 37 जाम कर रखे थे. ये संगठन मणिपुर के नगा आबादी वाले इलाकों में 7 नये जिले बनाने का विरोध कर रहे थे। ये फैसला इबोबी सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने लिया था। आर्थिक नाकाबंदी के चलते मणिपुर में आवश्यक चीजों की किल्लत बढ़ गई थी।

wefornews bureau 

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