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स्वास्थ्य

‘स्तन कैंसर के इलाज के लिए बेहतर विकल्प है ‘टागेर्टेड रेडिएशन थेरेपी’

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Breast Cancer
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स्तन कैंसर दुनियाभर में तेजी से पैर पसार रहा है। समय पर जांच और पर्याप्त इलाज ही इसका निदान है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कैंसर के इलाज की दिशा में टागेर्टेड रेडिएशन थेरेपी को एक बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा सकता है।

राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) की सीनियर कंसल्टेंट और गायनाक्लॉजी रेडिऐशन विभाग की प्रमुख डॉ. स्वरूपा मित्रा ने यह बात कही।डॉ. स्वरूपा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), अलवर शाखा द्वारा आरजीसीआई के साथ मिलकर आयोजित किए गए डॉक्टर्स मीट में बोल रही थीं।

इस बैठक में स्तन कैंसर के इलाज की नई तकनीकों पर चर्चा की गई।डॉ. मित्रा ने बताया, ” कैंसर का इलाज तीन तरह से होता है-सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी। रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल सर्जरी के बाद होता है, ताकि दोबारा कैंसर से बचाव हो सके।

रेडिएशन से कैंसर कोशिकाएं तो मर जाती हैं, लेकिन इससे स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचता है। अब 3डीसीआरटी और आईएमआरटी जैसी टागेर्टेड रेडिएशन थेरेपी से यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। इसमें स्वस्थ कोशिकाओं को बचाते हुए सीधे प्रभावित क्षेत्र पर रेडिएशन देना संभव होता है।

डॉ. मित्रा ने ब्रेथ कंट्रोल्ड रेडियो थेरेपी की चर्चा करते हुए कहा कि यह स्तन कैंसर के मरीजों को बेहतर जिंदगी जीने में सहायक है।”बैठक के दौरान आरजीसीआई के ओंकोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी ने स्तन कैंसर की वर्तमान परिस्थिति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि भारत के शहरी इलाकों में महिलाओं में होने वाले कैंसर में सबसे बड़ा हिस्सा स्तन कैंसर का है। यहां तक कि 20-30 साल की युवतियां भी इसका शिकार हो रही हैं। डॉ. दत्ता ने कहा, “बिना मेहनत वाली लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड और जंक फूड खाने की आदत तथा खेतों में इस्तेमाल होने वाले पेस्टिसाइड्स की वजह से देश में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। इससे बचने के लिए सभी को शारीरिक श्रम करने, घर पर बना सेहतमंद खाना खाने और खाने से पहले फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाने की जरूरत है।” इस मौके पर आईएमए अलवर के प्रेसीडेंट डॉ. तैयब खान ने आरजीसीआई के प्रवक्ताओं और अन्य उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

–आईएएनएस

अंतरराष्ट्रीय

मुंबई में मिले कोरोना वायरस के दो संदिग्ध, हवाई अड्डों पर निगरानी तेज

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Corona Virus
कोरोना वायरस (फाइल फोटो)

चीन में लोगों की जान पर आफत बनकर टूटने वाला कोरोना वायरस ने भारत में दस्तक दे दी है। मुंबई में कोरोना वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। दोनों संदिग्धों को कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, उनका परीक्षण कराया जा रहा है। देश के हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

बता दें कि कोरोना वायरस से चीन में 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 830 लोग संक्रमित हैं। इस वायरस की दहशत इतनी है कि वुहान समेत 9 शहरों को बंद कर दिया गया है। वुहान में 700 से अधिक भारतीय स्टूडेंट पढ़ाई करते हैं।

चीन के अलावा जापान और थाईलैंड में भी इस वायरस के फैलने की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने यात्रियों के लिए एक ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक उच्चस्तरीय बैठक में कोरोना वायरस की वजह से उपजी परिस्थिति की समीक्षा की।

कोरोना वायरस के लक्षण भी निमोनिया जैसे ही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस बेहद संक्रामक है। मिसाल के तौर पर अगर विमान में एक यात्री भी इसकी चपेट में है तो कुछ मिनटों में ही सैकड़ों यात्री इसकी चपेट में आ सकते हैं।

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स्वास्थ्य

नींबू पानी पीने से मिलेगा इन 5 समस्याओं से छुटकारा

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Nimbu-

गर्मी के मौसम में हम अक्सर नींबू पानी पीते हैं लेकिन इसके पीने के क्या-क्या फायदे हैं ये हम को मालूम नहीं।

क्या आपको पता है नींबू कई तरह की शारीरिक समस्याओं का इलाज के काम में आता है। इसका फायदा आपको तभी मिलेगा जब आपको नींबू पानी पीने के सही तरीके के बारे में पता होगा।

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आइए हम आपको बताते है नींबू पीने के कई फायदे

नींबू में सिट्रिक एसिड पाया जाता है जो कि किडनी में पथरी होने से रोकता है। अगर आप रोजाना नींबू पानी का सेवन करते हैं तो आपको पथरी की समस्या नहीं होगी।आपने अक्सर सोकर उठने के बाद लोगों को गुनगुने पानी में नींबू की बूंदे मिलाकर पीते हुए देखा होगा। दरअसल इसका एक वैज्ञानिक कारण भी है।

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इससे व्यक्ति का पाचन तंत्र दुरुस्त होता है। खाना जल्दी पचता और व्यक्ति फिट रहता है। नींबू में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इससे आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रोजाना नींबू पानी पीने वालों को जुकाम-बुखार की भी बहुत कम शिकायत होती है।

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अगर आपके मुंह से दुर्गंध आ रही है तो आप एक गिलास नींबू पानी पी लीजिए। इससे आपके मुंह से बदबू आनी भी बंद हो जाएगी और मुंह सूखा भी नहीं रहेगा। नींबू आपके मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है। इसके अलावा इसमें फाइबर भी पाया जाता है। नींबू पानी आपको वजन घटाने में भी मदद करता है।

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बस आप इतना ध्यान होना चाहिए की आप हमेशा ताजे नींबू का ही प्रयोग करें। नींबू पानी गुनगुने और ठंडे दोनो रूप में पी सकते हैं। इसके अलावा अगर आप नींबू पानी के साथ संतरे या खीरे का सेवन करें तो और भी अच्छा है।

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लाइफस्टाइल

कम वसा वाले आहार से हो सकती है टेस्टोस्टेरोन की कमी : सर्वे

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टेस्टोस्टेरोन की कमी से पीड़ित कई पुरुषों के लिए वजन कम करने से टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि विशेष रूप से कम वसा वाला आहार टेस्टोस्टेरोन में एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण कमी के साथ जुड़ा हो सकता है।

अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जेक फंटस ने अध्ययन में कहा, “हमने पाया कि जिन लोगों ने वसा प्रतिबंधक आहार का पालन किया था, उनमें प्रतिबंधक आहार का पालन नहीं करने वाले पुरुषों की तुलना में सीरम टेस्टोस्टेरोन कम था।”

फंटस ने कहा, “हालांकि आहार में सीरम-टी में छोटे अंतर का नैदानिक महत्व स्पष्ट नहीं है।”जर्नल ऑफ यूरोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के लिए शोध टीम ने एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य अध्ययन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वेक्षण, या एनएचएएनईएस) से 3,100 से अधिक पुरुषों के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

सभी प्रतिभागियों के पास आहार और सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर पर डेटा उपलब्ध था।अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) द्वारा परिभाषित किया गया कि दो दिवसीय आहार के आधार पर 14.6 फीसदी पुरुषों ने कम वसा वाले आहार के लिए मापदंड पूरे किए।

वहीं अन्य 24.4 फीसदी पुरुषों ने फल, सब्जियों और साबूत अनाज जैसे आहार का सेवन किया। इन लोगों ने पशुओं से प्राप्त होने वाले प्रोटीन और डेयरी उत्पाद का सेवन कम किया।

शोध में शामिल केवल कुछ पुरुषों ने एएचए मानदंडों के साथ कम कार्बोहाइड्रेट आहार लिया, इसलिए इस समूह को विश्लेषण से बाहर रखा गया।

शोध के दौरान पुरुषों में औसत सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 435.5 एनजी/डीएल (नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर) था। अध्ययन के अनुसार, प्रतिबंधात्मक आहार लेने वाले पुरुषों में सीरम टेस्टोस्टेरोन कम मिला, जोकि कम वसा वाले आहार पर 411 एनजी/डीएल पाया गया।

टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है, जो पुरुषों में उनके वृषण में पाया जाता है। यह पुरुषों के अंदर यौन शक्ति को बढ़ाता है और मांसपेशियों व लाल रक्त कोशिकाओं के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने के साथ ही यौन कार्यो के लिए भी सहायक होता है।

–आईएएनएस

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