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शिरडी सांई की समाधि के 100 साल पूरे, जानिये दशहरे से क्‍या है जुड़ाव…

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Sai Baba
प्रतीकात्मक तस्वीर

सांई बाबा की समाधि के सौ वर्ष पूरे हो गए है। इस खास अवसर पर शिरडी में तीन दिवसीय शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसमें दुनियाभर से लाखों श्रृद्धालुओं के शिरडी आने की संभावना है। कहा जा रहा है कि 19 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आयोजन में शिरकत कर सकते हैंं। इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर 1918 को सांई बाबा ने शिरडी में समाधि ली थी और इस दिन दशहरे का शुभ अवसर भी था। उस दिन से हर साल शिरडी में दशहरे पर विशेष आयोजन किया जाता है। बता दें कि साईंबाबा ट्रस्ट की स्थापना 1922 में मात्र 3,200 रुपए में की गई थी वहीं आज इसकी सालाना आय 371 करोड़ रुपए है।

माना जाता है कि कुछ दिनों तक शिरडी में रहकर साईं एक दिन किसी से कुछ कहे बिना अचानक वहां से चले गए और फिर कुछ सालों बाद साई फिर शिरडी में पहुंचे। इस खास अवसर पर पूरा शिरडी रोशनी से जगमगा उठा। लोगों को प्रेम और भाईचारे की सीख देने वाले साईं बाबा के भक्त दुनिया के कोने-कोने से उनके दर्शन करने के लिए शिरडी आते है। शिरडी में साईं का सबसे विशाल मंदिर है। मान्यता है कि चाहे गरीब हो या अमीर साईं के दर्शन करने इनके दरबार पहुंचा कोई भी शख्स खाली हाथ नहीं लौटता है। इनके दरबार में हर भक्त की मुराद और मन्नतें पूरी होती हैं।

इस मौके पर स्थानीय प्रशासन ने बुधवार से शहर के स्कूल-कॉलेजों में तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। मुंबई के द्वारकामाई भक्त मंडल ने ब्रह्मांड नायक नाम से विष्णु के अवतार की झांकी तैयार की है। 60 फीट की इस झांकी में बीते सौ सालों में भक्तों द्वारा साईं को लेकर महसूस किए गए ईश्वरीय अवतारों को दर्शाया गया है। समापन समारोह में प्रधानमंत्री के शामिल होने की खबर से प्रशासन भी मुस्तैद है और सुरक्षा की चाक-चौबंद के भी कड़े इंतजाम किए गए है।

बता दें प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी के लिए बम स्क्वाड, डॉग स्क्वाड अहमदनगर पुलिस के अलावा दूसरे जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। ड्रोन कैमरे से शिरडी शहर पर नजर रखी जाएगी। मंदिर प्रशासन की तरफ से भी मंदिर परिसर में ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें एक सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा।

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गोवा की राज्यपाल ने परोक्ष रूप से मनमोहन सिंह पर साधा निशाना

राज्यपाल ने कहा, “सुबह जब मैं ध्यान कर रही थी तो महसूस किया कि कुछ नेता ‘एक्सिडेंटल’ हैं। वे अचानक (नेता) बने हैं। एक्सिडेंटल नेता ..”

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पणजी, 18 जनवरी | गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर एक परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि ‘कुछ नेताओं को दूसरों की बदौलत पद मिल जाते हैं और उन्हें पद पर बनाए रखने की कुछ मजबूरियां होती हैं, चाहे भले ही वे अच्छा काम करें या नहीं करें।’ राज्यपाल ने गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित महिला नेतृत्व संगोष्ठी में ‘पाथवेज टू रिजिलिएंट’ विषय पर बोलने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ‘एक्सिडेंटल लीडर’ को आसीन करते समय यह नहीं सोचा गया कि वह मुद्दों, विषयों की बारीकियों को समझता है या नहीं और ऐसा करने के पीछे सिर्फ कुछ मजबूरियां होती हैं।

हालांकि, उन्होंने मनमोहन सिंह का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पूर्व प्रधानमंत्री पर बनी बायोपिक ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ विवादों में हैं और सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच वाक्युद्ध छिड़ गया है।

सिन्हा ने कहा, “कई प्रकार के नेता होते हैं, उनमें से कुछ ‘एक्सिडेंटल’ भी हैं और दूसरों की बदौलत पद पर काबिज हो जाते हैं।”

उन्होंने मौजूद लोगों से कहा, “उन्हें (नेता) बनाया जाता है और कुछ काम करने के लिए कहा जाता है। वह कितना काम कर सकते हैं, काम हुआ या नहीं, उनमें काबिलियत है या नहीं, उसने मुद्दों के समझा या अध्ययन किया या नहीं..इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। ऐसा करने के पीछे सिर्फ कुछ मजबूरियां होती हैं।”

उन्होंने कहा कि संगोष्ठी में वह किस विषय पर वह बोलेंगी, इस पर उन्होंने विचार किया और चिंतन किया कि कितने तरह के नेता होते हैं।

राज्यपाल ने कहा, “सुबह जब मैं ध्यान कर रही थी तो महसूस किया कि कुछ नेता ‘एक्सिडेंटल’ हैं। वे अचानक (नेता) बने हैं। एक्सिडेंटल नेता ..”

हालांकि, राज्यपाल ने कहा कि यहां तक कि अचानक पद पर काबिज कर दिए जाने के बाद एक नेता भी अंतत: नेतृत्व की स्थिति में आने के बाद अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग हो जाता है।

उन्होंने कहा कि एक नेता को संवेदनशील होना चाहिए और अगर उस शख्स में दूसरों की पीड़ा को समझने की काबिलियत नहीं है तो फिर वह सफल नेता नहीं बन सकता।

फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके संजय बारू द्वारा लिखी गई किताब पर आधारित है। 11 जनवरी को फिल्म रिलीज होने के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ता कुछ राज्यों में इसका विरोध कर रहे हैं।

फिल्म में मनमोहन सिंह की भूमिका में अभिनेता अनुपम खेर हैं।

–आईएएनएस

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राकेश अस्थाना बीसीएसी के महानिदेशक नियुक्त

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rakesh asthana
फाइल फोटो

राकेश अस्थाना का सीबीआई के विशेष निदेशक का कार्यकाल खत्म करने के एक दिन बाद सरकार ने उन्हें नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) का नया महानिदेशक नियुक्त किया।

एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने राकेश अस्थाना को बीसीएएस के महानिदेशक के रूप में दो साल के लिए नियुक्त किया है।

इस पद को अस्थायी रूप से डीजी स्तर का बनाया गया है। उनका कार्यकाल पदभार संभालने की तिथि से या फिर अगले आदेश, जो भी पहले होगा, से प्रभावी होगा।

इसके एक दिन पहले अस्थाना के सीबीआई के विशेष निदेशक के कार्यकाल को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। अस्थाना के अलावा सरकार ने सीबीआई के तीन अन्य अधिकारियों के कार्यकाल भी समाप्त कर दिए, जिन्हें वर्मा के साथ लड़ाई के दौरान अस्थाना का करीबी माना जाता था।

सरकार ने 23 अक्टूबर को अस्थाना को आलोक वर्मा के साथ जबरन छुट्टी पर भेज दिया था, और उनके अधिकार छीन लिए थे। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

–आईएएनएस

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यूरेनियम आयात के लिए भारत ने उज्बेकिस्तान संग किया करार

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(Photo: IANS/MEA)

भारत ने उज्बेकिस्तान से यूरेनियम के आयात के लिए उज्बेकिस्तान के साथ एक करार किया। करार वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2019 के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद किया गया।

उज्बेकिस्तान में आवासीय और सामाजिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भारत से वित्तपोषण के लिए 20 करोड़ डॉलर कर्ज के एक समझौते पर भी दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों नेता भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए लंबी अवधि तक यूरेनियम अयस्क की आपूर्ति के लिए भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग और उज्बेकिस्तान गणराज्य की नोवोई मिनरल्स एंड मेटलर्जिकल कंपनी के बीच हुए करार के साक्षी बने।”

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, 2018 में मिर्जियोयेव के भारत दौरे के दौरान लिए गए विभिन्न फैसलों की दिशा में हुई प्रगति और कार्यान्वयन पर मोदी ने संतोष जताया।

राष्ट्रपति के राजकीय दौरे के दौरान गुजरात और उज्बेकिस्तान के आंदीजान के बीच सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर किए गए हस्ताक्षर का जिक्र करते हुए मोदी ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के दौर से उज्बेकिस्तान और भारत के बीच और आंदीजान-गुजरात के बीच सहयोग में आगे और मजबूती आएगी।

फार्मास्युटिकल सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए आंदीजान में उज्बेक-भारतीय फार्मास्युटिकल जोन विकसित किया जा रहा है। उज्बेकिस्तान का दक्षिण-पूर्वी इलाका आंदीजान किर्गिस्तान की सीमा के पास स्थित है।

भारत, उज्बेकिस्तान को मुख्य रूप से मेकेनिकल उपकरण, वाहन, ऑप्टिकल इंस्ट्रमेंट और उपकरणों का निर्यात करता है। इसके अलावा भारत के निर्यात में सेवा क्षेत्र भी शामिल है।

मिर्जियोयेव ने मोदी को बताया कि उज्बेकिस्तान भारत से निवेश आकर्षित करने को भी उच्च वरीयता देता है। उन्होंने कहा कि आईटी, शिक्षा, फार्मास्युटिकल, स्वास्थ्य देखभाल, कृषि व्यवसाय और पर्यटन जैसे कुछ प्राथमिकता के क्षेत्र हैं, जिनमें उज्बेकिस्तान भारत के साथ सहयोग की अपेक्षा रखता है।

मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में 12-13 जनवरी के दौरा हुई पहली भारत-मध्य एशिया वार्ता में सहयोग के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का आभार जताया। इस वार्ता के दौरान अफगानिस्तान में शांति और विकास के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण बातचीत हुई।

–आईएएनएस

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