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वायु प्रदूषण पहुंचा रहा त्वचा को नुकसान

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चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान वायु की गुणवत्ता लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। यह सीधे हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है और चकत्ते और जलन की वजह हो सकती है। इसकी वजह से आंखों और नाक में पानी आ सकता है।

बीएलके सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन, एलर्जी एंड स्लीप डिसऑर्डर के सीनियर कंसलटेंट व एचओडी डॉ. संदीप नायर ने कहा, “वायु में मौजूद 2.5 माइक्रोन (पीएम 2.5) से छोटे कण सीधे सांस लेने के रास्ते हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। हमें सांस लेने में दिक्कत, खांसी बुखार और यहां तक कि घुटन महसूस होने की समस्या भी हो सकती है। हमारा नर्वस सिस्टम भी प्रभावित हो जाता है और हमें सिरदर्द और चक्कर आ सकता है।

अध्ययनों में बताया गया है कि हमारे दिल को भी प्रदूषण सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाता है।”उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। यहां तक कि रोग की गंभीरता भी बढ़ गई है। हमारी ओपीडी में हमने लगभग 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

ये रोगी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, छींकने, बुखार और सांस की समस्या से पीड़ित हैं। सबसे आम बीमारी जो देखने को मिली हैं, वे हैं गंभीर ब्रोंकाइटिस, अपर रिस्परेटरी ट्रैक्ट का संक्रमण और अस्थमा की उत्तेजना।”

डॉ. संदीप नायर ने कहा, “हालांकि प्रदूषण के घातक प्रभाव से कोई भी बचा नहीं है लेकिन आयु वर्ग के अनुसार ज्यादा पीड़ित हैं, यानि छोटे बच्चे और बुजुर्ग आयु समूह अधिक पीड़ित है। पर्यावरण की मौजूद स्थितियों से निपटने के लिए हमें उचित सावधानी बरतनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “सांस में हानिकारक कणों को लेने से बचने के लिए खुद को विशेष रूप से अपने चेहरे को कवर करने का प्रयास करना चाहिए। स्वस्थ आहार खाएं, आवश्यक मात्रा में तरल पदार्थ लें। संक्रमण की स्थितियों को कम करने के लिए सभी कमजोर मरीजों को फ्लू और निमोनिया के टीके लगवाने चाहिए।

धुंध में सुबह के व्यायाम/चलने से बचें क्योंकि व्यायाम के दौरान हम मौजूद प्रदूषित और हानिकारक हवा को सांस से अधिक मात्रा में खींचते हैं।”डॉ. नायर ने कहा, “श्वसन रोग से पीड़ित मरीजों को अपनी दवा (इनहेलर्स इत्यादि) नियमित रूप से तब भी लेनी चाहिए भले ही उनमें लक्षण न दिखें। उनके चिकित्सक से परामर्श किए बिना कोई दवा रोकना नहीं है। उन्हें बाहर सफर करते समय मास्क पहनना चाहिए। एन95 और एन99 मास्क छोटे हानिकारक करणों को सांस के साथ अंदर जाने से रोक सकते हैं।”

–आईएएनएस

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चाहिए अच्छी लव लाइफ तो इन आदतों में लाएं सुधार…

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दो लोगो के बीच प्यार का रिश्ता केवल रोमांस और एक साथ शॉपिंग और घूमने तक ही सिमित नही होता। बल्कि अगर आपको रिश्ता मजबूत रखना है तो एक दूसरे को समझने की कोशिश करना भी होता है।

इतना ही नही रिश्ते को मजबूत रखने के लिए एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताए। अगर आप सचमुच अपने रिश्तों में दरार लाना नही चाहते और रिश्तों को मजबूत रखना चाहते है तो इन आदतों में जरूर सुधार लें।

हर किसी की इच्छा होती की उसका लाइफ पार्टनर उसके सपनो जैसा हो। वो उसे प्यार करे। उसे अच्छा बर्ताव करे। उसका ध्यान रखें। इतना ही नही उसका सपना होता है कि उसका होने वाला लाइफ पार्टनर स्मार्ट भी हो। लेकिन जब ऐसा नही होता तो रिश्तों में दूरियां पैदा होने लगती हैं।

और मन में आने लगता है कि हम अपना लाइफ पार्टनर बदल दें। लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिये। अगर आप अपने पार्टनर को पब्लिक प्लेस में प्यार जताने लगते है या उसे चिपाक के खड़े होते हैं तो ये ठीक नहीं है।

इसे वह मौजूद लोगों को भी अच्छा नही लगेगा और आपका पार्टनर भी असहज महसूस करेगा। ऐसा करने से अपने रिश्ते पर भी असर पढता हैं। अगर आप पार्टियां करते हे या अपने दोस्तों के साथ घूमते है तो ये सब अपने पार्टनर को करने से न रोके ।

क्योकि अगर आप ये सोचते है कि सिर्फ आप ही अपनी लाइफ को आजादी से जिए और आपका पार्टनर सिर्फ आपको ही टाइम दे तो ये गलत है। ऐसें में रिश्ते केवल खराब होते हैं। बस इतना याद रखे की अपने पार्टनर को भी पर्सनल स्पेस दें।

अगर आपका कोई पास्ट हे तो उसकी तुलना पाने पार्टनर से न करें। आप अपने पार्टनर में अपने एक्स की खूबियां न तलाशे। ऐसा करने से आपके रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसीलिए आप आने पार्टनर की खुबियों में खुश रहे। तभी आपके रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।

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भूलकर भी ना दें अपने बच्चों को ये खाना…

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प्रतीकात्मक तस्वीर

बच्चों की हर जिद्द को माता-पिता पूरा करते हैं चाहे वह खाने-पीने की चीजें हो या खिलौनों की। लेकिन, अपने बच्चों की हर जिद को पूरा करके आप उन्हें उन्हें बीमार कर रहे हैं।

दरअसल, खाने की चीजों को लेकर तो हर बच्चे जिद करते हैं लेकिन कई बार कई तरह के फूड कॉम्बिनेशन बच्चों की सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होते हैं। इन फूड कॉम्बिनेशंस के कारण बच्चों को पेट दर्द, गैस, कब्ज और डायरिया जैसी समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं…

फल और योगर्ट

यह फूड कॉम्बो बेहद ही खतरनाक कॉम्बो है। इस कॉम्बो से जिन टॉक्सिन्स का उत्पादन होता है और यह टॉक्सिंस दस साल से कम बच्चों की आंतों को नुकसान पहुंचाता है। कुछ मामलों में इसके कारण सर्दी-जुकाम, साइनस, कफ या और कोई भी एलर्जी होती है। कभी भी अपने बच्चों को फल खिलाने के एक-दो घंटे के बाद ही दही खिलाएं।

केला और दूध
दूध और केले दोनों में ही कई सारे न्यूट्रीशिएंस पाए जाते हैं जो बच्चों के लिए फायदेमंद हैं। लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि इन दोनों चीजों का सेवन बच्चा एक साथ न करे, क्योंकि यह काफी भारी हो जाता है और इससे आपका बच्चा सुस्त हो सकता है। यही नहीं उसे ज्यादा नींद आने की समस्या शुरू हो जाएगी।

पिज्जा और सोडा

पिज्जा और सोडा बच्चों का मनपसंद कॉम्बो है, लेकिन इसे खाने से बच्चों की पाचन क्रिया पर असर पड़ सकता है। इस कॉम्बिनेशन में स्टार्च, प्रोटीन और कार्बेट्स तीनों ही मौजूद होते हैं जिससे बच्चे को पेट में भारीपन महसूस होगा।

बर्गर और फ्रेंच फ्राई

बर्गर और फ्रेंच फ्राई वैसे भी बड़ों को नुकसान पहुंचाता है और ये बच्चों के लिए तो ज्यादा नुकसानदायक है। दोनों ही चीजें फ्राइड होती हैं और इससे ब्लड में शुगर लेवल कम हो जाता है।

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वजन कम करना है तो पिएं दूध…

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सदियों से दूध हमारे भोजन का हिस्‍सा रहा है। दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है क्‍योंकि इसमें ढेर सारी कैलरी, कैल्शियम और प्रोटीन होता है जो हमारे शरीर के लिए बहुत अहम हैं। पर हाल ही में लोगों की खानपान की आदतों में बदलाव आया है और लोग दूध पीना छोड़कर वीगन लाइफस्‍टाइल अपना रहे हैं। लेकिन इस तरह दूध को नकारना ठीक नहीं है। आइए जानते हैं…

नाश्‍ते में टोस्‍ट, दो एग वाइट के साथ एक गिलास दूध से बेहतर कोई चीज हो ही नहीं सकती। यह कार्बोहाइड्रेट, मिनरल और प्रोटीन वाला परफेक्‍ट नाश्‍ता है। आप चाहे तो दूध में कॉर्न फ्लेक्‍स या ओट्स ले सकते हैं। इससे न केवल आपको दिन भर के लिए एनर्जी मिलेगी बल्कि आपका पेट भी देर तक भरा रहेगा।

शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने का सबसे अच्‍छा तरीका है कि एक ग्‍लास दूध पी लिया जाए। यह सोडा, एनर्जी ड्रिंक्‍स और दूसरे सॉफ्ट ड्रिंक्‍स की तुलना में बेहतर विकल्‍प है। दूध में सोडियम और पोटेशियम होते हैं जो हमारे शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट का बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं।

दूध में फैट, कैल्शियम और दूसरे जरूरी पोषक पदार्थों की संतुलित मात्रा होती है जो आपको दिन भर एक्टिव रहने में मदद करती है। इससे आपको जरूरी ऊर्जा मिलती है और शरीर का मेटाबॉलिज्‍म भी अपने टॉप गियर में रहता है। इसकी वजह से तेजी से और स्‍वस्‍थ तरीके से वजन घटाने में मदद मिलती है।

दूध पीने से हमारी हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। इस वजह से जिम में हमारी परफॉर्मेंस बेहतर होती है। जिम के बाद दूध पीने से न केवल थकान दूर होती है बल्कि ऐसे जरूरी पोषक तत्‍व मिलते हैं जो शरीर के ऊतकों में हुई टूटफूट की मरम्‍मत करते हैं।

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