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उन्नाव रेप मामले में कुलदीप सिंह सैंगर की गिरफ्तारी को लेकर कटघरे में योगी सरकार!

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उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार में कानून व्यवस्था लचर है इसका जीता जागता मिसाल उन्नाव रेप मामला है। कैसे बीजेपी अपने विधायक कुलदीप सिंह सैंगर को बचाने के लिए ढुलमुल रवैया अपना रही है वो भी उसके खिलाफ जिस पर बलात्कार जैसा संगीन आरोप है। एक बलात्कार पीड़िता जो चीख-चीख कर कह रही है कि उसके साथ रेप हुआ है और प्रशासन के कानों तक जूं तक रेंगा। अभी यूपी में एक तरफ जहां पुलिस अपराधियों की धर पकड़ के लिए कितने एनकाउंटर को अंजाम दे चुकी है! राज्य में अपराधी डरे सहमें थाने में अपने आप सरेंडर करने को मजबूर हो रहे है। यही खबरे लगातार यूपी से हमें सुनने और पढ़ने को मिली है। ऐसा लगा मानों जैसे यूपी में जुर्म अब एक पल भी नहीं ठहर सकता। लेकिन जैसे ही हमारी नजर उन्नाव की घटना पर पड़ती है मानों प्रशासन को सांप सुंघ जाता है। एक ही प्रदेश में प्रशासन का अपराधियों के साथ अलग-अलग बर्ताव को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।

राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनकी ही बात को याद दिलाया जाए तो तो शायद उन्हें इस बात का इल्म होगा कि यूपी में अपराधियों गुंडो के लिए कोई जगह नहीं है। ये बात मैं नहीं बल्कि खुद प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था। हो सकता है आज वो बात उन्हें भले ही याद न हो लेकिन आपकों अपना ही बयान याद दिलाते है जिसमें आप ही ने कहा था- सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे माफिया, अपराधी, लुटेरे ये सबके सब मेहरबानी करके या तो उत्तर प्रदेश छोड़कर चले जाएं और अगर उत्तर प्रदेश में रहेंगे तो फिर उनके लिए सिर्फ दो जगह होंगी, मुझे लगता है कि उस जगह पर कोई भी नहीं जाना चाहेगा। ये बात शायद आप भूल गए हो लेकिन जनता नहीं भूली।

एक बलात्कार पीड़िता जो पिछले एक साल से अपने उपर हुए जुल्म की दास्तां बयां कर रहीं है, दर दर की ठोकरे खा रही है, मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करने की कोशिश कर रहीं है लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। और तो और अपनी बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ता बाप कानून की चौखट पर सलाखों के भीतर दम तोड़ देता है, लेकिन मजलूमों के हक की बात करते मुख्यमंत्री का थोड़ा भी दिल नहीं पसीजता। इतना कुछ हो जाने के बाद भी पीड़िता के बयान पर पुलिस विधायक के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं करती। ये किस तरह की सरकार है?  बीजेपी का ‘सब का साथ सबका विकास’, ‘बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं’ भी महज नारों के नाम ही भेंट चढता दिखाई दे रहा है। प्रशासन का महिला के खिलाफ हुए अत्याचार और बेरुखी इस बात की तस्दीक करता है कि वो एक विधायक के आगे कितना नतमस्तक है!

उन्नाव गैंगरेप मामले में देर से ही सही और काफी छिछालेदर के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ बलात्कार का मामला तो दर्ज कर लिया है लेकिन गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। पीड़िता की मां की तहरीर पर उन्नाव के माखी थाने में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विधायक के खिलाफ माखी थाने में आईपीसी की धारा 363, 366, 376 ,506 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दायर किया है। इससे पहले रेप जैसे गंभीर मामले में कार्रवाई नहीं होने से बुरी तरह घिरी योगी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया था। लेकिन विधायक अभी भी गिरफ्तारी से कोसो दूर है। प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह विधायक की गिरफ्तारी से पल्ला झाड़ते हुए ये कहते है कि अब मामला सीबीआई के हवाले है लिहाजा अब उन्हें गिरफ्तार करना है या नहीं ये भी सीबीआई को तय करना है। लेकिन पुलिस प्रशासन की इस सफाई से कई तरह के सवाल खड़े होते है। ऐसे तमाम अनसुलझे सवाल जो एक यक्ष प्रश्न की तरह है जिसका जवाब किसी के पास नहीं हैं?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्नाव गैंगरेप मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए 12 अप्रैल की सुनवाई की तारीख निर्धारित की थी। कोर्ट ने इस मामले में एक एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया है। आज सुनावाई के दौरान कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा- विधायक की गिरफ्तारी होगी या नहीं?  इसके जबाव में राज्य सरकार ने कहा कि आरोपी विधायक के खिलाफ पीड़ित के पास सबूत ही नहीं है। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया कि वो विधायक को गिरफ्तार नहीं कर सकती। एसआईटी ने कोर्ट से कहा है कि हम विधायक को गिरफ्तार करना चाहते हैं, लेकिन यह मामला अब सीबीआई के पास है इसलिए हम विधायक को गिरफ्तार नहीं कर सकते। एसआईटी की इस दलील से हाईकोर्ट ने काफी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने एसआईटी को फटकार भी लगाते हुए कहा कि अब क्या बैठी रहेगी एसआईटी। इसके बाद इलाबाहाद हाईकोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है। इस पर अब फैसला कोर्ट की तरफ से शुक्रवार की दोपहर 2 बजे सुनाया जाएगा।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में सुनवाई के लिए अगले सप्ताह के लिए राजी हो गई है। पिछले दिनों उन्नाव रेप मामले में याचिकाकर्ता एम एल शर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

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केन्द्र व महाराष्ट्र सरकार के विवाद में पिस रहे प्रवासी श्रमिक : मायावती

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि केन्द्र व महाराष्ट्र सरकार के विवाद में लाखों प्रवासी बुरी तरह से पिस रहे हैं।

मायावती ने ट्वीट कर कहा, “केन्द्र व महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद के कारण लाखों प्रवासी श्रमिक अभी भी बहुत बुरी तरह से पिस रहे हैं जो अति-दु:खद व दुर्भाग्यपूर्ण। जरूरी है कि आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर इन मजलूमों पर ध्यान दें ताकि कोरोना की चपेट में फंसकर इन लोगों की जिन्द्गी पूरी तरह बर्बाद होने से बच सके।”

उन्होंने आगे लिखा, “वैसे भी चाहे बीजेपी की सरकारें हों या फिर कांग्रेस पार्टी की, कोरोना महामारी व लम्बे लॉकडाउन से सर्वाधिक पीड़ित प्रवासी श्रमिकों व मेडिकलकर्मियों के हितों की उपेक्षा व प्रताड़ना जिस प्रकार से लगातार की जा रही है वह भी उचित व देशहित में कतई नहीं है। सरकारें तुरन्त ध्यान दें।”

इसके पहले उन्होंने लिखा था कि “आज पूरे देश में कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ों प्रवासी श्रमिकों की जो दुर्दशा दिख रही है उसकी असली कसूरवार कांग्रेस है क्योंकि आजादी के बाद इनके लम्बे शासनकाल के दौरान अगर रोजी-रोटी की सही व्यवस्था गांव-शहरों में की होती तो इन्हें दूसरे राज्यों में क्यों पलायन करना पड़ता।”

इस पर कांग्रेस ने मायावती पर पलटवार कर उन्हें ‘ट्विटर बहनजी’ बताया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मायावती भाजपा की भाषा बोलती हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने कहा कि ‘ट्विटर बहनजी’ जिस तरह की भाषा और ट्वीट का इस्तेमाल कर रही हैं, उससे साफ पता चलता है कि वह बीजेपी का प्रेस नोट बनाकर भेजती हैं। वह कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रियता पर नाराज महसूस करती हैं।

कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बृजलाल खाबरी आरोप लगाया कि मायावती और दलित विरोधी भाजपा में अंदरखाने समझौता हो गया है और मायावती बीजेपी की अघोषित प्रवक्ता हैं।

–आईएएनएस

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मप्र में किसान की मौत पर कमल नाथ ने शिवराज पर बोला हमला

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ (फाइल फोटो)

भोपाल। मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में मंडी में अपनी उपज बेचने गए किसान की मौत हो गई। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान हमला बोला है। आगर-मालवा जिले के मलवासा निवासी 45 वर्षीय किसान प्रेम सिंह 19 मई को तनोडिया के प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था के केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंच गया, लेकिन वहां तौल प्रक्रिया में हो रहे विलंब और अन्य कारणों से उसकी बारी 25 मई को आई। किसान प्रेम सिंह गेहूं की तुलवाई करा रहा था उसी दौरान उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई।

इस किसान की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोला। कमल नाथ ने कहा, “शिवराज जी, आप समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के भले बड़े-बड़े दावे करें, खूब आंकड़े जारी करें, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। आज किसान भाइयों को अपनी उपज बेचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “उपार्जन केंद्रों पर कहीं बारदाना की कमी है, कहीं तुलाई की व्यवस्था नहीं है, कहीं परिवहन नहीं होने से काम बंद पड़ा है, किसानों को एसएमएस भेजकर बुलाया लिया जाता है। चार-चार दिन भीषण गर्मी में किसान अपनी उपज बेचने के लिए भूखा-प्यासा कई किलोमीटर लंबी कतार में लगा हुआ है, उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।”

कमल नाथ ने किसान प्रेम सिंह की मौत का जिक्र करते हुए कहा, “आगर-मालवा में मलवासा के एक किसान प्रेम सिंह की इसी परेशानियों व अव्यवस्थाओं से दुखद मौत हो गई। इस किसान को 19 मई को उसकी उपज को लेकर झलारा उपार्जन केंद्र पर बुलाया गया था। चार दिन इंतजार के बाद उसके उपार्जन केंद्र को परिवर्तित कर उसे तनोड़िया बुलाया गया। 25 मई को छह दिन बाद जब उसका नंबर आया, तब अपनी फसल बेचने को लेकर भीषण गर्मी में निरंतर भटक रहे, तनाव झेल रहे किसान प्रेम सिंह की दुखद मृत्यु हो गई। खरीदी की अव्यवस्थाओं से हुए तनाव से इस किसान की जान चली गई। इसकी जिम्मेदार सरकार व उसकी नीतियां हैं।”

कमल नाथ ने आगे आरोप लगाया कि ऐसे ही कई किसान लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं, अपनी उपज बेचने के लिए निरंतर भटक रहे हैं, तनाव झेल रहे हैं। सरकार सिर्फ झूठे दावे में लगी हुई है, जमीनी धरातल पर स्थिति विपरीत है। सरकार इस मृत किसान के परिवार की हर संभव मदद करे व इस किसान की मौत के जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।

–आईएएनएस

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राहुल ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- ‘पूरी तरह फेल हुआ लॉकडाउन’

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रेस को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि लॉकडाउन पूरी तरह से फेल हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महीने पहले कहा था कि हम 21 दिन में कोरोना वायरस को हरा देंगे, लेकिन अब 60 दिन बाद हमारे देश में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है और लॉकडाउन को हटाया जा रहा है। राहुल बोले कि लॉकडाउन का मकसद पूरी तरह से फेल हो गया है।

राहुल गांधी बोले कि लॉकडाउन के चार चरणों में वो नतीजे नहीं मिले हैं, जो पीएम ने उम्मीद की थी। ऐसे में अब हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि सरकार आगे क्या करेगी, क्योंकि लॉकडाउन फेल हो गया है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूरी दुनिया जब लॉकडाउन हटा रही है तो वहां केस कम हो रहे हैं, लेकिन हमारे यहां केस बढ़ रहे हैं और लॉकडाउन हट रहा है। राहुल ने सवाल किया कि पीएम मोदी गरीबों के लिए, किसानों के लिए क्या कर रहे हैं उसका जवाब दे दें।

कांग्रेस नेता ने निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को सच्चाई माननी चाहिए, क्योंकि कहा गया था कि 21 दिन में सब ठीक होगा लेकिन 60 दिन हो गए हैं।

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