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ग्रेटर नोएडा में दो इमारतें ढहने से 9 की मौत

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photo credit (ANI)

ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतों के ढहने के मामले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। नौवें मृतक की पहचान नौशाद अहमद के रूप में हुई है। वहीं इस मामले में 24 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

इसमें सोनू, नौशाद, शमशाद, बुज़ुर्ग महिला बेबी त्रिवेदी और प्रियंका त्रिवेदी का शव निकाला गया है। इसके अलावा एक साल की बच्ची पंखुरी त्रिवेदी का भी शव निकाला गया है।

हालांकि, नौशाद का साथी असलम इस हादसे में बच गया। दरअसल, असलम नाम का नौजवान शख्स शाहबेरी की उस छह मंजिला इमारत में मुजाहिद, नौशाद, शमशाद और सोनू के साथ रहता था और पीओपी व पेंट करने का काम करता था।

17 जुलाई की रात बिल्डिंग गिरने से महज कुछ मिनट पहले असलम कुछ सामान लेने बिल्डिंग से बाहर चला गया और जब तक लौटा तब तक आसमान छूती 6 मंजिला इमारत जमींदोज हो चुकी थी।

साथियों के बचने की उम्मीद में असलम मलबे के ढेर में एनडीआरएफ और पुलिस वालों के साथ अपने जिंदा साथियों की तलाश करता रहा, लेकिन उसके 4 साथियो में से 3 मलबे के ढेर से बाहर तो आये लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।

सोनू, नौशाद और शमशाद का बेजान शरीर मलबे के ढेर से निकाला गया और अब असलम लगातार अपने साथी मुजाहिद की तलाश कर रहा है जिनका अभी तक कोई पता नहीं चला।

बिल्डिंग गिरने के इस मामले में योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा के प्रोजेक्ट मैनेजर बीपी सिंह और असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर अब्बास जैदी को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। मामले की जांच मेरठ आयुक्त को सौंप दी गई है और 15 दिन में जांच पूरा करने के निर्देश हैं।

योगी ने आरोपी अफसरों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में विभा चहल को ओएसडी पद से हटाया गया है, उन्हें एपीसी शाखा में भेज दिया गया है।

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हिमाचल में बारिश से अब तक 16 मौतें

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फाइल फोटो

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है। पिछले 24 घंटों में हुई बारिश में 16 लोगों की जान जा चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक, 17 अगस्त तक बारिश का कहर जारी रहेगी।

6 नैशनल हाईवे बुरी तरह से प्रभावित

प्रदेश में 6 नैशनल हाईवे बुरी तरह बाधित हैं। इनके अलावा हिमाचल के भीतरी कस्बों और गांवों को जोडऩे वाली कुल 923 सड़कों पर यातयात बाधित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा… 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों के प्रति शोक जाहिर करते हुए कहा कि उनके पास मृतकों का औपचारिक आंकड़ा 16 है। इसके अलावा प्रदेश में भारी स्तर पर आर्थिक नुक्सान की खबर है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि अभी तक बारिश में तकरीबन 775 करोड़ रुपए का कुल नुक्सान हुआ है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में हुई जानमाल की क्षति के बाद युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी है। साथ ही साथ प्रदेश की तमाम बाधित सड़कों को भी फौरी तर पर खोलने का काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों से निकलने से बचें, साथ ही जिन रास्तों में दिक्कत है, उन रास्तों पर यात्रियों को सचेत करें। उन्होंने कहा कि इस आपात घड़ी में लोग सूझबूझ से काम लें। जितना हो सके यात्रा करने से बचें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा क्षति मार्गों को पहुंची है। लिहाजा उन्हें ठीक करने का काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने जारी की 96 करोड़ रुपए की राशि

प्रदेश में जो जानमाल की क्षति पहुंची है। उसमें फौरी राहत के तौर पर मुख्यमंत्री ने 96 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा नुक्सान सड़कों को पहुंचा है। लिहाजा उन्हें ठीक करने काम चल रहा है। प्रदेश में तकरीबन सभी एन.एच. पर यातायात बाधित है। शिमला-कालका और पठानकोट मंडी पर भी यातायात ठीक ढंग से चालू नहीं हो पाया है।

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जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर भूस्खलन के बाद यातायात बाधित

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File Photo

रामबन और उधमपुर जिलों में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलनों की वजह से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया।

यातायात अधिकारी ने बताया कि उधमपुर में भूस्खलन और रामबन जिले में कई स्थानों पर पत्थर ढहने की घटना की वजह से राजमार्ग को बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘राजमार्ग के कई क्षेत्रों में अभी भी भारी बारिश हो रही है।

सड़कों को साफ करने का अभियान बारिश बंद होने के बाद तत्काल शुरू किया जाएगा। राजमार्ग को सोमवार को नौ घंटों की भारी बारिश के बाद यातायात के लिए खोला गया था।

–आईएएनएस

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नक्सलियों ने 3 युवकों को जलाया जिंदा

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प्रतीकात्मक फोटो

सिरसागंज के कठफोरी के ट्रक मालिक को गाजियाबाद से रायपुर जाने का भाड़ा मिला तो उसने अपने भाई सहित एक अन्य चालक और हेल्पर को ट्रक के साथ माल ले जाने के लिये भेज दिया, लेकिन सोमवार को खबर आयी कि रायपुर से कुछ पहले तीन शव मिले हैं। यह तीनों शव यहां से ट्रक लेकर गए युवकों के बताए जा रहे हैं। ये तीनों नक्सली हमले का शिकार हुए हैं।

कठफोरी निवासी अंजू पुत्र हरिदत्त अपना ट्रक भाड़े पर चलाते हैं। चार अगस्त को उन्हे गाजियाबाद से रायपुर छत्तीसगढ मैटी ले जाने का भाड़ा मिला तो उन्होंने अपने भाई संजू बघेल (28) , दिनेश (32) पुत्र गंगादास निवासी कठफोरी और राजकिशोर (30) पुत्र रामचंद्र निवासी सिरसागंज को ट्रक लेकर कठफोरी से गाजियाबाद भेज दिया।

तीनों लोग गाजियाबाद से माल लाद कर रायपुर के लिये रवाना हो गये। सात अगस्त को जब अंजू ने अपने भाई संजू बघेल से बात की तो संजू ने बताया कि वह रायपुर से बीस किलो मीटर दूर रह गया है और एक दो घंटे में गोदाम तक पहुंच जाऐगा। लेकिन उसके बाद से ही तीनों के मोबाइल काम करना बंद हो गये। सात अगस्त की शाम से किसी से कोई संपर्क नहीं हो सका तो अंजू के साथ अन्य लडकों के परिवारीजन भी रायपुर के लिये रवाना हो गये।

अंजू ने बताया कि वहां पर पुलिस हमारे मामले की घटना की रिपोर्ट लिखने को तैयार ही नहीं थी। किसी तरह से अंजू ने अपनी रिपोर्ट रविवार की रात में दर्ज करायी लेकिन सोमवार की सुबह दस बजे पुलिस को रायपुर से बीस किलोमीटर पहले ही एक नाले के नीचे तीन जले हुऐ शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे अंजू ने तीनों शवों की पहचान कर ली है। जबकि माल से लदा ट्रक गायब है।

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