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जानिए, जीएसटी लागू होने के बाद क्या होगा सस्ता और क्‍या महंगा

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फाइल फोटो

देश में वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी पहली जुलाई से लागू हो जाएगा। इसको लेकर श्रीनगर में जीएसटी परिषद की दो दिवसीय 14वीं बैठक चल रही है। बैठक के पहले दिन यानी गुरूवार (18 मई) को कुल 1211 वस्तुओं में से छह को छोड़ कर अन्य वस्तुओं के लिए जीएसटी की दर निर्धारण पर सहमति बन गई है। अब खाने-पीने और दैनिक आवश्यकता की आवश्यक वस्तुएं सस्ती होंगी, तो लग्‍जरी सामानों के दाम भी बढ़ेंगे। इसका फैसला केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में श्रीनगर में हुई जीएसटी परिषद की बैठक में लिया गया। कुल 1211 वस्तुओं में से 1205 वस्‍तुओं के लिए जीएसटी दरें तय हो गई हैं। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में देश के 29 राज्‍य और केंद्रशासित प्रदेश हिस्‍सा ले रहे हैं।

सस्ते हुए सामान
केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढिया के मुताबिक दूध-दही, गुड़ जैसे पदार्थों पर जीएसटी से छूट रहेगी। मतलब ये सामान एक्जंप्ट की श्रेणी में रहेंगे। इसके साथ ही सभी किस्म के अनाजों पर भी शून्य कर लगेगा। इस समय कुछ राज्यों में चुनिंदा अनाज पर पांच फीसदी वैट लगता है। इसी तरह चाय, कॉफी, खाद्य तेल जैसे आवश्यक पदार्थों पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा, जबकि अभी इस पर चार से छह फीसदी के बीच वैट लग रहा है।

तेल, साबुन, टुथ पेस्ट जैसे रोज उपयोग होने वाले सामानों पर भी 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाएगा, जबकि इस समय इस पर 28 फीसदी का कर लग रहा है।
जीएसटी में कोयले पर भी पांच फीसदी का कर देय होगा, जबकि इस समय इस पर 11.69 फीसदी का कर लग रहा है। कोयले का सबसे ज्यादा उपयोग बिजली बनाने और लोहा-इस्पात उद्योग में होता है। मतलब जीएसटी लागू होने के बाद बिजली और लोहा-इस्पात के भी सस्ते होने के आसार हैं।

शीतल पेय और कारों के बढ़ेंगे दाम
शीतल पेय (एयरेटेड ड्रिंक) और कारों को 28 फीसदी के सर्वोपरि स्लैब में रखा गया है। इस दर के ऊपर छोटी कारों पर एक फीसदी उपकर, मध्य श्रेणी की कारों पर तीन फीसदी और महंगी कारों पर 15 फीसदी उपकर लगेगा। सोने पर राज्यों ने चार फीसदी कर की मांग की है, यद्यपि यह 5, 12, 18 और 28 फीसदी के मंजूर कर बैंड में शामिल नहीं है।

एयर कंडीशनर और रेफ्रीजरेटर 28 फीसदी के कर स्लैब में आएंगे, जबकि जीवन रक्षक दवाओं को पांच फीसदी कर स्लैब में रखा गया है। जेटली ने कहा कि इससे महंगाई नहीं बढ़ेगी, क्योंकि जिन वस्तुओं पर 31 फीसदी कर लग रहा है, उनमें से अधिकतर को घटाकर 28 फीसदी पर लाया गया है।

 

महंगी बाइक, नौकाओं, निजी जेट पर लगेगा 31 प्रतिशत जीएसटी
इसके अलावा सभी तरह की कारों, एसयूवी और 350 सीसी इंजिन वाली मोटरसाइकिलों पर अतिरिक्त उपकर भी लगाया जायेगा। निजी विमानों, लक्जरी नौकायानों और 350सीसी से अधिक इंजिन क्षमता वाली मोटर साइकिलों पर 28 प्रतिशत के ऊपर तीन प्रतिशत उपकर भी लगाया जायेगा। इस प्रकार इन पर कुल 31 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा।

इसी प्रकार चार मीटर से कम लंबी और 1200सीसी के पेट्रोल इंजन वाली कारों पर 28 प्रतिशत के ऊपर एक प्रतिशत उपकर लगेगा। 1500 सीसी से कम क्षमता वाली छोटी डीजल कारों पर जीएसटी की शीर्ष दर के ऊपर तीन प्रतिशत उपकर लगेगा। इसी प्रकार मध्यम आकार की कारों, एसयूवी और लक्जरी कारों पर 28 प्रतिशत की जीएसटी दर के ऊपर 15 प्रतिशत की दर से उपकर लगेगा।

बसों और ऐसे वैन जिनमें 10 से ज्यादा लोग बैठक सकते हैं उनपर भी इसी दर से उपकर लागू होगा। 1500सीसी इंजन क्षमता से अधिक की हाइब्रिड कारों पर भी शीर्ष जीएसटी दर के ऊपर 15 प्रतिशत की दर से उपकर लगाया जायेगा।

पान मसाला गुटखा पर 204% उपकर
पान मसाला गुटखा पर जीएसटी की शीर्ष दर के ऊपर 204 प्रतिशत की दर से उपकर लगेगा। केन्द्र और राज्यों के बीच अहितकर और लक्जरी सामानों पर 28 प्रतिशत की शीर्ष दर के ऊपर उपकर लगाने पर सहमति बनी है। तंबाकू उत्पादों पर 71 से 204 प्रतिशत की दर से उपकर लगाया जायेगा।

इसके अलावा खुश्बूदार जर्दा और फिल्टर खैनी पर 160 प्रतिशत की दर से उपकर लगेगा। फिल्टर और बिना फिल्टर वाली सिगरेट जिसकी लंबाई 65 मिलीमीटर से अधिक नहीं होगी पर पांच प्रतिशत उपकर लगेगा। इसके ऊपर प्रति 1,000 सिगरेट पर 1,591 रुपये भी लिये जायेंगे। बिना फिल्टर वाली 65 मिलीमीटर से अधिक लेकिन 70 मिलीमीटर से कम लंबी सिगरेट पर शीर्ष दर के ऊपर पांच प्रतिशत जमा 2,876 रुपये का उपकर लगाया जायेगा।

इसी प्रकार फिल्टर सिगरेट पर पांच प्रतिशत जमा 2,126 रुपये प्रति एक हजार सिगरेट की दर से उपकर लगेगा। सिगार पर जीएसटी की शीर्ष दर के ऊपर 21 प्रतिशत या प्रति 1,000 सिगार 4,170 रुपये जो भी अधिक होगा की दर से उपकर लगेगा. ब्रांडेड गुटखा पर 72 प्रतिशत उपकर होगा।

पाइप और सिगरेट में भरे जाने वाले तंबाकू मिश्रण पर 290 प्रतिशत की दर से उपकर लगाया जायेगा। इसके अलावा कोयला, लिग्नाइट और पीट उत्पादन पर प्रति टन 400 रुपये का स्वच्छ ऊर्जा उपकर लगाया जायेगा।

सिनेमा पर 28 प्रतिशत टैक्स रेट
अभी तक घोषित जीएसटी के टैक्स रेट के मुताबिक इंटरटेनमेंट पर सबसे ज्यादा टैक्स रेट हैं। सिनेमा पर सर्विस टैक्स के साथ यह 28 प्रतिशत है, जबकि रेस क्लब टैक्स भी इसके समान ही है। एसी रेस्टोरेंट पर 12 प्रतिशत टैक्स, शराब के साथ एसी रेस्टोरेंट पर यह 18 प्रतिशत होगा। फाइनेंशियल सर्विसेस और टेलीकॉम पर इसकी स्टैंडर्ड रेट 18 प्रतिशत होगी। वहीं फाइव स्टार होटलों पर सर्विस टैक्स 28 प्रतिशत है।

wefornews bureau

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