Connect with us
kapil-sibal kapil-sibal

चुनाव

राष्ट्रपति पद को जातिवादी प्रतीकों से बचाना ज़रूरी है

आज यदि अम्बेडकर हमारे बीच होते तो वो इस पद के लिए आदर्श व्यक्ति होते। इसलिए नहीं कि वो दलित थे, बल्कि वो जातिवाद, कट्टरवाद और धर्मान्धता के धुर-विरोधी थे। यही वो संवैधानिक मूल्य हैं जिन्हें हमें बढ़ावा देना चाहिए।

Published

on

राजनीति में प्रतीक या निशान कुछ ख़ास तरह के बयान और मानसिकता को भी प्रदर्शित करते हैं। ये जोश भी भरते हैं तो कमज़ोर भी बनाते हैं। राजनीति के विपरीत, कारोबारी जगत में यही प्रतीक ‘ब्रॉन्ड’ बनकर अपनी गुणवत्ता को उभारते हैं। कई बार ‘ब्रॉन्ड’ से ही वस्तु की क्वालिटी और दाम का अहसास भी होता है। ग़रीबों के पास तो चुनने के लिए भी बहुत सीमित विकल्प होते हैं।

जब कोई पार्टी देश के सर्वोच्च पद के लिए अपना उम्मीदवार चुनती है, तो उसमें क्या ख़ासियत होनी चाहिए? सबसे पहले तो ऐसे उम्मीदवार में उन सारी बातों का प्रतिबिम्ब होना चाहिए जो हमारे देश की बुनियादी विशेषता है। मसलन, उसे उदार, समावेशी, सहिष्णु और सबको जोड़ने वाला व्यक्ति होना चाहिए। इसके बाद उसकी शख़्सियत ऐसी होनी चाहिए कि उसे देश के सुदूर इलाकों में ही नहीं बल्कि देश से बाहर भी लोग सम्मान से देखें।

दिखावेबाज़ी से मायूसियाँ पनपती हैं। आज यदि अम्बेडकर हमारे बीच होते तो वो इस पद के लिए आदर्श व्यक्ति होते। इसलिए नहीं कि वो दलित थे, बल्कि वो जातिवाद, कट्टरवाद और धर्मान्धता के धुर-विरोधी थे। यही वो संवैधानिक मूल्य हैं जिन्हें हमें बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने जाति-वर्ण आधारित उस सामाजिक ताने-बाने के ख़िलाफ़ विद्रोह करते हुए ही बौद्ध धर्म की ओर पलायन किया था, जो समाज में ग़ैर-बराबरी और असहिष्णुता को बढ़ावा देती है। उन्हें भी अपनी ज़िन्दगी में इसका ज़बरदस्त दंश झेलना पड़ा था।

मैं इस बात से चिन्तित हूँ कि राम नाथ कोविन्द की उम्मीदवारी को ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे इससे दलितों की सशक्तिकरण होगा। ऐतिहासिक रूप से बीजेपी, दलित-विरोधी रही है। इसीलिए अब वो कोविन्द रूपी मुखौटे की बदौलत ख़ुद को दलितों का हमदर्द दिखाना चाहती है। अमित शाह का नक्सलबाड़ी और वाराणसी में दलितों के घर भोजन करना भी ऐसा ही दिखावा ही है। विपक्ष को इस मौक़े का फ़ायदा उठाकर बीजेपी को बेनक़ाब करना चाहिए।

विपक्ष को हाल की उन घटनाओं को आगे लाने चाहिए जिसमें दलितों को हिंसा का निशाना बनाया गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों ही राज्यों में ऐसी घटनाएँ सबसे अधिक होती हैं। आँकड़े बताते हैं कि गुजरात में दलितों पर अत्याचार से जुड़े अपराधों की राज्य के कुल अपराधों में हिस्सेदारी 163 फ़ीसदी है। राजस्थान के कुल अपराधों में 65 फ़ीसदी तक दलित उत्पीड़न के मामले हैं। हमें बिहार के राज्यपाल राम नाथ कोविन्द से पूछना चाहिए कि बिहार में दलित उत्पीड़न की रोकथाम के लिहाज़ से उनकी क्या उपलब्धि है?

Image result for गुजरात के उना में गोरक्षकों ने बर्बरता

गुजरात के उना में गोरक्षकों ने बर्बरता

गुजरात और मध्य प्रदेश में तो बीजेपी अरसे से सत्ता में है। लेकिन दलित उत्पीड़न के लिहाज़ से इनकी दशा सबसे ख़राब है। गुजरात के उना में गोरक्षकों ने बर्बरता के बावजूद प्रधानमंत्री की ख़ामोशी ये बताने के लिए काफ़ी है कि बीजेपी किस तरह से दलितों की हमदर्द होने का दिखावा करती है। मध्य प्रदेश के सिहोर में दबंगों ने दलितों की ज़मीन पर ज़बरन कब्ज़ा कर लिया तो 50 पीड़ित परिवारों ने इच्छा-मृत्यु की माँग की थी। किसी को पता है कि दोषियों के ख़िलाफ़ शिवराव सिंह चौहान ने क्या कार्रवाई की? हरियाणा के फ़रीदाबाद में 2015 में पुलिस की भारी तैनातगी के बावजूद दो दलित बालकों को मार डाला गया। इससे अधिक शर्मनाक और क्या होगा!

Image result for नागौर में मई 2016 में तीन दलितों को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला गया

राजस्थान के नागौर में मई 2016 में तीन दलितों को टैक्टर से कुचलकर मार डाला गया। इसके जवाब में राजस्थान सरकार ने क्या कार्रवाई की? ‘मेरा जन्म ही मेरी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा हादसा है’, ऐसा कहकर रोहित वेमुला ने जनवरी 2016 में आत्महत्या कर ली। ये वाक़या इस बात की गवाही देता है कि हमारे विश्वविद्यालयों में जातिवादी जहर ने किस क़दर सेंधमारी कर ली है। रोहित का क़सूर सिर्फ़ इतना था कि वो अम्बेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन का सदस्य था, वो याक़ूब मेमन की फाँसी देने के ख़िलाफ़ था और उसने दिल्ली विश्वविद्यालय में डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘मुज़फ़्फ़रनगर बाक़ी है’ को दिखाये जाने से रोकने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की निन्दा की थी।

Image result for भीम सेना जंतर-मंतर

विद्यार्थी परिषद ने कथित तौर पर उससे हाथापायी की थी और उसकी गतिविधियों को देश-द्रोही बताते हुए केन्द्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय से शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत को तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी के पास भेज दिया। फिर इन सभी को सन्तुष्ट करने के लिए हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने रोहित को न सिर्फ़ निलम्बित कर दिया बल्कि उसकी सात महीने की फेलोशिप को भी रोक दिया। अभी हाल ही में भीम सेना ने दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले में ठाकुरों की ओर से दलितों पर किये गये अत्याचार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था। इसीलिए ऐसी असहिष्णुता और हिंसा को नज़रअन्दाज़ करने जब महज़ दिखावे के लिए किसी दलित को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाता है तो बीजेपी की नीयत पर सवाल उठना लाज़िमी है।

रंगनाथ मिश्रा आयोग ने कहा था कि मुसलिम और ईसाई दलितों को भी अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना चाहिए। इस पर ज़ोरदार ऐतराज़ जताते हुए 2010 में राम नाथ कोविन्द ने कथित तौर पर कहा था कि ‘इस्लाम और ईसाईयत तो देश में एलेन [यानी अन्य ग्रह के काल्पनिक प्राणी] की तरह हैं।’ यदि उन्होंने ऐसा बयान दिया था तो उन्हें अल्पसंख्यकों को ये भरोसा दिलाना चाहिए कि यदि वो चुनाव जीते तो देश के लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण करेंगे। यदि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, तो उन्हें इस आशय का स्पष्टीकरण देना चाहिए। अन्यथा, अल्पसंख्यकों में असुरक्षा का भावना घर कर जाएगी। सच तो ये है कि भारत में अन्य ग्रह के काल्पनिक प्राणी यानी एलेन तो वो लोग हैं जो संविधान की भावना के विपरीत हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।

सच्चाई तो ये है कि हरेक 18 मिनट पर भारत में दलितों उत्पीड़न का एक मामला होता है, ऐसे मामलों में 6 फ़ीसदी से कम आरोपियों को ही सज़ा मिल पाती है। इन तथ्यों को देखते हुए राष्ट्रपति के कार्यालय पर ख़ासा दबाव रहेगा, ख़ासकर तब जब वहाँ कोई दलित आसीन हो। सभी जानते हैं कि जातिवादी कुरीतियों और दुराग्रहों में धँसे भारतीय समाज को रातों-रात सुधार पाना नामुमकिन है। मेरी उम्मीद है कि सरकार की भविष्य के ख़तरों पर नज़र अवश्य होगी। प्रधानमंत्री के लिए ये बड़ा मौक़ा है कि वो साबित करें कि उन्हें वाक़ई दलितों की परवाह है, उनसे हमदर्दी है। ताक़ि समाज में ये सन्देश जाए कि दलितों को निशाना बनाने वाले बख़्शे नहीं जाएँगे। गोरक्षकों के ख़िलाफ़ तो अत्यधिक सख़्ती से पेश आने की ज़रूरत है।

योगी आदित्यनाथ को हिदायत दी जानी चाहिए कि वो दलितों के घरों में जाने से पहले वहाँ साबुन-शैम्पू भिजवाने से बाज़ आये। इसी तरह, अपने आराम के लिए सोफ़ा-एसी वग़ैरह लगवाने की प्रवृत्ति भी बन्द होनी चाहिए। सरकार यदि वाक़ई दलितों की ख़ैरख़्वाह बनना चाहती है कि तो उसे सिविल सर्विसेज़ में दलितों के समुचित प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना चाहिए और नौकरियों में आरक्षण की उनकी माँगों को पूरा करना चाहिए। लेकिन क्या मोदी सरकार ने ऐसा करके दिखाने का साहस है? दिखावेबाज़ी और सच्ची हमदर्दी, एक साथ नहीं चल सकते। कारोबार की दुनिया में जो ब्रॉन्ड अपनी छवि पर ख़रा नहीं उतरता है, वो नष्ट हो जाता है। हमें राष्ट्रपति के सर्वोच्च पद को किसी खोखली ब्रॉन्डिंग के हवाले करने से बचना चाहिए। देश के लिए ये बहुत ख़तरनाक़ साबित होगा।

kapil_sibal

By : Kapil Sibal

[अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से साभार। लेखक एक वरिष्ठ काँग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं]

चुनाव

शासन करने वाली सरकारों ने पुडुचेरी के साथ अन्याय किया: पीएम

Published

on

पुडुचेरी में पीएम मोदी ने एक रैली को संबोधित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां के लोगों के साथ विकास में भेदभाव हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत के बाद आजाद होने वाले देश हमसे आगे हैं। पीएम ने कहा कि यह केंद्र शासित राज्य विकास की दौड़ में क्यों पिछड़ा, यह कांग्रेस को बताना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शासन करने वाली सरकारों ने इस धरती के साथ अन्याय किया है। मोदी ने कहा कि भारत के पहले पीएम ने 17 साल देश चलाया, उनकी बेटी ने 14 साल देश पर शासन किया, फिर उनके बेटे ने 5 साल तक देश चलाया, इसके बाद 2004 से 2014 तक यानी पिछले 10 साल में यह परिवार रिमोट कंट्रोल से देश की सरकार चलाता था।

इस तरह एक परिवार ने 48 साल तक देश के शासन को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से चलाया है। हमारी सरकार को इसी साल मई में 48 महीने होने वाले हैं। अब बुद्धिजीवी सोचें कि हमने 48 महीने में क्या किया और उन्होंने 48 साल में क्या किया।

पीएम ने कहा ‘एक जमाने में यहां का टेक्सटाइल सेक्टर इतना समृद्ध था, लेकिन अब उसकी चमक फीकी पड़ गई है। यहां का कॉपरेटिव सेक्टर भी लगभग दम तोड़ रहा है।

पीएम ने आगे कहा कि जब श्री अरविन्द घोष जी अंग्रेजों से बच कर पुदुचेरी आए थे तो आप लागों ने दोनों हाथों से गले लगाकर उन्हें ज्ञान गुरु बनाया। जब कवि भारती उसी माहौल में यहां पधारे तो आपने उनका हृदय से स्वागत किया। पुदुचेरी ने ही उन्हें राष्ट्र कवि बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी श्री वाचिनादन का भी पुदुचेरी ने दिल खोलकर स्वागत किया। राष्ट्र निर्माण के लिए, स्वतंत्रता के लिए पुदुचेरी का योगदान, एक ऐसी विरासत है, जो हमें आज भी गौरवान्वित करता है। गुलामी के उस कालखंड में जिन पत्रिकाओं पर अंग्रेज ये सोचकर रोक लगा देते थे कि उन्हें छापना अपराध है, उनका प्रसार अपराध है, वो पत्रिकाएं पुदुचेरी ने छापी। यहां के लोगों ने एक नहीं बल्कि दो-दो स्वतंत्रता आंदोलनों में हिस्सा लिया है।

पीएम ने कहा कि कांग्रस के नेता दिल्ली में लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन वे पुडुचेरी में सालों से पंचायतों के चुनाव नहीं होने देते हैं। वे जवाब दें कि यहां के लोगों के साथ धोखा क्यों करते हैं? पुडुचेरी में जनता के चुने हुए विधायक को विधानसभा में काम नहीं करने दिया जाता है।

मैं पुडुचेरी के सीएम नारायणसामी को अग्रिम शुभकामना देता हूं कि जून के बाद कांग्रेस में उनका कद बढ़ने वाला है, क्योंकि पूर्वोत्तर और कर्नाटक चुनावों के बाद पूरे देश में अकेले नारायणसामी ही कांग्रेस के सीएम बचने वाले हैं। फिर कांग्रेस उन्हें कंधे पर बिठाकर दिखाएगी कि वह पूरे देश में अकेले कांग्रेसी सीएम बचे हैं।

पीएम ने कहा कि पुडुचेरी में देश को विकास की दिशा देने की क्षमता है। कम कैश वाली अर्थव्यवस्था, पर्यटन में नये आयाम गढ़कर, ईको फ्रेंडी यातायात अपनाकर और 100 फीसदी एलईडी बल्ब अपनाकर यह अपना विकास कर सकता है। यहां की हैरिटेज को संरक्षित करके भी यह राज्य नाम कमा सकता है। दुनिया भर में पुडुचेरी हैरिटेज सिटीज का नेतृत्व कर सकता है। यहां संभावनाएं भी हैं, संसाधन भी हैं। यहां विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन के तहत 85 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। हैरिटेज बचाने के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा रखे गए हैं, यहां बीच रेस्टोरेशन का काम किया जा रहा है। मोदी ने कहा कि उड़ान योजना से भी पुडुचेरी को कनेक्ट करने की पहल की गई है। इससे पुडुचेरी में पर्यटन की तमाम संभावनाएं बढ़ गई हैं। हजारों करोड़ रुपये के निवेश से यहां रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

WeForNews

Continue Reading

चुनाव

मप्र की दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव सम्‍पन्‍न, 28 फरवरी को आएंगे नतीजे

Published

on

mp bypoll
कोलारस-मुंगावली में बीजेपी-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।

मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस और अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा उपचुनाव सख्त सुरक्षा प्रबंधों के बीच मतदान संपन्न हुआ। सुबह 8 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चला। इन दोनों ही सीटों के उपचुनाव के नतीजे 28 फरवरी को आएंगे।

अपराह्न् तीन बजे तक कोलारस में 58.90 प्रतिशत और मुंगावली में 69 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, मतदान को लेकर मतदाताओं में बड़ा उत्साह रहा।

वहीं कुछ स्थानों से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की खबरें मिलीं।

दोनों ही क्षेत्रों में अनेक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लगी हुयी भी दिखायी दीं। कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी की शिकायतें भी आयीं। उन्हें तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से दुरूस्त कराया गया अथवा मशीन को बदल दिया गया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन दोनों स्थानों पर शाम पांच बजे तक मतदान हुआ। कोलारस में 311 मतदान केंद्रों पर एक लाख 13 हजार से अधिक महिलाओं समेत कुल दो लाख 44 हजार 456 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर किया। कोलारस में 22 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा।

इसके अलावा मुंगावली में 264 मतदान केंद्रों पर 88 हजार से अधिक महिलाओं समेत कुल एक लाख 91 हजार नौ मतदाता 13 प्रत्याशियों में से अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। दोनों स्थानों पर वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों का इस्तेमाल हुआ।

कोलारस में मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र जैन और कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव के बीच है। वहीं मुंगावली में भाजपा ने बाईसाहब यादव और कांग्रेस ने ब्रजेंद्र सिंह यादव पर दांव खेला है। पिछले विधानसभा चुनाव में कोलारस से कांग्रेस के रामसिंह यादव और मुंगावली से पार्टी के ही महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने जीत हासिल की थी। दोनों के निधन के कारण उपचुनाव हो रहे हैं।

इन दोनों सीटों पर वापसी के लिए जहां एक ओर कांग्रेस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है, वहीं भाजपा भी आगामी विधानसभा चुनाव के पहले इन सीटों पर कब्जे को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाए हुए है। इस उपचुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है।

ग्वालियर के तत्कालीन सिंधिया राजघराने के प्रभाव में मानी जाने वाली इन दोनों सीटों पर प्रचार की कमान कांग्रेस की तरफ से शुरू से ही सिंधिया और भाजपा की ओर से स्वयं मुख्यमंत्री चौहान ने संभाली हुई थी।

WeForNews

Continue Reading

चुनाव

लुधियाना नगर निगम चुनाव संपन्न

Published

on

Punjab
लुधियाना में नगर निगम चुनाव के लिए मतदान जारी

पंजाब में लुधियाना नगर निगम चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक चला है। वोटिंग दोपहर 2 बजे तक लगभग 43.6 फीसद वोटिंग हो चुकी है।

निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई। नगर निगम की 95 सीटों पर कुल 494 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। नतीजों का ऐलान 27 फरवरी को होगा।

मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन और आम आदमी पार्टी-लोक इंसाफ पार्टी के गठबंधन के बीच है।

लुधियाना में 10.5 लाख से अधिक मतदाता हैं। मतदान के लिए 1,153 मतदान केंद्रों की स्थापना की गई है। इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे जल आपूर्ति, स्वच्छता की कमी, प्रदूषण, खराब सड़कें और खस्ताहाल बुनियादी ढांचा है। शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

WeForNews

Continue Reading
Advertisement
Sridevi
मनोरंजन25 mins ago

मशहूर सैंड आर्टिस्ट ने रेत पर तस्वीर बना श्रीदेवी की दी श्रद्धाजंलि

hooda
राजनीति35 mins ago

खट्टर सरकार पर हुड्डा का हमला, कहा- ‘पूरी तरह चरमरा गई है कानून-व्‍यवस्‍था’

अंतरराष्ट्रीय59 mins ago

अमेरिका साइबर युद्ध की तैयारी में : उत्तर कोरिया

चुनाव1 hour ago

शासन करने वाली सरकारों ने पुडुचेरी के साथ अन्याय किया: पीएम

Sridevi
मनोरंजन2 hours ago

श्रीदेवी के निधन से शोक में डूबा बॉलीवुड

Sridevi_1
मनोरंजन3 hours ago

श्रीदेवी का दुबई में निधन, देर शाम मुंबई लाया जाएगा पार्थिव शरीर, अंतिम संस्‍कार कल

jammu and kashmir
राष्ट्रीय3 hours ago

जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा चौकी पर हमला

rahul gandhi in karnataka
राजनीति3 hours ago

राहुल का मोदी पर प्रहार- ‘नीरव, माल्‍या, ललित मोदी भाग गए, ‘चौकीदार’ ने कुछ नहीं बोला’

sri davi
राष्ट्रीय4 hours ago

ममता ने श्रीदेवी के निधन पर शोक जताया

Sridevi AND Rajnikanth
मनोरंजन4 hours ago

श्रीदेवी के निधन पर रजनीकांत ने कहा- मैंने अपना सबसे गहरा दोस्त खोया

Gandhi Ji
ओपिनियन4 weeks ago

बात महात्मा गांधी की, काम उसके ठीक उलट : राजगोपाल

Tribal Village MP
ब्लॉग3 weeks ago

मप्र : आदिवासियों की बस्ती में न शौचालय बने, न गैस कनेक्शन मिले

Salim
राष्ट्रीय4 weeks ago

कासगंज हिंसा: मुख्य आरोपी सलीम गिरफ्तार

diamond trader Nirav Modi
राष्ट्रीय1 week ago

PNB SCAM : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर की थी ‘मेहुल भाई’ की मेजबानी

Kapil Sibal
ब्लॉग4 weeks ago

बढ़ती असमानता और सिकुड़ती आज़ादी ही अब भारतीय जनतंत्र की पहचान बनी

Petrol & Diesel in GST
ब्लॉग4 weeks ago

आख़िर क्यों मोदी सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को कभी जीएसटी के दायरे में नहीं ला पाएगी?

राष्ट्रीय2 weeks ago

सुंजवान आर्मी कैंप हमले में 6 जवान शहीद

anita
लाइफस्टाइल4 weeks ago

लैक्मे फैशन वीक : अनीता डोंगरे पेश करेंगी ‘समर वेडिंग’ लाइन

DELHI
शहर2 weeks ago

DU की छात्रा के साथ चलती बस में छेड़छाड़, पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर किया अपलोड

Abhishek_
मनोरंजन3 weeks ago

जन्‍मदिन विशेष- अभिषेक बच्‍चन: ऐसा अभिनेता जिनकी फिल्‍में भले ही कुछ ना कर सकीं खास लेकिन अभिनय की हुई हमेशा तारीफ…

SRI DEVI
मनोरंजन7 hours ago

देखिए, श्रीदेवी का आखिरी वीडियो

mumbai
शहर1 day ago

मुंबई: मासूम बच्ची को पलक झपकते कैसे उठा ले गया शख्स, देखें वीडियो

Kapil Sibal
राजनीति1 day ago

NiMo-G पर बोले सिब्बल, अगर RBI ने नहीं की कार्रवाई तो हम करेंगे उसके खिलाफ कार्रवाई!

pm modi
राष्ट्रीय2 days ago

कनाडा और भारत के बीच हुए कई समझौते

murli manohar joshi
शहर3 days ago

कैंची नहीं मिलने पर भड़के जोशी, हाथ से ही उखाड़ा रिबन

IRFAN-KHAN--
मनोरंजन3 days ago

दूसरों को ‘ब्लैक मेल’ करने के चक्कर में खुद ब्लैकमेलर के जाल में फंसे इरफान खान, देखें वीडियो

banaras-hindu-university
राष्ट्रीय3 days ago

BHU में गोडसे के महिमामंडन पर हुआ कार्यक्रम, वीडियो हुआ वायरल, NSUI ने दर्ज कराई शिकायत

JustinTrudeau
राष्ट्रीय3 days ago

कनाडा पीएम अपने परिवार संग पहुंचे जामा मस्जिद

baaghi-2-
मनोरंजन4 days ago

‘बागी 2’ में दिखा टाइगर का जबरदस्त ऐक्शन,देखें वीडियो

poster
शहर5 days ago

RSS से जुड़े पोस्टर में वाल्मीकि और संत रविदास के लिए लिखे ‘अपशब्द’, गुस्से में दलित समाज

Most Popular